{"_id":"614f6e028ebc3e0c16517934","slug":"lawyers-uproar-over-rejection-of-filing-even-after-objection-khatauli-news-mrt557901230","type":"story","status":"publish","title_hn":"आपत्ति दर्ज करने पर भी दाखिल खारिज करने पर वकीलों का हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आपत्ति दर्ज करने पर भी दाखिल खारिज करने पर वकीलों का हंगामा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आपत्ति के बाद भी दाखिल खारिज करने पर वकीलों का हंगामा
मुजफ्फरनगर, जानसठ। तहसील में जमीन के बैनामे में आपत्ति दर्ज कराने के बावजूद भी कानूनगो दफ्तर में एक कर्मचारी ने दाखिल खारिज के लिए तहसीलदार से हस्ताक्षर करा दिए और जमीन का दाखिल खारिज करा दिया। जिसका पता चलने पर वकीलों में आक्रोश फैल गया। आक्रोशित वकीलों ने तहसील में हंगामा खड़ा कर दिया। हंगामे को लेकर तहसील कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई।
बता दें कि तहसील क्षेत्र के एक गांव में दो पक्षों के बीच विवाद के चलते एक पक्ष ने जमीन का बैनामा कर दिया। दूसरे पक्ष के लोगों को पता चला तो, उस पक्ष ने वकील के माध्यम से जमीन के बैनामे का दाखिल खारिज रोकने को आपत्ति दर्ज करा दी। आरोप है कि आपत्ति दर्ज कराने के बावजूद कानूनगो दफ्तर के एक कर्मचारी ने तहसीलदार के समक्ष फाइल प्रस्तुत कर जमीन का दाखिल खारिज करा दिया। जिसकी जानकारी आपत्ति करने वाले अधिवक्ता को लग गई। जिसको लेकर अन्य कुछ अधिवक्ताओं में भी आक्रोश फैल गया। वकील एकत्र होकर तहसील में पहुंचे। वकीलों ने तहसील में हंगामा खड़ा कर दिया। जिसको लेकर तहसील कर्मचारियों में भी अफरातफरी मच गई थी। उधर, इस संबंध में तहसीलदार अभयराज पांडेय का कहना है कि उनको आपत्ति दर्ज कराने की जानकारी नहीं थी। इस संबंध में जांच पड़ताल कराई जाएगी। वहीं बार संघ अध्यक्ष अजय कुमार पंत व सचिव योगेश भेटवाल का कहना है कि तहसील में इस तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर, जानसठ। तहसील में जमीन के बैनामे में आपत्ति दर्ज कराने के बावजूद भी कानूनगो दफ्तर में एक कर्मचारी ने दाखिल खारिज के लिए तहसीलदार से हस्ताक्षर करा दिए और जमीन का दाखिल खारिज करा दिया। जिसका पता चलने पर वकीलों में आक्रोश फैल गया। आक्रोशित वकीलों ने तहसील में हंगामा खड़ा कर दिया। हंगामे को लेकर तहसील कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई।
बता दें कि तहसील क्षेत्र के एक गांव में दो पक्षों के बीच विवाद के चलते एक पक्ष ने जमीन का बैनामा कर दिया। दूसरे पक्ष के लोगों को पता चला तो, उस पक्ष ने वकील के माध्यम से जमीन के बैनामे का दाखिल खारिज रोकने को आपत्ति दर्ज करा दी। आरोप है कि आपत्ति दर्ज कराने के बावजूद कानूनगो दफ्तर के एक कर्मचारी ने तहसीलदार के समक्ष फाइल प्रस्तुत कर जमीन का दाखिल खारिज करा दिया। जिसकी जानकारी आपत्ति करने वाले अधिवक्ता को लग गई। जिसको लेकर अन्य कुछ अधिवक्ताओं में भी आक्रोश फैल गया। वकील एकत्र होकर तहसील में पहुंचे। वकीलों ने तहसील में हंगामा खड़ा कर दिया। जिसको लेकर तहसील कर्मचारियों में भी अफरातफरी मच गई थी। उधर, इस संबंध में तहसीलदार अभयराज पांडेय का कहना है कि उनको आपत्ति दर्ज कराने की जानकारी नहीं थी। इस संबंध में जांच पड़ताल कराई जाएगी। वहीं बार संघ अध्यक्ष अजय कुमार पंत व सचिव योगेश भेटवाल का कहना है कि तहसील में इस तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन