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गायकी का कोहिनूर थी लता मंगेशकर : डा. नवाज
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डा. नवाज देवबंदी
- फोटो : DEVBAND
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गायकी का कोहिनूर थी लता मंगेशकर : डा. नवाज
देवबंद (सहारनपुर)। प्रख्यात शायर डॉ. नवाज देवबंदी ने स्वर कोकिला के निधन पर गहरा दुख जताया। कहा कि लता जी गायकी का कोहिनूर थी। उनकी आवाज कभी खामोश नहीं होगी। उनका निधन फिल्मी दुनियां या गायकी का नहीं बल्कि मुल्क की धरोहर का नुकसान है।
डॉ. नवाज देवबंदी ने बताया कि उनकी लता मंगेशकर से मुंबई के एक मुशायरे और उसके बाद उनके घर पर मुलाकात हुई थी। उन्होंने कहा कि लता मंगेशकर ने जिस पाकीजगी के साथ जिंदगी गुजारी है, वह जिंदगी विरले ही गुजार सकते हैं। उन्होंने लता मंगेशकर को भारत के माथे का ताज, इतिहास की धरोहर और करोड़ों लोगों के दिलों की धड़कन बताया। कहा कि लता दीदी ने जिस गाने को अपनी आवाज दी, वह गाना आज उनके जाने के बाद भी सदियों तक लोगों की जुबान पर गुनगुनाया जाता रहेगा। उन्होंने लता मंगेश्कर को खिराज-ए-अकीदत पेश करते हुए कहा कि जिंदगी ऐसी जीयो, दुश्मनों को रश्क हो। मौत हो ऐसी के दुनियां देर तक मातम करें। डॉ. नवाज बताया कि लता मंगेशकर जैसा बड़ा फनकार अपनी व्यक्तिगत जिंदगी में इतना सादा हो सकता है, देखकर हैरत होती थी। उन्होंने कहा कि कुदरत ने हर मुल्क को कुछ न कुछ तोहफे दिए हैं, उनमें से एक तोहफा लता मंगेशकर की आवाज का जादू है। वरिष्ठ लेखक कमल देवबंदी ने भी लता दीदी के निधन को देश के लिए अपूर्णीय क्षति बताते हुए श्रद्धांजलि दी।
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देवबंद (सहारनपुर)। प्रख्यात शायर डॉ. नवाज देवबंदी ने स्वर कोकिला के निधन पर गहरा दुख जताया। कहा कि लता जी गायकी का कोहिनूर थी। उनकी आवाज कभी खामोश नहीं होगी। उनका निधन फिल्मी दुनियां या गायकी का नहीं बल्कि मुल्क की धरोहर का नुकसान है।
डॉ. नवाज देवबंदी ने बताया कि उनकी लता मंगेशकर से मुंबई के एक मुशायरे और उसके बाद उनके घर पर मुलाकात हुई थी। उन्होंने कहा कि लता मंगेशकर ने जिस पाकीजगी के साथ जिंदगी गुजारी है, वह जिंदगी विरले ही गुजार सकते हैं। उन्होंने लता मंगेशकर को भारत के माथे का ताज, इतिहास की धरोहर और करोड़ों लोगों के दिलों की धड़कन बताया। कहा कि लता दीदी ने जिस गाने को अपनी आवाज दी, वह गाना आज उनके जाने के बाद भी सदियों तक लोगों की जुबान पर गुनगुनाया जाता रहेगा। उन्होंने लता मंगेश्कर को खिराज-ए-अकीदत पेश करते हुए कहा कि जिंदगी ऐसी जीयो, दुश्मनों को रश्क हो। मौत हो ऐसी के दुनियां देर तक मातम करें। डॉ. नवाज बताया कि लता मंगेशकर जैसा बड़ा फनकार अपनी व्यक्तिगत जिंदगी में इतना सादा हो सकता है, देखकर हैरत होती थी। उन्होंने कहा कि कुदरत ने हर मुल्क को कुछ न कुछ तोहफे दिए हैं, उनमें से एक तोहफा लता मंगेशकर की आवाज का जादू है। वरिष्ठ लेखक कमल देवबंदी ने भी लता दीदी के निधन को देश के लिए अपूर्णीय क्षति बताते हुए श्रद्धांजलि दी।
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