मुजफ्फरनगर थप्पड़ कांड: टीआईएसएस ने जानी अब तक की कार्रवाई, शारदेन और नेहा पब्लिक स्कूल का भ्रमण आज
टीआईएसएस की विशेषज्ञ रथिस ऐश्वर्या, अर्पिता, अपर्णा जोशी और अब्दुल शाबान ने खुब्बापुर पहुंचकर छात्र की काउंसिलिंग की थी। सोमवार सुबह चारों विशेषज्ञों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय पहुंचकर छात्र की काउंसिलिंग करने वाले मनोचिकित्सक डॉ. अर्पण जैन और कपिल आत्रेय के साथ बात की। इस दौरान अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार मौजूद रहे।
इसके बाद टीआईएसएस के विशेषज्ञ अब्दुल शाबान और अपर्णा जोशी लौट गए। दोपहर में मुजफ्फरनगर पहुंचीं टीआईएसएस चेयरपर्सन प्रोफेसर पद्मा एम. सारंगपाणि ने विकास भवन सभागार में डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी और बाल कल्याण समिति के चेयरमैन डॉ. राजीव कुमार के साथ बैठक कर जानकारी जुटाई। इस दौरान बेसिक शिक्षा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर राजेंद्र सिंह, परियोजना विशेषज्ञ गुरविंदर सिंह, बीएसए शुभम शुक्ला, खंड शिक्षा अधिकारी शाहपुर संजय भारती भी मौजूद रहे।
खुब्बापुर में नहीं काउंसिलिंग का माहौल
टीआईएसएस के विशेषज्ञों रथिस ऐश्वर्या, अर्पिता, अपर्णा जोशी और अब्दुल शाबान ने सोमवार सुबह सीएमओ कार्यालय पर जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. अर्पण जैन के साथ बात की। उन्होंने बताया कि वह सात नवंबर को खुब्बापुर के छात्र की काउंसिलिंग के लिए गए थे, लेकिन उन्हें देखकर छात्र छिप गया था। करीब तीन घंटे इंतजार के बाद भी छात्र सामने नहीं आया था। डॉ. अर्पण ने टीम को बताया कि गांव में काउंसिलिंग के लिए माहौल नहीं है। टीम ने कहा कि आगे इस तरह की घटना न हो, इसके लिए मेंटल हेल्थ की ओर से किस तरह का कार्य किया जा रहा है। मनोचिकित्सक ने बताया कि समय-समय पर विद्यालयों में जाकर अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जाता है।
प्रशासन ने वीडियो को वायरल होने से रोका
टीआईएसएस की चेयरपर्सन प्रोफेसर पद्मा एम. सारंगपाणि ने विकास भवन में हुई बैठक में डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी से पूरे प्रकरण की जानकारी ली। घटना के बाद प्रशासन की ओर से क्या-क्या कार्रवाई की गई, इसकी जानकारी ली। डीएम ने बताया कि घटना होने पर उनकी तरफ से वायरल वीडियो को रुकवाया गया, ताकी बच्चे की पहचान छिपाई जा सके। इसके अलावा सबसे ज्यादा बच्चे को मानसिक या अन्य किसी तरह की कोई परेशानी न हो, इसपर ध्यान दिया गया।
टीआईएसएस की चेयरपर्सन प्रोफेसर पद्मा एम. सारंगपाणि ने विकास भवन में हुई बैठक में बाल कल्याण समिति के चेयरमैन डॉ. राजीव कुमार से भी बातचीत की। उनसे पूछा गया कि घटना के बाद उनकी तरफ से क्या कार्रवाई की गई थी। डॉ. राजीव ने टीम के बताया कि उन्होंने सबसे पहले छात्र के संबंधी वीडियो वायरल होने से रुकवाया था। साथ ही लोगों को इसके जुर्माने और सजा के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद गांव में जाकर काउंसिलिंग करने के साथ-साथ उनके परिवार से बातचीत की गई थी। बीएसए शुभम शुक्ला को छात्र को प्रवेश दिलाए जाने के लिए पत्र लिखा था। इस दौरान बैठक में टीआईएसएस के विशेषज्ञ रथिस ऐश्वर्या, अर्पिता के अलावा बेसिक शिक्षा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर राजेंद्र सिंह, परियोजना विशेषज्ञ गुरविंदर सिंह, बीएसए शुभम शुक्ला और खंड शिक्षा अधिकारी शाहपुर संजय भारती मौजूद रहे।
शारदेन और नेहा पब्लिक स्कूल का भ्रमण आज
टीआईएसएस की चेयरपर्सन प्रोफेसर पद्मा एम. सारंगपाणि और विशेषज्ञ के अलावा पूरी टीम शहर स्थित शारदेन स्कूल और खुब्बापुर स्थित नेहा पब्लिक स्कूल का भ्रमण करेगी। बता दें कि छात्र पहले यूकेजी कक्षा में नेहा पब्लिक स्कूल में पढ़ता था। घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अब उसका दाखिला शहर स्थित शारदेन स्कूल में कक्षा दो में कराया गया है। दोनों स्कूलों का आज भ्रमण किया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला ने बताया कि मुंबई से टीआईएसएस की चेयरपर्सन प्रोफेसर पद्मा एम. सारंगपाणि भी पहुंच गई है। दोनों स्कूलों का भ्रमण मंगलवार को किया जाएगा।
यह था पूरा मामला
खुब्बापुर गांव के स्कूल में शिक्षिका तृप्ता त्यागी ने पांच का पहाड़ा नहीं सुनाने पर अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र की सहपाठियों से पिटाई करा दी थी। इसी दौरान जातीय टिप्पणी का भी आरोप है। प्रकरण के दौरान पीड़ित छात्र के चचेरे भाई ने वीडियो बना लिया। वीडियो के वायरल होते ही प्रतिक्रियाएं आने लगीं और शिक्षिका की गिरफ्तार करने की मांग उठने लगी।
आरोपी शिक्षिका पर अब एफआईआर दर्ज हो गई है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पोते तुषार गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसकी अगली सुनवाई 11 दिसंबर को होगी। उधर, पीड़ित छात्र का प्रवेश भी हो गया था और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर छात्र की काउंसिलिंग के लिए मुंबई की टीआईएसएस की टीम मुजफ्फरनगर पहुंची है।