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तयेरे भाई की आत्महत्या से उलझन में खाकी
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तहेरे भाई की आत्महत्या से उलझन में खाकी
भोपा (मुजफ्फरनगर)। गांव सिकंदरपुर में दो दिन से लापता बालक का शव मिलने के बाद तयेरे भाई द्वारा की गई आत्महत्या ने ग्रामीणों के साथ ही पुलिस को भी उलझन में डाल दिया है।
भोपा थाना क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर में दो सगे भाई देवराज व रघुराज एक ही घेर में अपने-अपने परिवार के साथ अलग-अलग घर में रहते हैं। दोनों परिवारों के पास गुजर-बसर के लिए करीब 15 बीघा पैतृक कृषि भूमि है। देवराज के परिवार में पत्नी के साथ इकलौता बेटा शुभम (22) व उससे दो छोटी बेटियां हैं। रघुराज की करीब छह साल पूर्व आकस्मिक मौत हो चुकी है, जिसके बाद उसके परिवार में पत्नी व दो बेटे लकी (11) व उत्तम (8) हैं। रघुराज की मौत के बाद उसकी पत्नी व दोनों बच्चों की परवरिश व देखभाल बड़े भाई देवराज व उनका परिवार ही करता आया है।
बुधवार सुबह रघुराज का बड़ा बेटा लकी संदिग्ध हालात में लापता हो गया। शुक्रवार दोपहर खतौली गंगनहर में मासूम लकी का शव मिल गया। पीड़ित परिजन मासूम का शव लाने की तैयारी कर रहे थे, उधर घर में मौजूद देवराज के इकलौते बेटे शुभम (22) ने गांव के बाहर जाकर जहर खा लिया। यह सूचना मिलने परिजन उसे लेने पहुंचे, जहां परिजनों की गोद में उसने दम तोड़ दिया।
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पुलिस कर रही जांच
शुभम की आत्महत्या की सूचना पर थाना पुलिस गांव में पहुंची, लेकिन परिजनों ने कार्रवाई से इन्कार करते हुए शव का अंतिम संस्कार कर दिया। शुभम की आत्महत्या ने इस पूरे मामले को उलझाकर रख दिया है। इंस्पेक्टर दीपक चतुर्वेदी का कहना है कि परिजन शुभम की आत्महत्या को लेकर कुछ भी बताने से इन्कार कर रहे हैं, जिसके चलते कई बिंदुओं पर इस प्रकरण की जांच की जा रही है।
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भोपा (मुजफ्फरनगर)। गांव सिकंदरपुर में दो दिन से लापता बालक का शव मिलने के बाद तयेरे भाई द्वारा की गई आत्महत्या ने ग्रामीणों के साथ ही पुलिस को भी उलझन में डाल दिया है।
भोपा थाना क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर में दो सगे भाई देवराज व रघुराज एक ही घेर में अपने-अपने परिवार के साथ अलग-अलग घर में रहते हैं। दोनों परिवारों के पास गुजर-बसर के लिए करीब 15 बीघा पैतृक कृषि भूमि है। देवराज के परिवार में पत्नी के साथ इकलौता बेटा शुभम (22) व उससे दो छोटी बेटियां हैं। रघुराज की करीब छह साल पूर्व आकस्मिक मौत हो चुकी है, जिसके बाद उसके परिवार में पत्नी व दो बेटे लकी (11) व उत्तम (8) हैं। रघुराज की मौत के बाद उसकी पत्नी व दोनों बच्चों की परवरिश व देखभाल बड़े भाई देवराज व उनका परिवार ही करता आया है।
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बुधवार सुबह रघुराज का बड़ा बेटा लकी संदिग्ध हालात में लापता हो गया। शुक्रवार दोपहर खतौली गंगनहर में मासूम लकी का शव मिल गया। पीड़ित परिजन मासूम का शव लाने की तैयारी कर रहे थे, उधर घर में मौजूद देवराज के इकलौते बेटे शुभम (22) ने गांव के बाहर जाकर जहर खा लिया। यह सूचना मिलने परिजन उसे लेने पहुंचे, जहां परिजनों की गोद में उसने दम तोड़ दिया।
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शुभम की आत्महत्या की सूचना पर थाना पुलिस गांव में पहुंची, लेकिन परिजनों ने कार्रवाई से इन्कार करते हुए शव का अंतिम संस्कार कर दिया। शुभम की आत्महत्या ने इस पूरे मामले को उलझाकर रख दिया है। इंस्पेक्टर दीपक चतुर्वेदी का कहना है कि परिजन शुभम की आत्महत्या को लेकर कुछ भी बताने से इन्कार कर रहे हैं, जिसके चलते कई बिंदुओं पर इस प्रकरण की जांच की जा रही है।