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केसरिया रंग में रंगा शहर, चारों ओर बाबा के जयकारे
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
Updated Sun, 16 Jul 2017 12:16 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मुजफ्फरनगर। शहर केसरिया रंग में रंग गया है। भोले की भक्ति का खुमार कांविड़यों के साथ श्रद्धालुओं पर भी सिर चढ़कर बोल रहा है। चारों ओर भोले बाबा के जयकारे गूंज रहे हैं। डीजे पर सजी सुंदर कांवड़, झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हैं। वहीं, प्रशासन की ओर से किए गए इंतजामों के तहत हाइवे पर शिविर बनाए गए हैं।
कांवड़ियों की बढ़ते कदमताल के कारण शहर की सड़कें केसरिया रंग में रंग गई हैं। भोले बाबा के भक्तों पर भक्ति का खुमार सिर चढ़कर बोल रहा है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग, महिलाएं कांवड़ लेकर शिवालयों की ओर बढ़ रहे हैं। शहर से गुजरने वाले शिवभक्त कांवड़िए शिवचौक पर परिक्रमा कर आगे बढ़ रहे हैं।
वहीं, भक्ति की लहर में इस बार कांवड़ियों के जत्थे में महिलाओं की संख्या भी खासी है। बड़ी संख्या में महिलाएं कांवड़ लेकर शहर पहुंच रही हैं। मंदिरों, हाईवे समेत शहर में भी 40 से अधिक शिविर लगे हैं। हर शिविर में करीब 200 से 300 कांवड़ियों के ठहरने की व्यवस्था की गई है।
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डीजे कांवड़ और सुंदर झांकियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित कर लिया है। शिव-पार्वती, कृष्ण, भगवान परशुराम, अमरनाथ की गुफा, शिव तांडव आदि विभिन्न प्रकार की लाइटों, रंग-बिरंगे आकार में सजी झांकियों को देखने के लिए दिन ढ़लते ही रुड़की रोड पर नागरिकों की भीड़ जुट रही है।
उधर, कांवड़ में डीजे पर हरियाणा एलबमों की धूम मची है। एक से बढ़कर एक शिवभक्ति से ओत-प्रोत भजन, गीतों पर भोले नाचते-गाते गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। शहर में डीजे कांवड़ की संख्या भी बढ़ गई है, जबकि पैदल कांवड़ियों की संख्या में भी शनिवार से वृद्धि दर्ज की गई है।
गोल्डन बाबा को देखने भीड़ उमड़ी
मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा में गंगाजल लेकर आ रहे दिल्ली के गोल्डन बाबा को पुरकाजी, बरला, छपार आदि स्थानों पर देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। 11 किलो सोना पहनकर चलने वाले बाबा को हरिद्वार से ही पुलिस सुरक्षा दी जा रही है।
दिल्ली के गोल्डन बाबा हर वर्ष अपनी टोली के साथ कांवड़ लेकर आते हैं। सोने के आभूषण पहनने के कारण उन्हें गोल्डन बाबा कहते हैं। बाबा को हरिद्वार से दिल्ली तक संबंधित थानों से बॉर्डर टू बॉर्डर पुलिस सुरक्षा दी जा रही है। शुुक्रवार देर रात वह अपने काफिले के साथ हरिद्वार से पवित्र गंगा जल लेकर पुरकाजी पहुंचे।
रात में ही उन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। गोल्डन बाबा रंगीन रोशनी से सजी कार पर खड़े हो गए और लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। बरला में भी उन्हें देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों के साथ वह रात में छपार पहुंचे। जहां सोने के आभूषण पहने गोल्डन बाबा को देखने के लिए भीड़ लग गई। लोगों ने उनके साथ सेल्फी ली। शनिवार देर रात वह कांवड़ लेकर दिल्ली की ओर रवाना हुए। इस दौरान रास्ते में उन्हें देखने के लिए बच्चे, महिलाएं और लोग एकत्र होते गए। देर रात को उन्हें पुलिस की सुरक्षा में शहर की ओर लाया जा रहा था।
डीजे वाली कांवड़ भी शुरू
खतौली। पवित्र गंगाजल लेकर पैदल आने वाले कांवड़ियों के साथ-साथ डीजे वाली कांवड़ भी नगर से गुजरनी प्रारंभ हो गई है। आकर्षक का केंद्र बनी डीजे वाली कांवड़ को देखने को लोगों में उत्सुकता भी बढ़ने लगी है। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर आने वाले कांवड़ियों की संख्या बढ़ने के साथ पुलिस प्रशासन ने भी कड़े बंदोबस्त कर दिए हैं।
इंस्पेक्टर पीपी सिंह ने बताया कि दूसरे जनपदों से जो पुलिस फोर्स मंगवाया गया है, उन पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान सतर्कता बरतने के आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी निर्धारित कर दी गई है। बाहरी फोर्स के ठहरने की व्यवस्था पिकेट इंटर कॉलेज में की गई है।
नगर के भीतर से डीजे वाली कांवड़ भी गुजरने लगी है। डीजे बजती कांवड़ को देखने के लिए लोग शाम के समय अपने घरों से निकलकर जीटी पर आ जाते हैं। एसडीएम कन्हई सिंह व सीओ डॉ. राजीव कुमार सिंह ने शनिवार को कांवड़ यात्रा के मद्देनजर गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग का निरीक्षण किया।
उधर, त्रिवेणी शुगर मिल की ओर से गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग पर कांवड सेवा शिविर लगाया गया। उद्घाटन मिल के जीएम डॉ. अशोक कुमार ने किया। इस दौरान मिल अधिकारी एके सिंह, डॉ. एके पांडेय, अनिल त्यागी, भूपेंद्र सिंह, पीके खंडेल, सुशांत ठाकुर, निरंजन सिंह, महावीर सिंह आदि मौजूद रहे। जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह यादव, संयुक्त निदेशक गन्ना शोध केंद्र वीरेश सिंह, सहायक महाप्रबंधक एके सिंह ने शिविर में पूजा अर्चना की और प्रसाद ग्रहण कराया। ब्यूरो
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कांवड़ियों की बढ़ते कदमताल के कारण शहर की सड़कें केसरिया रंग में रंग गई हैं। भोले बाबा के भक्तों पर भक्ति का खुमार सिर चढ़कर बोल रहा है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग, महिलाएं कांवड़ लेकर शिवालयों की ओर बढ़ रहे हैं। शहर से गुजरने वाले शिवभक्त कांवड़िए शिवचौक पर परिक्रमा कर आगे बढ़ रहे हैं।
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वहीं, भक्ति की लहर में इस बार कांवड़ियों के जत्थे में महिलाओं की संख्या भी खासी है। बड़ी संख्या में महिलाएं कांवड़ लेकर शहर पहुंच रही हैं। मंदिरों, हाईवे समेत शहर में भी 40 से अधिक शिविर लगे हैं। हर शिविर में करीब 200 से 300 कांवड़ियों के ठहरने की व्यवस्था की गई है।
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डीजे कांवड़ और सुंदर झांकियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित कर लिया है। शिव-पार्वती, कृष्ण, भगवान परशुराम, अमरनाथ की गुफा, शिव तांडव आदि विभिन्न प्रकार की लाइटों, रंग-बिरंगे आकार में सजी झांकियों को देखने के लिए दिन ढ़लते ही रुड़की रोड पर नागरिकों की भीड़ जुट रही है।
उधर, कांवड़ में डीजे पर हरियाणा एलबमों की धूम मची है। एक से बढ़कर एक शिवभक्ति से ओत-प्रोत भजन, गीतों पर भोले नाचते-गाते गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। शहर में डीजे कांवड़ की संख्या भी बढ़ गई है, जबकि पैदल कांवड़ियों की संख्या में भी शनिवार से वृद्धि दर्ज की गई है।
गोल्डन बाबा को देखने भीड़ उमड़ी
मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा में गंगाजल लेकर आ रहे दिल्ली के गोल्डन बाबा को पुरकाजी, बरला, छपार आदि स्थानों पर देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। 11 किलो सोना पहनकर चलने वाले बाबा को हरिद्वार से ही पुलिस सुरक्षा दी जा रही है।
दिल्ली के गोल्डन बाबा हर वर्ष अपनी टोली के साथ कांवड़ लेकर आते हैं। सोने के आभूषण पहनने के कारण उन्हें गोल्डन बाबा कहते हैं। बाबा को हरिद्वार से दिल्ली तक संबंधित थानों से बॉर्डर टू बॉर्डर पुलिस सुरक्षा दी जा रही है। शुुक्रवार देर रात वह अपने काफिले के साथ हरिद्वार से पवित्र गंगा जल लेकर पुरकाजी पहुंचे।
रात में ही उन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। गोल्डन बाबा रंगीन रोशनी से सजी कार पर खड़े हो गए और लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। बरला में भी उन्हें देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों के साथ वह रात में छपार पहुंचे। जहां सोने के आभूषण पहने गोल्डन बाबा को देखने के लिए भीड़ लग गई। लोगों ने उनके साथ सेल्फी ली। शनिवार देर रात वह कांवड़ लेकर दिल्ली की ओर रवाना हुए। इस दौरान रास्ते में उन्हें देखने के लिए बच्चे, महिलाएं और लोग एकत्र होते गए। देर रात को उन्हें पुलिस की सुरक्षा में शहर की ओर लाया जा रहा था।
डीजे वाली कांवड़ भी शुरू
खतौली। पवित्र गंगाजल लेकर पैदल आने वाले कांवड़ियों के साथ-साथ डीजे वाली कांवड़ भी नगर से गुजरनी प्रारंभ हो गई है। आकर्षक का केंद्र बनी डीजे वाली कांवड़ को देखने को लोगों में उत्सुकता भी बढ़ने लगी है। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर आने वाले कांवड़ियों की संख्या बढ़ने के साथ पुलिस प्रशासन ने भी कड़े बंदोबस्त कर दिए हैं।
इंस्पेक्टर पीपी सिंह ने बताया कि दूसरे जनपदों से जो पुलिस फोर्स मंगवाया गया है, उन पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान सतर्कता बरतने के आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी निर्धारित कर दी गई है। बाहरी फोर्स के ठहरने की व्यवस्था पिकेट इंटर कॉलेज में की गई है।
नगर के भीतर से डीजे वाली कांवड़ भी गुजरने लगी है। डीजे बजती कांवड़ को देखने के लिए लोग शाम के समय अपने घरों से निकलकर जीटी पर आ जाते हैं। एसडीएम कन्हई सिंह व सीओ डॉ. राजीव कुमार सिंह ने शनिवार को कांवड़ यात्रा के मद्देनजर गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग का निरीक्षण किया।
उधर, त्रिवेणी शुगर मिल की ओर से गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग पर कांवड सेवा शिविर लगाया गया। उद्घाटन मिल के जीएम डॉ. अशोक कुमार ने किया। इस दौरान मिल अधिकारी एके सिंह, डॉ. एके पांडेय, अनिल त्यागी, भूपेंद्र सिंह, पीके खंडेल, सुशांत ठाकुर, निरंजन सिंह, महावीर सिंह आदि मौजूद रहे। जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह यादव, संयुक्त निदेशक गन्ना शोध केंद्र वीरेश सिंह, सहायक महाप्रबंधक एके सिंह ने शिविर में पूजा अर्चना की और प्रसाद ग्रहण कराया। ब्यूरो