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कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में ताला लटका, बालिकाएं नहीं लौटी      

Sun, 23 Jul 2017 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Sun, 23 Jul 2017 12:48 AM IST
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Kasturba Gandhi Balika Residential School
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय। - फोटो : अमर उजाला
खतौली के गांव तिगाई के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में अध्ययनरत बालिकाओं के वापस घर चले जाने से विद्यालय में ताला लटक गया है। उधर, एबीएसए के मुताबिक विद्यालय में अराजकता फैलाने को लेकर संविदा समाप्त शिक्षिकाओं समेत सात के विरुद्ध पुलिस को तहरीर दे दी गई है।  
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विद्यालय में बालिकाओं के कपड़े उतरवाने के मामले में हुई मजिस्ट्रेटी जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम जीएस प्रियदर्शी ने वार्डन और शिक्षिकाओं समेत 12 स्टाफ की संविदा समाप्त कर दी थी। शुक्रवार को संविदा समाप्त करने और विद्यालय से स्टाफ को बाहर निकालने के विरोध में अभिभावकों ने हंगामा कर दिया था। विद्यालय से स्टाफ को निकालने के बाद अभिभावक अपनी बालिकाओं को भी साथ घर ले गए थे।
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बालिकाओं के जाने के बाद शुक्रवार की देर शाम को विद्यालय में ताला डाल दिया गया था। शनिवार को भी विद्यालय में ताला लटका रहा। विद्यालय में एक भी बालिका को उनके अभिभावक वापस लेकर नहीं लौटे। बता दें कि विद्यालय में 90 बालिकाएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। अधिकारियों के प्रयास के बाद भी एक भी बालिका विद्यालय में नहीं लौटीं।  
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बालिकाओं को किसके भरोसे विद्यालय में छोड़े      
अभिभावक सुरेंद्र, विनोद व नरेश आदि का कहना है कि विद्यालय के स्टाफ की गलत तरीके से संविदा समाप्त की गई है। उस स्टाफ पर उनको विश्वास था, नए स्टाफ पर उनको विश्वास नहीं है। ऐसी परिस्थिति में अपनी बालिकाओं कोे किसके भरोसे विद्यालय में छोड़कर आएं।


अभिभावकों का कहना है दो दिन के बाद सभी अभिभावकों की बैठक बुलाई जाएगी। अभिभावक डीएम से भी मिलेंगे। उधर, बालिका मीनाक्षी, तमन्ना, खुशी, अंकिता, पारुल आदि पहले ही कह चुकी हैं कि नई वार्डन ने उनको पीटा है। वे नई मैडम से नहीं पढ़ेंगी। ऐसे हालात में अभिभावकों के सामने एक समस्या और खड़ी हो गई है। 
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