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कारगिल विजय दिवस : वीर सपूतों का भावपूर्ण स्मरण
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कारगिल दिवस पर बंचन सिहं की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करते नागरिक।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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कारगिल विजय दिवस : वीर सपूतों का भावपूर्ण स्मरण
मुजफ्फरनगर। कारगिल विजय दिवस पर अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रमों में मातृभूमि की रक्षा को प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूतों का भावपूर्ण स्मरण किया गया। शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई। युवाओं से उनके अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान से प्रेरणा लेने का आह्वान किया गया।
शहर में शहीद वचन सिंह चौक पर लोगों ने एकत्र होकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। कारगिल युद्ध में पचेंडा गांव निवासी लांसनायक वचन सिंह ने देश की खातिर अपने प्राणों का बलिदान दिया था। इस अवसर पर पचेंडा गांव के प्रधान चरण सिंह, कारगिल के पूर्व सैनिक ऋषिपाल फौजी व दिनेश फौजी के अलावा किशन पाल, जयंती प्रसाद, मांगेराम, अमित चौधरी, टिंकू आदि शामिल रहे।
इटावा में शहीद नरेंद्र राठी को याद किया
बुढ़ाना। इटावा गांव के नरेंद्र राठी ने कारगिल युद्ध में देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। रविवार को कारगिल विजय दिवस के मौके पर उनके स्मारक स्थल पर कार्यक्रम हुआ। शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। पूर्व सैनिक नरेंद्र कुमार व ब्रिजेश कुमार ने कहा कि शहीद का दर्जा किस्मत वालों को मिलता है। दुनिया में शहीद से बड़ा कोई दर्जा नहीं होता। उनकी शहादत को गांव व देश कभी नहीं भुलाएगा। प्रवेश कुमार व अमित ने कहा कि उनकी शहादत से गांव वालों का सीना चौड़ा हो गया। शहीद के भाई जयकुमार राठी ने कहा कि बचपन से ही नरेंद्र की इच्छा सेना में जाने की थी। उनकी शहादत से परिवार का मस्तक ऊंचा हो गया। इस दौरान ग्रामीणों ने उनका भावपूर्ण स्मरण किया।
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बेलड़ा के लाल अमरेश पाल को किया नमन
भोपा। कारगिल युद्ध में 28 जून 1999 को मातृभूमि की रक्षा करते हुए बेलड़ा निवासी अमरेश पाल ने शहादत पाई थी। रविवार को उनकी समाधि पर श्रद्धांजलि दी गई। पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रभात तोमर उर्फ गुड्डू, चौधरी प्रह्लाद सिंह, महिपाल सिंह, बृजपाल सिंह, डायरेक्टर वीरेंद्र सिंह, शहीद अमरेश पाल के चचेरे भाई प्रदीप पाल, नरेंद्र पाल आदि ने श्रद्धांजलि दी। लोगों ने कहा कि कारगिल युद्ध में दुश्मनों से लोहा लेते हुए शहीद हुए अमरेश पाल की शहादत पर गांव का बच्चा -बच्चा गर्व महसूस करता हैं।
फुलत में शहीद सतीश कुमार को दी श्रद्धांजलि
रतनपुरी। कारगिल विजय दिवस पर फुलत के अमर सपूत सतीश कुमार को याद किया गया। समाधि स्थल पर परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर हवन-यज्ञ किया। शहीद सतीश कुमार की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर शौर्यपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मांगेराम शास्त्री ने हवन यज्ञ कराया। मुख्य यजमान शहीद सतीश कुमार के बड़े भाई श्याम कुमार एवं उनकी पत्नी राजेश देवी रहे। ग्रामीणों व परिजनों ने शहीद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। शहीद के पिता धर्मपाल सिंह ने कहा कि कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित यह कार्यक्रम हमारे वीर सैनिकों की वीरता, शौर्य और बलिदान की याद दिलाता है। इस दौरान श्याम कुमार, सविता, श्याम कुमारी, राजेश देवी, ऋषिपाल सिंह, जयवीर सिंह, महेश कुमार सिंह, जितेंद्र कुमार, सूरज सिंह, सुंदर सिंह, खजान सिंह, शशि कुमार, मनीष कुमार, सुभाषचंद आदि उपस्थित रहे।
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मुजफ्फरनगर। कारगिल विजय दिवस पर अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रमों में मातृभूमि की रक्षा को प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूतों का भावपूर्ण स्मरण किया गया। शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई। युवाओं से उनके अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान से प्रेरणा लेने का आह्वान किया गया।
शहर में शहीद वचन सिंह चौक पर लोगों ने एकत्र होकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। कारगिल युद्ध में पचेंडा गांव निवासी लांसनायक वचन सिंह ने देश की खातिर अपने प्राणों का बलिदान दिया था। इस अवसर पर पचेंडा गांव के प्रधान चरण सिंह, कारगिल के पूर्व सैनिक ऋषिपाल फौजी व दिनेश फौजी के अलावा किशन पाल, जयंती प्रसाद, मांगेराम, अमित चौधरी, टिंकू आदि शामिल रहे।
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इटावा में शहीद नरेंद्र राठी को याद किया
बुढ़ाना। इटावा गांव के नरेंद्र राठी ने कारगिल युद्ध में देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। रविवार को कारगिल विजय दिवस के मौके पर उनके स्मारक स्थल पर कार्यक्रम हुआ। शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। पूर्व सैनिक नरेंद्र कुमार व ब्रिजेश कुमार ने कहा कि शहीद का दर्जा किस्मत वालों को मिलता है। दुनिया में शहीद से बड़ा कोई दर्जा नहीं होता। उनकी शहादत को गांव व देश कभी नहीं भुलाएगा। प्रवेश कुमार व अमित ने कहा कि उनकी शहादत से गांव वालों का सीना चौड़ा हो गया। शहीद के भाई जयकुमार राठी ने कहा कि बचपन से ही नरेंद्र की इच्छा सेना में जाने की थी। उनकी शहादत से परिवार का मस्तक ऊंचा हो गया। इस दौरान ग्रामीणों ने उनका भावपूर्ण स्मरण किया।
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बेलड़ा के लाल अमरेश पाल को किया नमन
भोपा। कारगिल युद्ध में 28 जून 1999 को मातृभूमि की रक्षा करते हुए बेलड़ा निवासी अमरेश पाल ने शहादत पाई थी। रविवार को उनकी समाधि पर श्रद्धांजलि दी गई। पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रभात तोमर उर्फ गुड्डू, चौधरी प्रह्लाद सिंह, महिपाल सिंह, बृजपाल सिंह, डायरेक्टर वीरेंद्र सिंह, शहीद अमरेश पाल के चचेरे भाई प्रदीप पाल, नरेंद्र पाल आदि ने श्रद्धांजलि दी। लोगों ने कहा कि कारगिल युद्ध में दुश्मनों से लोहा लेते हुए शहीद हुए अमरेश पाल की शहादत पर गांव का बच्चा -बच्चा गर्व महसूस करता हैं।
फुलत में शहीद सतीश कुमार को दी श्रद्धांजलि
रतनपुरी। कारगिल विजय दिवस पर फुलत के अमर सपूत सतीश कुमार को याद किया गया। समाधि स्थल पर परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर हवन-यज्ञ किया। शहीद सतीश कुमार की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर शौर्यपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मांगेराम शास्त्री ने हवन यज्ञ कराया। मुख्य यजमान शहीद सतीश कुमार के बड़े भाई श्याम कुमार एवं उनकी पत्नी राजेश देवी रहे। ग्रामीणों व परिजनों ने शहीद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। शहीद के पिता धर्मपाल सिंह ने कहा कि कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित यह कार्यक्रम हमारे वीर सैनिकों की वीरता, शौर्य और बलिदान की याद दिलाता है। इस दौरान श्याम कुमार, सविता, श्याम कुमारी, राजेश देवी, ऋषिपाल सिंह, जयवीर सिंह, महेश कुमार सिंह, जितेंद्र कुमार, सूरज सिंह, सुंदर सिंह, खजान सिंह, शशि कुमार, मनीष कुमार, सुभाषचंद आदि उपस्थित रहे।