मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। रेलवे डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लिए पुलिस बल की मौजूदगी में भूमि अधिग्रहण का कार्य शुरू हुआ। प्रशासन ने खड़ी फसल पर जेसीबी चलवा दी। विरोध दर्ज कराने रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीएम खतौली व सीओ खतौली ने उनको रेलवे फाटक पर ही रोक दिया और वार्ता के लिए मंसूरपुर थाने ले आए। एसडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि खड़ी फसल का मुआवजा दिलाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
रेलवे द्वारा डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना के लिए मंसूरपुर में भूमि अधिग्रहण का कार्य चल रहा है। इस्लामाबाद गांव के रकबे से जुड़े किसानों ने अधिग्रहीत भूमि का कार्य रुकवा दिया था। उनकी मांग थी कि सभी गांवों के किसानों को एक समान मुआवजा दिया जाए। इसी मुद्दे को लेकर मंसूरपुर रेलवे स्टेशन पर चार दिन तक रालोद के नेतृत्व में किसानों ने धरना प्रदर्शन किया था। बुधवार को किसान एडीएम तथा रेलवे के बड़े अधिकारियों से वार्ता के लिए मुजफ्फरनगर पहुंचे। वार्ता में कोई समझौता नहीं हो सका। उधर, प्रशासन ने अधिग्रहण किसानों की खड़ी फसल पर जेसीबी चलवा दी। एसडीएम खतौली इंद्रकांत द्विवेदी व सीओ आशीष प्रताप सिंह का कहना था कि सर्किल के हिसाब से किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है। अधिकतर किसानों ने मुआवजा ले लिया है। उधर, वार्ता विफल होने के बाद रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी के नेतृत्व में किसान विरोध दर्ज कराने के लिए अधिग्रहीत की जा रही भूमि की ओर जा रहे थे, तभी एसडीएम खतौली ने उन्हें वहां जाने से रोक दिया और मंसूरपुर थाने ले आए। एसडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि खड़ी फसल का मुआवजा दिलाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। रालोद के जिलाध्यक्ष अजीत राठी, संजय राठी, किसान नेता अंगद ने कहा कि प्रशासन ने किसानों के साथ वादाखिलाफी की है। उन्हें मुजफ्फरनगर वार्ता के लिए बुला लिया और यहां किसानों की फसल जेसीबी से बर्बाद कर दी। थाने में प्रियंक घासीपुरा, पंकज राठी, जवाहर सिंह, सुधीर भारतीय, अमित राठी, अशोक राठी ,अंकित राठी, रविंद्र सिंह आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे। थाना प्रभारी मनोज चाहल का कहना है कि एसडीएम रालोद कार्यकर्ताओं को थाने में वार्ता के लिए लाए थे। वार्ता के बाद वे चले गए। लिखापढ़ी में कोई गिरफ्तारी नहीं दर्शाई गई है।