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जयवीर के कदम से हर कोई सन्न
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 08 Jan 2017 12:02 AM IST
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मुजफ्फरनगर के रतनपुरी क्षेत्र के मथेड़ी में किसान जयवीर सिंह ने जो आत्मघाती कदम उठाया, उससे हर कोई सन्न है। माना जा रहा है कि किसान ने पहले ही परिवार को खत्म करने का प्लान बना रखा था। हाथ बांधे जाते समय मीनू ने इसे मजाक करना समझा था।
गांव मथेड़ी में शुक्रवार को किसान जयवीर सिंह ने दो बेटियों श्वेता, प्रियांशी और पत्नी मीनू को गोली मारने के बाद खुद को गोली मार ली थी। गोली लगने से पिता और दोनों बेटियों की मौत हो गई थी, जबकि पत्नी मीनू घायल हो गई थी। इस लोमहर्षक कांड ने ग्रामीणों को दहला कर रख दिया। अंतिम संस्कार के समय घायल मीनू को गांव लाया गया है।
बकौल ग्रामीण, मीनू ने बताया कि वारदात से पहले पति बच्चों के लिए समोसे और मूंगफली लेकर आया था। घर में बैठकर बच्चों के साथ पति ने समोसे और मूंगफली खाई, तब तक भी मीनू को आभास नहीं हुआ कि पति के दिमाग में क्या चल रहा है। मीनू के हाथ बांधे तो उसने शुरुआत में इसे मजाक समझा, लेकिन एकाएक वह हुआ, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। जयवीर की जेब से पुलिस को एक जिंदा कारतूस मिला था।
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पुलिस का मानना है कि जयवीर का मकसद पत्नी, दोनों बेटियों और इकतौले बेटे कृष्णा को मारकर खुद भी जान देने का था। एक जिंदा कारतूस जेब से बरामद होना इसकी तस्दीक करता है। चार गोलियां चली थीं, माना जा रहा है कि पांचवीं गोली बेटे के लिए थी। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि इस खूनखराबे के पीछे क्या मकसद हो सकता है, यह तो जयवीर की मौत के साथ ही दफन हो गया।
वहीं, नायब तहसीलदार चमन सिंह मृतक किसान जयवीर की पत्नी मीनू को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दिलाने के लिए गांव पहुंचे। नायब तहसीलदार ने मृतक परिवार के शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने मीनू को किसान दुर्घटना बीमा और मुख्यमंत्री कोष से आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
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गांव मथेड़ी में शुक्रवार को किसान जयवीर सिंह ने दो बेटियों श्वेता, प्रियांशी और पत्नी मीनू को गोली मारने के बाद खुद को गोली मार ली थी। गोली लगने से पिता और दोनों बेटियों की मौत हो गई थी, जबकि पत्नी मीनू घायल हो गई थी। इस लोमहर्षक कांड ने ग्रामीणों को दहला कर रख दिया। अंतिम संस्कार के समय घायल मीनू को गांव लाया गया है।
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बकौल ग्रामीण, मीनू ने बताया कि वारदात से पहले पति बच्चों के लिए समोसे और मूंगफली लेकर आया था। घर में बैठकर बच्चों के साथ पति ने समोसे और मूंगफली खाई, तब तक भी मीनू को आभास नहीं हुआ कि पति के दिमाग में क्या चल रहा है। मीनू के हाथ बांधे तो उसने शुरुआत में इसे मजाक समझा, लेकिन एकाएक वह हुआ, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। जयवीर की जेब से पुलिस को एक जिंदा कारतूस मिला था।
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पुलिस का मानना है कि जयवीर का मकसद पत्नी, दोनों बेटियों और इकतौले बेटे कृष्णा को मारकर खुद भी जान देने का था। एक जिंदा कारतूस जेब से बरामद होना इसकी तस्दीक करता है। चार गोलियां चली थीं, माना जा रहा है कि पांचवीं गोली बेटे के लिए थी। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि इस खूनखराबे के पीछे क्या मकसद हो सकता है, यह तो जयवीर की मौत के साथ ही दफन हो गया।
वहीं, नायब तहसीलदार चमन सिंह मृतक किसान जयवीर की पत्नी मीनू को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दिलाने के लिए गांव पहुंचे। नायब तहसीलदार ने मृतक परिवार के शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने मीनू को किसान दुर्घटना बीमा और मुख्यमंत्री कोष से आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।