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शिक्षा के भगीरथ ने जलाई थी ज्ञान की ज्योति

Mon, 13 Jul 2020 11:39 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jul 2020 11:39 PM IST
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Janata Inter College Bhopa was included in the best schools of the state
जनता इंटर कॉलेज भोपा। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
शिक्षा के भगीरथ ने जलाई थी ज्ञान की ज्योति
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भोपा । शिक्षा के भगीरथ स्वामी कल्याणदेव के अथक परिश्रम और त्याग से भोपा में ज्ञान की ज्योति जली थी। सूबे की श्रेष्ठ विद्यालयों में शामिल जनता इंटर कालेज भोपा पर वीतराग संत का खूब स्नेह बरसा। शिक्षा ऋषि की 16वीं पुण्यतिथि पर उनके महान व्यक्तित्व की याद आती है। वर्ष 1949 का वक्त था। दूर तक आठवीं से आगे पढ़ने को कोई स्कूल नहीं था। रेत भरे कटीले जंगल में गंग नहर के किनारे तपस्वी संत के पग पड़े। उनकी प्रेरणा से बहन लालकौर देवी ने कुआं खुदवा दिया। प्याऊ चलने लगी, ग्रामीणों से चंदा जुटने लगा और स्कूल का छप्पर पड़ गया। पहली बार कड़ियों के तीन कमरे बने। चौधरी हरवंश सिंह प्रधान तथा पंडित पुष्कर दत्त वैद्य आदि का सहयोग मिला। एक साल बाद स्वामी जी ने हाईस्कूल की स्थापना करा पढ़ाई प्रारंभ करा दी। वर्ष 1963 में संस्था को कृषि इंटरमीडिएट के सभी विषयों की मान्यता मिली। वर्ष 1966 में विद्यार्थियों की विज्ञान वर्ग की पढ़ाई की मुराद पूरी हो गई। देश के शीर्ष राजनीतिज्ञ संत के बुलावे पर भोपा पधारे। 20 नवंबर 1950 को प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. सम्पूर्णानंद आए थे, बाद में वे सूबे के मुख्यमंत्री बने। 11 दिसंबर, 1967 को बतौर मुख्यमंत्री चौधरी चरण सिंह कालेज में आए और एक घंटे तक किसानों को शिक्षा का महत्व समझाया था। चौधरी साहब 23 मार्च, 1981 में तत्कालीन प्रधानमंत्री के रुप में पुन: आए तथा संस्था में प्रशासनिक भवन एवं विज्ञान संकाय का उद्घाटन किया। वर्ष 1979 में डिप्टी सीएम रामनरेश यादव ने कालेज के कल्याणदेव द्वार का शिलान्यास किया था। स्वामी जी ने बेटियों को भी शिक्षा का उपहार दिया था। वर्ष 1977 में कस्बे में स्वामी कल्याणदेव बालिका इंटर कालेज की स्थापना की। उच्च शिक्षा की दिक्कतें समझ वीतराग संत ने वर्ष 2000 में भोपा में डिग्री कालेज प्रारंभ कराया था। भागवत पीठ शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर एवं परम शिष्य स्वामी ओमानंद बताते हैं कि शुकतीर्थ के जीर्णोद्धार कार्य में गुरुदेव वर्ष 1944 में जुट गए थे। जटमुझेड़ा, भोपा और मोरना में दस से ज्यादा कालेज स्थापित किए हैं।
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