{"_id":"684485e87209480f660132f4","slug":"irregular-routine-also-increases-the-risk-of-brain-tumor-muzaffarnagar-news-c-29-1-smrt1033-147401-2025-06-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: अनियमित दिनचर्या से भी बढ़ा ब्रेन ट्यूमर का खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: अनियमित दिनचर्या से भी बढ़ा ब्रेन ट्यूमर का खतरा
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियमित दिनचर्या में लोगों को अनेक जटिल बीमारियां से जूझना पड़ रहा है। ब्रेन ट्यूमर मस्तिष्क या उसके आसपास की कोशिकाओं की असामान्य रूप से फैलता है। प्राथमिक ट्यूमर मस्तिष्क में ही शुरू होता है और मेटास्टेटिक ट्यूमर शरीर के अन्य हिस्सों से मस्तिष्क तक फैल सकता है। बच्चों, युवाओं या बुजुर्ग किसी को भी यह प्रभावित कर सकता है। सामान्य लक्षण जैसे सिर दर्द या थकान इसकी शुरुआत होते हैं, इसलिए इसकी सही और समय पर पहचान बेहद जरूरी है।
आठ जून को मनाया जाने वाला विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस हमें समय पर पहचान, सटीक जांच और आधुनिक इलाज की अहमियत समझाता है। इसके शुरुआती लक्षणों की अनदेखी जानलेवा हो सकती है। नई तकनीकों की मदद से जिंदगी बचाई जा सकती है। बदलती जीवन शैली में जरा सी लापरवाही ब्रेन ट्यूमर जान के लिए खतरा बन सकती है। लक्षण मिलने पर सर्तकता बरतने की जरूरत है। यह दिन स्वास्थ्य चेतना नहीं, बल्कि एक गंभीर चिंतन करने का विषय है। जिला अस्पतालों और निजी हॉस्पिटलों में इस बीमारी के मरीजों की बढ़ती संख्या देखी जा सकती है। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. रविंद्र सिंह कहते हैं कि लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियमित दिनचर्या में लोगों को अनेक जटिल बीमारियां से जूझना पड़ रहा है। ब्रेन ट्यूमर मस्तिष्क या उसके आसपास की कोशिकाओं की असामान्य रूप से फैलता है। प्राथमिक ट्यूमर मस्तिष्क में ही शुरू होता है और मेटास्टेटिक ट्यूमर शरीर के अन्य हिस्सों से मस्तिष्क तक फैल सकता है। बच्चों, युवाओं या बुजुर्ग किसी को भी यह प्रभावित कर सकता है। सामान्य लक्षण जैसे सिर दर्द या थकान इसकी शुरुआत होते हैं, इसलिए इसकी सही और समय पर पहचान बेहद जरूरी है।
आठ जून को मनाया जाने वाला विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस हमें समय पर पहचान, सटीक जांच और आधुनिक इलाज की अहमियत समझाता है। इसके शुरुआती लक्षणों की अनदेखी जानलेवा हो सकती है। नई तकनीकों की मदद से जिंदगी बचाई जा सकती है। बदलती जीवन शैली में जरा सी लापरवाही ब्रेन ट्यूमर जान के लिए खतरा बन सकती है। लक्षण मिलने पर सर्तकता बरतने की जरूरत है। यह दिन स्वास्थ्य चेतना नहीं, बल्कि एक गंभीर चिंतन करने का विषय है। जिला अस्पतालों और निजी हॉस्पिटलों में इस बीमारी के मरीजों की बढ़ती संख्या देखी जा सकती है। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. रविंद्र सिंह कहते हैं कि लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
विज्ञापन