{"_id":"69a7268714f83282b50b4808","slug":"iran-news-muzaffarnagar-news-c-29-1-mng1005-166375-2026-03-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: खाड़ी युद्ध से पेपर उद्योग पर संकट, उद्यमियों की बढ़ी चिंता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: खाड़ी युद्ध से पेपर उद्योग पर संकट, उद्यमियों की बढ़ी चिंता
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच चल रहे युद्ध के कारण जिले के पेपर उद्योग पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। खाड़ी देशों से वेस्ट पेपर की आपूर्ति प्रभावित होने और पैकेजिंग पेपर की मांग घटने की आशंका है।
जनपद में संचालित 30 पेपर मिलें मुख्य रूप से विदेश से वेस्ट पेपर का आयात करती हैं। यह वेस्ट पेपर कागज उत्पादन के लिए प्रमुख कच्चा माल है। समुद्री मार्गों से होने वाले आयात पर युद्ध का सीधा असर पड़ रहा है।
इससे खाड़ी और अन्य देशों से आने वाले वेस्ट पेपर की कीमतें बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही, विदेशों में वस्तुओं के निर्यात में कमी आने से पैकेजिंग में उपयोग होने वाले कागज की मांग भी घट सकती है। इन दोनों कारणों से स्थानीय पेपर उद्योग को भारी नुकसान होने की आशंका है।
विज्ञापन
--
वेस्ट पेपर के दाम बढ़ने की आशंका : अग्रवाल
पेपर मिल संचालक और फेडरेशन ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री सचिव अभिषेक अग्रवाल का कहना है कि पेपर ईरान और अमेरिका-इस्राइल युद्ध के मद्देनजर वेस्ट पेपर आयात प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया है। बताया कि अधिकतर पेपर मिल कच्चे माल के लिए आयात पर निर्भर हैं। मौजूदा हालात से कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के कारण पेपर मिल उद्यमी संकट में आ सकते हैं।
युद्ध के चलते बढ़ सकते हैं तेल के दाम : भीमसेन
उद्यमी भीमसेन कंसल का कहना है कि ईरान और अमेरिका-इस्राइल युद्ध के चलते तेल के दामों में भी बढ़ोतरी की आशंका है, जिससे प्रत्येक वस्तु के दामों में बढ़ोतरी हो सकती है। युद्ध के चलते निर्यात प्रभावित हो रहा है। निर्यात होने वाली विभिन्न वस्तुओं की पैकिंग में स्थानीय कागज आम आता है। निर्यात घटने से पैकेजिंग पेपर की डिमांड घटने से पेपर उद्योग संकट में आ सकता है।
विज्ञापन
जनपद में संचालित 30 पेपर मिलें मुख्य रूप से विदेश से वेस्ट पेपर का आयात करती हैं। यह वेस्ट पेपर कागज उत्पादन के लिए प्रमुख कच्चा माल है। समुद्री मार्गों से होने वाले आयात पर युद्ध का सीधा असर पड़ रहा है।
विज्ञापन
इससे खाड़ी और अन्य देशों से आने वाले वेस्ट पेपर की कीमतें बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही, विदेशों में वस्तुओं के निर्यात में कमी आने से पैकेजिंग में उपयोग होने वाले कागज की मांग भी घट सकती है। इन दोनों कारणों से स्थानीय पेपर उद्योग को भारी नुकसान होने की आशंका है।
विज्ञापन
वेस्ट पेपर के दाम बढ़ने की आशंका : अग्रवाल
पेपर मिल संचालक और फेडरेशन ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री सचिव अभिषेक अग्रवाल का कहना है कि पेपर ईरान और अमेरिका-इस्राइल युद्ध के मद्देनजर वेस्ट पेपर आयात प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया है। बताया कि अधिकतर पेपर मिल कच्चे माल के लिए आयात पर निर्भर हैं। मौजूदा हालात से कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के कारण पेपर मिल उद्यमी संकट में आ सकते हैं।
युद्ध के चलते बढ़ सकते हैं तेल के दाम : भीमसेन
उद्यमी भीमसेन कंसल का कहना है कि ईरान और अमेरिका-इस्राइल युद्ध के चलते तेल के दामों में भी बढ़ोतरी की आशंका है, जिससे प्रत्येक वस्तु के दामों में बढ़ोतरी हो सकती है। युद्ध के चलते निर्यात प्रभावित हो रहा है। निर्यात होने वाली विभिन्न वस्तुओं की पैकिंग में स्थानीय कागज आम आता है। निर्यात घटने से पैकेजिंग पेपर की डिमांड घटने से पेपर उद्योग संकट में आ सकता है।