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करोड़ों के घोटाले की जांच फाइलों में कैद
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करोड़ों के घोटाले की जांच फाइलों में कैद
मुजफ्फरनगर। जिले के गांवों में प्रशासकों की नियुक्ति के दौरान 100 करोड़ से अधिक खर्च के मामले की जांच अभी तक फाइलों में ही कैद है। शासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 46 गांवों में वित्तीय अनियमितताओं की जांच के आदेश दिए थे। शासन के आदेश के बाद भी एक माह में जांच पूरी नहीं हो पाई है।
प्रदेश सरकार ने डीएम को उन गांवों की जांच के आदेश दिए थे, जिनमें 25 लाख से अधिक निकाले गए हैं। आरोप है कि अफसरों ने इस मामले में बड़ा खेल किया है। सीडीओ आलोक यादव ने एक माह पहले प्रत्येक तहसील में एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी गठित करते हुए एक सप्ताह में जांच के आदेश दिए थे। एक महीना हो चुका है और एक भी तहसील से जांच रिपोर्ट नहीं आई है। इस मामले में डीपीआरओ अनिल कुमार ने बताया कि एक-दो गांव की जांच आई है वह भी पूरी नहीं है। किसी भी तहसील ने पूरी जांच करके नहीं दी है। बड़ी बात यह है कि केवल 46 गांवों की जांच है और घोटाला प्रत्येक गांव में हुआ है। अफसरों को डर यही है कि 46 के बाद कहीं सभी 498 गांवों की जांच न हो जाए और बड़े स्तर पर अधिकारियों पर कार्रवाई न हो जाए। आश्चर्य की बात यह है कि शासन के आदेश के बाद भी जांच नहीं हो पा रही है।
केंद्रीय एजेंसी से कराऊंगा जांच : संजीव बालियान
केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि सीडीओ आलोक यादव को स्पष्ट कह दिया गया है कि एक सप्ताह में घोटाले की जांच नहीं हुई तो केंद्रीय एजेंसी से जांच कराई जाएगी। ग्राम पंचायत सचिवों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कितने अधिकारी शामिल है, इसका खुलासा होना जरूरी है।
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मुजफ्फरनगर। जिले के गांवों में प्रशासकों की नियुक्ति के दौरान 100 करोड़ से अधिक खर्च के मामले की जांच अभी तक फाइलों में ही कैद है। शासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 46 गांवों में वित्तीय अनियमितताओं की जांच के आदेश दिए थे। शासन के आदेश के बाद भी एक माह में जांच पूरी नहीं हो पाई है।
प्रदेश सरकार ने डीएम को उन गांवों की जांच के आदेश दिए थे, जिनमें 25 लाख से अधिक निकाले गए हैं। आरोप है कि अफसरों ने इस मामले में बड़ा खेल किया है। सीडीओ आलोक यादव ने एक माह पहले प्रत्येक तहसील में एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी गठित करते हुए एक सप्ताह में जांच के आदेश दिए थे। एक महीना हो चुका है और एक भी तहसील से जांच रिपोर्ट नहीं आई है। इस मामले में डीपीआरओ अनिल कुमार ने बताया कि एक-दो गांव की जांच आई है वह भी पूरी नहीं है। किसी भी तहसील ने पूरी जांच करके नहीं दी है। बड़ी बात यह है कि केवल 46 गांवों की जांच है और घोटाला प्रत्येक गांव में हुआ है। अफसरों को डर यही है कि 46 के बाद कहीं सभी 498 गांवों की जांच न हो जाए और बड़े स्तर पर अधिकारियों पर कार्रवाई न हो जाए। आश्चर्य की बात यह है कि शासन के आदेश के बाद भी जांच नहीं हो पा रही है।
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केंद्रीय एजेंसी से कराऊंगा जांच : संजीव बालियान
केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि सीडीओ आलोक यादव को स्पष्ट कह दिया गया है कि एक सप्ताह में घोटाले की जांच नहीं हुई तो केंद्रीय एजेंसी से जांच कराई जाएगी। ग्राम पंचायत सचिवों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कितने अधिकारी शामिल है, इसका खुलासा होना जरूरी है।
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