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इंटरनेट सेवाएं रही बहाल, सामान्य रूप से चला जनजीवन
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शिव चौक पर व्यवस्था का निरीक्षण करते डीएम एवं एसएसपी।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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इंटरनेट सेवाएं रही बहाल, सामान्य रूप से चला जनजीवन
मुजफ्फरनगर। अयोध्या प्रकरण में शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसला आने के कारण जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। जनता ने निर्णय को सहर्ष स्वीकार किया और आपसी सौहार्द एवं भाईचारा कायम रखा। किसी की भी तरफ से कोई टिका टिप्पणी नहीं हुई। सामान्य माहौल को देखते हुए जिला प्रशासन ने इंटरनेट सेवाओं को भी बहाल रखा और जन जीवन सामान्य रूप से चलता रहा।
शुक्रवार की रात जिला प्रशासन को जैसे ही यह सूचना मिली कि शनिवार को सुबह साढ़े दस बजे अयोध्या प्रकरण पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आएगा। इसके बाद प्रशासन तैयारियों में जुट गया। डीएम सेल्वा कुमारी जे और एसएसपी अभिषेक यादव ने संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर रात्रि में ही सबकी ड्यूटी लगा दी। जिले को चार सुपर जोन, आठ जोन और बीस सेक्टरों में बांटकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई। सबसे बड़ी बात यह रही कि समाज के जिम्मेदार लोग इस बार अपने आप ही सक्रिय रहे।
सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सभी वर्गों के लोगों ने अपनी जिम्मेदारी की भूमिका निभाई। डीएम सेल्वा कुमारी जे और एसएसपी अभिषेक यादव की निगाहें इस बात पर थी कि सोशल मीडिया पर कोई किसी तरह की टिप्पणी न करें। आम आदमी भी चाहे वह किसी वर्ग का हो ऐसा कोई कार्य न करें, जिससे कि किसी वर्ग विशेष की भावनाओं को ठेस पहुंचे। सभी जगह शांति रही तो अफसरों ने राहत की सांस ली। जिले में शांति और सौहार्द के चलते ही आम जन जीवन सामान्य रहा और इंटरनेट सेवाएं बहाल रही। जिले भर के अमन पसंद लोगों ने सौहार्द और भाईचारे का परिचय देकर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया। डीएम और एससपी ने शांति और सौहार्द के लिए जिले की जनता को बधाई दी।
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स्कूल और दफ्तर रहे बंद
मुजफ्फरनगर। द्वितीय शनिवार होने के कारण सरकारी दफ्तरों में अवकाश रहा। स्कूल-कॉलेजो और अन्य शिक्षण संस्थाएं प्रदेश सरकार के आदेश के चलते बंद रही। कचहरी भी दूसरे शनिवार में बंद रहती है। जो बच्चे ट्यूशन पढते हैं उनका भी अवकाश रहा। इन सबके चलते सड़कों पर कम ही लोग निकले।
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मुजफ्फरनगर। अयोध्या प्रकरण में शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसला आने के कारण जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। जनता ने निर्णय को सहर्ष स्वीकार किया और आपसी सौहार्द एवं भाईचारा कायम रखा। किसी की भी तरफ से कोई टिका टिप्पणी नहीं हुई। सामान्य माहौल को देखते हुए जिला प्रशासन ने इंटरनेट सेवाओं को भी बहाल रखा और जन जीवन सामान्य रूप से चलता रहा।
शुक्रवार की रात जिला प्रशासन को जैसे ही यह सूचना मिली कि शनिवार को सुबह साढ़े दस बजे अयोध्या प्रकरण पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आएगा। इसके बाद प्रशासन तैयारियों में जुट गया। डीएम सेल्वा कुमारी जे और एसएसपी अभिषेक यादव ने संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर रात्रि में ही सबकी ड्यूटी लगा दी। जिले को चार सुपर जोन, आठ जोन और बीस सेक्टरों में बांटकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई। सबसे बड़ी बात यह रही कि समाज के जिम्मेदार लोग इस बार अपने आप ही सक्रिय रहे।
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सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सभी वर्गों के लोगों ने अपनी जिम्मेदारी की भूमिका निभाई। डीएम सेल्वा कुमारी जे और एसएसपी अभिषेक यादव की निगाहें इस बात पर थी कि सोशल मीडिया पर कोई किसी तरह की टिप्पणी न करें। आम आदमी भी चाहे वह किसी वर्ग का हो ऐसा कोई कार्य न करें, जिससे कि किसी वर्ग विशेष की भावनाओं को ठेस पहुंचे। सभी जगह शांति रही तो अफसरों ने राहत की सांस ली। जिले में शांति और सौहार्द के चलते ही आम जन जीवन सामान्य रहा और इंटरनेट सेवाएं बहाल रही। जिले भर के अमन पसंद लोगों ने सौहार्द और भाईचारे का परिचय देकर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया। डीएम और एससपी ने शांति और सौहार्द के लिए जिले की जनता को बधाई दी।
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स्कूल और दफ्तर रहे बंद
मुजफ्फरनगर। द्वितीय शनिवार होने के कारण सरकारी दफ्तरों में अवकाश रहा। स्कूल-कॉलेजो और अन्य शिक्षण संस्थाएं प्रदेश सरकार के आदेश के चलते बंद रही। कचहरी भी दूसरे शनिवार में बंद रहती है। जो बच्चे ट्यूशन पढते हैं उनका भी अवकाश रहा। इन सबके चलते सड़कों पर कम ही लोग निकले।