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शुकतीर्थ में मंदिर पर कब्जे की सूचना मिलते ही दौड़ा पुलिस प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 08 Dec 2018 12:22 AM IST
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शुक्रताल के हनुमत धाम पर तैनात पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
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मोरना शुकतीर्थ मेें भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं द्वारा हनुमत धाम पर कब्जा करने संबंधी इनपुट मिलने से पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में एसपी देहात ने भारी फोर्स के साथ खुद धाम पर डेरा डाल दिया। इसके साथ ही हनुमत धाम जाने वाले सभी मार्गों को सील करते हुए मुख्य दरवाजे को भी बंद करा दिया गया।
पौराणिक धर्मनगरी शुकतीर्थ में शुक्रवार सुबह करीब छह बजे से ही पुलिस अफसरों व भारी पुलिस बल को देख अफरातफरी मच गई। एसपी देहात आलोक शर्मा खुद फोर्स के साथ मौजूद रहे, जो सीधे हनुमत धाम पहुंचे और वहीं डेरा डाल दिया। हनुमत धाम का मुख्य गेट भी बंद करा दिया गया। बाद में एलआईयू इंस्पेक्टर राजेश शर्मा हनुमत धाम के अधिष्ठाता महामंडलेश्वर स्वामी केश्वानंद महाराज से मिले और उन्हें क्षेत्र के कई गांवों में दलितों द्वारा को हनुमत धाम पर कब्जा किए जाने संबंधी इनपुट से अवगत कराया। देखते ही देखते रामराज, जानसठ, फुगाना, ककरौली व भोपा थानों की पुलिस फोर्स के साथ ही पीएसी बल को भी शुकतीर्थ में तैनात कर दिया गया।
इसके साथ ही शुकतीर्थ के आंबेडकर चौराहे के निकट स्थित रविदास आश्रम, जाटव आश्रम पर पहरा बैठाते हुए हनुमत धाम जाने वाले सभी रास्तों को भी सील कर दिया गया। एडीएम अमित कुमार, एसपी देहात आलोक शर्मा और नायब तहसीलदार पुष्कर नाथ चौधरी खुद सुरक्षा की कमान संभाले रहे। इस दौरान अधिकारियों ने दिन भर गश्त करने के दौरान ही शुकतीर्थ के संत गीतानंद गिरी, गीतानंद तीर्थ व महामंडलेश्वर स्वामी केश्वानंद महाराज से भी मुलाकात की। हालांकि देर शाम तक किसी के भी शुकतीर्थ नहीं पहुंचने के बाद पुलिस-प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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मिला था भीम आर्मी की गतिविधियों का इनपुट
मोरना। गांव मोरना निवासी श्याम भीम आर्मी से जुड़ा हुआ है। खुफिया विभाग के सूत्रों के अनुसार, श्याम ने दलित समाज के करीब 30 लोगों के साथ एक स्थान पर बैठक कर शुक्रवार को सुबह 11 बजे रविदास आश्रम में इकट्ठे होने का आह्वान करते हुए कहा कि इसके बाद हनुमत धाम में पहुंचकर पूजा-अर्चना कर उस पर कब्जा किया जाएगा। इसके बाद बृहस्पतिवार रात में ही गांव शुक्रतारी, भोकरहेड़ी, वजीराबाद, बिहारगढ़, फिरोजपुर, ककराला, भेडाहेड़ी, चौरावाला और बेहड़ा सादात के दलित समाज के लोगों को फोन कर इस बाबत सूचना भी दे दी गई। इसके बाद ही पुलिस-प्रशासन सक्रिय हुआ।
मंदिर के कपाट बंद देख बाहर से नमन कर लौटे श्रद्धालु
मोरना। दलितों द्वारा हनुमत धाम पर कब्जे संबंधी इनपुट के बाद छावनी में तब्दील कर दिए गए हनुमत धाम के मुख्य दरवाजे भी बंद कर दिए गए थे। भारी फोर्स की मौजूदगी के साथ किसी को भी मंदिर में जाने की अनुमति नहीं दी गई, जिसके चलते हनुमत धाम में पूजा-अर्चना करने पहुंचे श्रद्धालु मंदिर के कपाट बंद देख बाहर से ही नमन कर लौट गए।
एसपी देहात आलोक शर्मा ने बताया कि मंदिर में दर्शन करने की अनुमति तो है, लेकिन कब्जे की नहीं। यह तीर्थनगरी है, इसमें राजनीति करने वालों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पूजा-अर्चना करना अच्छी बात है, लेकिन अपने स्वार्थ के लिए दूसरे की भावना को ठेस पहुंचाना गलत है। कानून व्यवस्था को बनाए रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।
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पौराणिक धर्मनगरी शुकतीर्थ में शुक्रवार सुबह करीब छह बजे से ही पुलिस अफसरों व भारी पुलिस बल को देख अफरातफरी मच गई। एसपी देहात आलोक शर्मा खुद फोर्स के साथ मौजूद रहे, जो सीधे हनुमत धाम पहुंचे और वहीं डेरा डाल दिया। हनुमत धाम का मुख्य गेट भी बंद करा दिया गया। बाद में एलआईयू इंस्पेक्टर राजेश शर्मा हनुमत धाम के अधिष्ठाता महामंडलेश्वर स्वामी केश्वानंद महाराज से मिले और उन्हें क्षेत्र के कई गांवों में दलितों द्वारा को हनुमत धाम पर कब्जा किए जाने संबंधी इनपुट से अवगत कराया। देखते ही देखते रामराज, जानसठ, फुगाना, ककरौली व भोपा थानों की पुलिस फोर्स के साथ ही पीएसी बल को भी शुकतीर्थ में तैनात कर दिया गया।
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इसके साथ ही शुकतीर्थ के आंबेडकर चौराहे के निकट स्थित रविदास आश्रम, जाटव आश्रम पर पहरा बैठाते हुए हनुमत धाम जाने वाले सभी रास्तों को भी सील कर दिया गया। एडीएम अमित कुमार, एसपी देहात आलोक शर्मा और नायब तहसीलदार पुष्कर नाथ चौधरी खुद सुरक्षा की कमान संभाले रहे। इस दौरान अधिकारियों ने दिन भर गश्त करने के दौरान ही शुकतीर्थ के संत गीतानंद गिरी, गीतानंद तीर्थ व महामंडलेश्वर स्वामी केश्वानंद महाराज से भी मुलाकात की। हालांकि देर शाम तक किसी के भी शुकतीर्थ नहीं पहुंचने के बाद पुलिस-प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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मिला था भीम आर्मी की गतिविधियों का इनपुट
मोरना। गांव मोरना निवासी श्याम भीम आर्मी से जुड़ा हुआ है। खुफिया विभाग के सूत्रों के अनुसार, श्याम ने दलित समाज के करीब 30 लोगों के साथ एक स्थान पर बैठक कर शुक्रवार को सुबह 11 बजे रविदास आश्रम में इकट्ठे होने का आह्वान करते हुए कहा कि इसके बाद हनुमत धाम में पहुंचकर पूजा-अर्चना कर उस पर कब्जा किया जाएगा। इसके बाद बृहस्पतिवार रात में ही गांव शुक्रतारी, भोकरहेड़ी, वजीराबाद, बिहारगढ़, फिरोजपुर, ककराला, भेडाहेड़ी, चौरावाला और बेहड़ा सादात के दलित समाज के लोगों को फोन कर इस बाबत सूचना भी दे दी गई। इसके बाद ही पुलिस-प्रशासन सक्रिय हुआ।
मंदिर के कपाट बंद देख बाहर से नमन कर लौटे श्रद्धालु
मोरना। दलितों द्वारा हनुमत धाम पर कब्जे संबंधी इनपुट के बाद छावनी में तब्दील कर दिए गए हनुमत धाम के मुख्य दरवाजे भी बंद कर दिए गए थे। भारी फोर्स की मौजूदगी के साथ किसी को भी मंदिर में जाने की अनुमति नहीं दी गई, जिसके चलते हनुमत धाम में पूजा-अर्चना करने पहुंचे श्रद्धालु मंदिर के कपाट बंद देख बाहर से ही नमन कर लौट गए।
एसपी देहात आलोक शर्मा ने बताया कि मंदिर में दर्शन करने की अनुमति तो है, लेकिन कब्जे की नहीं। यह तीर्थनगरी है, इसमें राजनीति करने वालों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पूजा-अर्चना करना अच्छी बात है, लेकिन अपने स्वार्थ के लिए दूसरे की भावना को ठेस पहुंचाना गलत है। कानून व्यवस्था को बनाए रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।