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‘खेती को छोड़ उद्योगों को बढ़ावा दिया गया’
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मुजफ्फरनगर के छोटूराम कालेज में लोकार्पण कार्यक्रम में में मौजूद छात्र।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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‘खेती को छोड़ उद्योगों को बढ़ावा दिया गया’
मुजफ्फरनगर। चौधरी छोटूराम पीजी कॉलेज में नए दौर में खेती-किसानी की चुनौतियां विषयक व्याख्यान पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें कृषि एवं खाद्य विशेषज्ञ देविंद्र शर्मा ने कहा कि इस दौर में खेती को दोयम दर्जे की चीज मान ली गई है, जबकि उद्योगों को सहयोग और बढ़ावा दिया जाता रहा है।
विशिष्टि अतिथि हरीश चौहान ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। देविंद्र शर्मा ने कहा कि हमें यह समझना होगा कि किसान देश को सब्सिडी देता है। कृषि संबंधी जो सुधार दुनिया में असफल हो गए, वे भारत में कैसे सफल होंगे। किसान की आय पर हमने कभी ध्यान नहीं दिया, इसलिए आज न्यूनतम समर्थन मूल्य पर हल्ला हो रहा है।
छोटूराम कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नरेश मलिक ने कहा कि आज खेती-किसानी के मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। किसानों की आय कैसे बढ़ाई जा सकती है, यह हम सभी को सोचना होगा। कार्यक्रम के संयोजक रोहित कौशिक ने सरोकार कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में डॉ आरएम तिवारी, परमेन्द्र सिंह, अश्वनी खंडेलवाल, मनु स्वामी, रामकुमार रागी, ए कीर्तिवर्धन, निहार रंजन सोनू और डॉ. चंद्रकांत कौशिक, वीना गर्ग मौजूद रहे।
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मुजफ्फरनगर। चौधरी छोटूराम पीजी कॉलेज में नए दौर में खेती-किसानी की चुनौतियां विषयक व्याख्यान पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें कृषि एवं खाद्य विशेषज्ञ देविंद्र शर्मा ने कहा कि इस दौर में खेती को दोयम दर्जे की चीज मान ली गई है, जबकि उद्योगों को सहयोग और बढ़ावा दिया जाता रहा है।
विशिष्टि अतिथि हरीश चौहान ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। देविंद्र शर्मा ने कहा कि हमें यह समझना होगा कि किसान देश को सब्सिडी देता है। कृषि संबंधी जो सुधार दुनिया में असफल हो गए, वे भारत में कैसे सफल होंगे। किसान की आय पर हमने कभी ध्यान नहीं दिया, इसलिए आज न्यूनतम समर्थन मूल्य पर हल्ला हो रहा है।
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छोटूराम कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नरेश मलिक ने कहा कि आज खेती-किसानी के मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। किसानों की आय कैसे बढ़ाई जा सकती है, यह हम सभी को सोचना होगा। कार्यक्रम के संयोजक रोहित कौशिक ने सरोकार कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में डॉ आरएम तिवारी, परमेन्द्र सिंह, अश्वनी खंडेलवाल, मनु स्वामी, रामकुमार रागी, ए कीर्तिवर्धन, निहार रंजन सोनू और डॉ. चंद्रकांत कौशिक, वीना गर्ग मौजूद रहे।
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