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धड़ल्ले से जारी है अवैध शराब का गंदा धंधा
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मुजफ्फरनगर। जनपद में अवैध शराब का धंधा धड़ल्ले से जारी है। शराब माफिया ने भी आबकारी महकमे की लापरवाही का फायदा उठाते हुए शराब की तस्करी के बजाय नकली शराब बनाकर सरकारी ठेकों पर सप्लाई शुरू कर दी है।
देशभर में जीएसटी लागू होने के बाद से जनपद में शराब तस्करी का धंधा लगभग बंद हो चुका है, जिसके चलते शराब माफिया ने नकली शराब के धंधे में हाथ डाल दिया है। पिछले डेढ़ साल के भीतर जनपद में पांच नकली शराब बनाने की फैक्टरियों का भंडाफोड़ हो चुका है, इनमें चार शहर के मदीना कॉलोनी, कूकड़ा, सुजड़ू व हाल ही में इंद्रा कॉलोनी में पकड़ी जा चुकी हैं। एक शराब फैक्टरी भोपा क्षेत्र में पकड़ी गई थी। इसके अलावा, हाल ही में मंसूरपुर थाना पुलिस ने चलती कार में नकली शराब तैयार कर शराब ठेकों पर सप्लाई करने के धंधे का खुलासा किया था। जबकि, इससे पहले नावला स्थित शराब ठेके पर नकली शराब बिक्री का भंडाफोड़ हो चुका है।
एक पेटी पर एक हजार रुपये का मुनाफा
मुजफ्फरनगर। नकली शराब बनाने के धंधे के लगातार बढ़ने के पीछे इससे होने वाली मोटी कमाई है। सूत्रों की मानें तो नकोली शराब की एक पेटी पर माफिया को करीब एक हजार रुपये का मुनाफा होता है। इसके साथ ही इसकी खपत करना भी बेहद आसान है, क्योंकि मुनाफे के लालच में सरकारी ठेकों के सेल्समैन भी इस धंधे में लिप्त हो गए हैं। आम लोगों को असली-नकली की पहचान न होने से भी यह मुनाफे का धंधा बना गया है। वहीं, नकली शराब बेचते पकड़े जाने वाले सरकारी ठेकों के खिलाफ भी आबकारी विभाग द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, जिसके चलते हर बार सेल्समैन पर ठीकरा फोड़कर ठेका संचालक साफ-साफ बच निकलते हैं।
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खादर क्षेत्र में लगातार चलती हैं शराब भट्टियां
मुजफ्फरनगर। जनपद में नकली शराब के साथ ही कच्ची शराब का धंधा भी चलता रहता है। पुरकाजी से लेकर रामराज तक गंगा खादर क्षेत्र के खेतों में धड़ल्ले से ये भट्टियां चलती हैं। आबकारी विभाग महज खानापूर्ति के लिए यदा-कदा इनके खिलाफ कार्रवाई करने के बाद चुप्पी साधकर बैठ जाता है।
एक साल में पकड़ी 68 लाख की शराब
मुजफ्फरनगर। जिला आबकारी अधिकारी उदय प्रकाश का कहना है कि उनके विभाग ने पिछले एक वर्ष में 68 लाख रुपये से अधिक की अवैध शराब बरामद की है। इनमें 12.52 लाख रुपये की 5,330 बोतल देशी शराब और 55.75 लाख रुपये की 15,929 बोतल विदेशी शराब शामिल हैं। खादर क्षेत्र में भी अभियान चलाकर 36 हजार रुपये से अधिक कीमत की कच्ची शराब पकड़ी गई है।
एसएसपी अभिषेक यादव ने कहा कि जनपद में अब तक जितनी नकली शराब की फैक्टरियां पकड़ी गईं हैं, उनके संचालकों के खिलाफ गैंगस्टर लगाई गई है। डिस्टलरी के कर्मचारियों का भी लगातार सत्यापन किया जा रहा है। आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
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देशभर में जीएसटी लागू होने के बाद से जनपद में शराब तस्करी का धंधा लगभग बंद हो चुका है, जिसके चलते शराब माफिया ने नकली शराब के धंधे में हाथ डाल दिया है। पिछले डेढ़ साल के भीतर जनपद में पांच नकली शराब बनाने की फैक्टरियों का भंडाफोड़ हो चुका है, इनमें चार शहर के मदीना कॉलोनी, कूकड़ा, सुजड़ू व हाल ही में इंद्रा कॉलोनी में पकड़ी जा चुकी हैं। एक शराब फैक्टरी भोपा क्षेत्र में पकड़ी गई थी। इसके अलावा, हाल ही में मंसूरपुर थाना पुलिस ने चलती कार में नकली शराब तैयार कर शराब ठेकों पर सप्लाई करने के धंधे का खुलासा किया था। जबकि, इससे पहले नावला स्थित शराब ठेके पर नकली शराब बिक्री का भंडाफोड़ हो चुका है।
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एक पेटी पर एक हजार रुपये का मुनाफा
मुजफ्फरनगर। नकली शराब बनाने के धंधे के लगातार बढ़ने के पीछे इससे होने वाली मोटी कमाई है। सूत्रों की मानें तो नकोली शराब की एक पेटी पर माफिया को करीब एक हजार रुपये का मुनाफा होता है। इसके साथ ही इसकी खपत करना भी बेहद आसान है, क्योंकि मुनाफे के लालच में सरकारी ठेकों के सेल्समैन भी इस धंधे में लिप्त हो गए हैं। आम लोगों को असली-नकली की पहचान न होने से भी यह मुनाफे का धंधा बना गया है। वहीं, नकली शराब बेचते पकड़े जाने वाले सरकारी ठेकों के खिलाफ भी आबकारी विभाग द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, जिसके चलते हर बार सेल्समैन पर ठीकरा फोड़कर ठेका संचालक साफ-साफ बच निकलते हैं।
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खादर क्षेत्र में लगातार चलती हैं शराब भट्टियां
मुजफ्फरनगर। जनपद में नकली शराब के साथ ही कच्ची शराब का धंधा भी चलता रहता है। पुरकाजी से लेकर रामराज तक गंगा खादर क्षेत्र के खेतों में धड़ल्ले से ये भट्टियां चलती हैं। आबकारी विभाग महज खानापूर्ति के लिए यदा-कदा इनके खिलाफ कार्रवाई करने के बाद चुप्पी साधकर बैठ जाता है।
एक साल में पकड़ी 68 लाख की शराब
मुजफ्फरनगर। जिला आबकारी अधिकारी उदय प्रकाश का कहना है कि उनके विभाग ने पिछले एक वर्ष में 68 लाख रुपये से अधिक की अवैध शराब बरामद की है। इनमें 12.52 लाख रुपये की 5,330 बोतल देशी शराब और 55.75 लाख रुपये की 15,929 बोतल विदेशी शराब शामिल हैं। खादर क्षेत्र में भी अभियान चलाकर 36 हजार रुपये से अधिक कीमत की कच्ची शराब पकड़ी गई है।
एसएसपी अभिषेक यादव ने कहा कि जनपद में अब तक जितनी नकली शराब की फैक्टरियां पकड़ी गईं हैं, उनके संचालकों के खिलाफ गैंगस्टर लगाई गई है। डिस्टलरी के कर्मचारियों का भी लगातार सत्यापन किया जा रहा है। आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।