{"_id":"600727358ebc3e31c87ac7bb","slug":"illegal-recovery-from-family-members-of-prisoners-in-muzaffarnagar-jail-muzaffarnagar-news-mrt5213640195","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेल में बंदियों के परिजनों से अवैध वसूली का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेल में बंदियों के परिजनों से अवैध वसूली का आरोप
विज्ञापन
जेल में बंदियों के परिजनों से अवैध वसूली का आरोप
मुजफ्फरनगर। जेल में बंदियों को दिए जाने वाले खर्च के रुपयों की पर्ची कटवाने से लेकर उन्हें रुपये देने तक अवैध वसूली के आरोप लगाते हुए कुछ लोगों ने शिकायत दर्ज कराई है।
जिला कारागार में कोरोना काल से परिजनों की बंदियों से मिलाई पर शासन स्तर से प्रतिबंध लगा हुआ है। इसके चलते जेल प्रशासन ने मुख्य गेट के पास काउंटर लगाया हुआ है, जहां परिजन जेल में बंद बंदियों को खर्च के लिए दिए जाने वाले रुपये जमा कराते हैं। इसके बदले में काउंटर से परिजनों को उतने ही रुपयों की पर्ची दी जाती है। मंगलवार को कुछ लोगों ने जेल अधीक्षक एके सक्सेना से मिलकर आरोप लगाया कि उक्त काउंटर पर झंडा दिवस के नाम पर बंदियों के परिजनों से प्रति एक हजार रुपये पर सौ रुपयों की अवैध वसूली की जा रही है। आरोप है कि पर्ची कटवाने के बावजूद जेल में बंदियों को भी एक हजार रुपये के स्थान पर महज आठ से नौ सौ रुपये ही दिए जा रहे हैं। मामले में जेल अधीक्षक एके सक्सेना ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। जेल अधीक्षक का कहना है कि कुछ लोग बंदियों से मिलाई कराने का दबाव बना रहे थे, जिन्हें कोरोना के चलते शासन स्तर से लगे प्रतिबंध का हवाला देते हुए इंकार किया गया तो वे अनर्गल आरोप लगा बैठे।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। जेल में बंदियों को दिए जाने वाले खर्च के रुपयों की पर्ची कटवाने से लेकर उन्हें रुपये देने तक अवैध वसूली के आरोप लगाते हुए कुछ लोगों ने शिकायत दर्ज कराई है।
जिला कारागार में कोरोना काल से परिजनों की बंदियों से मिलाई पर शासन स्तर से प्रतिबंध लगा हुआ है। इसके चलते जेल प्रशासन ने मुख्य गेट के पास काउंटर लगाया हुआ है, जहां परिजन जेल में बंद बंदियों को खर्च के लिए दिए जाने वाले रुपये जमा कराते हैं। इसके बदले में काउंटर से परिजनों को उतने ही रुपयों की पर्ची दी जाती है। मंगलवार को कुछ लोगों ने जेल अधीक्षक एके सक्सेना से मिलकर आरोप लगाया कि उक्त काउंटर पर झंडा दिवस के नाम पर बंदियों के परिजनों से प्रति एक हजार रुपये पर सौ रुपयों की अवैध वसूली की जा रही है। आरोप है कि पर्ची कटवाने के बावजूद जेल में बंदियों को भी एक हजार रुपये के स्थान पर महज आठ से नौ सौ रुपये ही दिए जा रहे हैं। मामले में जेल अधीक्षक एके सक्सेना ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। जेल अधीक्षक का कहना है कि कुछ लोग बंदियों से मिलाई कराने का दबाव बना रहे थे, जिन्हें कोरोना के चलते शासन स्तर से लगे प्रतिबंध का हवाला देते हुए इंकार किया गया तो वे अनर्गल आरोप लगा बैठे।
विज्ञापन