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Muzaffarnagar News: चिराग बुझ गए तो अब मकान के लिए मिलेंगे 1.20 लाख

Mon, 26 Jun 2023 01:08 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 26 Jun 2023 01:08 AM IST
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If the lamp is extinguished, now 1.20 lakh will be given for the house
नगर के नसीरपुर गांव में  विलाप करते मृतक बच्चों के परिजन।
- मकान की कच्ची छत के मलबे में दब गए अच्छे दिनों के सपने
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- दस साल में दीवारें खड़ी की, लेकिन छत फिर भी रह गई कच्ची

- दो कमरों में रह रहा था इदरीश का परिवार, बेटे को पढ़ाने की थी ख्वाहिश





संवाद न्यूज एजेंसी

मुजफ्फरनगर। नसीरपुर गांव में गम का माहौल है। रेहड़ा चलाकर जिंदगी गुजार रहे इदरीश के घर मातम पसरा है। परिवार ने रोज कच्ची छत के नीचे लेटकर अच्छे दिनों के सपने देखे थे। बड़े होते बेटे को पढ़ाकर कुछ बनाने की ख्वाहिश थी, लेकिन हादसे में सारे सपने कच्ची छत के मलबे में दब गए। मदद के लिए गांव पहुंचा, पुलिस आई और प्रशासन भी पहुंच गया। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। घर के चिराग बुझ गए तो मदद के लिए भी हाथ बढ़ने लगे हैं। पीडि़त परिवार को मकान के लिए 1.20 लाख रुपये मिलेंगे।

नसीरपुर गांव का इदरीश पिछले दस साल की कड़ी मेहनत से किसी तरह डेढ़ सौ गज जगह में दो कमरे बना पाया था। कमरों की दीवारों में ईंट लगी थी, लेकिन आर्थिक स्थिति ऐसी की छत पक्की नहीं हो सकी। यही वजह है कि परिवार ने छत कच्ची डाल ली और जिंदगी गुजरने लगी।
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परिवार हमेशा इस जुगत में रहा कि कब पक्की छत हो जाए। मगर, रविवार सुबह एक कमरे की छत गिर गई और दूसरे कमरे की छत भी बारिश में खराब होकर गिरने की हालत में हैं। इदरीश की जान भले ही बच गई हो, लेकिन उसने परिवार का बड़ा बेटा खो दिया। कक्षा नौ के छात्र उवेश को पढ़ाकर आगे बढ़ाना चाहता था, ताकि परिवार मुसीबातें से निकल जाए। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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वजट बढ़ा तो ढह गई छत, मदद के लिए दौड़ लोग

मुजफ्फरनगर। सुबह के साढ़े सात बजे थे। गांव नसीरपुर गांव के लोग बारिश की वजह से अपने-अपने घरों में ही थे। अचानक वहां चीखने चिल्लाने की आवाजें आने लगी तो लोग हैरान रह गए। इसी दौरान शोर मच गया कि इदरीश के घर की छत गिर गई है। लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। मलबे के नीचे से परिवार को निकालने में जुट गए। असलियत में शनिवार से हो रही बारिश के कारण इदरीश के घर की कच्ची छत गीली हो गई थी। छत में लगी मिट्टी भी घुल गई थी। भारी हुई मिट्टी के कारण छत में लगाई लकड़ी की बल्लियां और फूंस टूट गया, जिससे छत नीचे गिर गई

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इनसेट

काम सीखने आया था असलम

मुजफ्फरनगर। भोपा के गांव बाकरनगर निवासी अफसर के पांच बेटे हैं। अफसर ने अपने बेटे असलम को छह माह पहले अपनी साली रोशन पत्नी इदरीश के यहां रहने भेजा था। जो यहां पर टाइल्स पत्थर लगाने का काम सीख रहा था। लेकिन यह कभी नहीं सोचा था कि ऐसा हादसा भी हो सकता हैं।

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एंबुलेंस-डायल 112 से घायल भेजे अस्पताल-

जैसे ही लोगों ने इदरीश के घर की छत गिरने पर परिजनों को मलबे में दबा देखा तब काफी लोग मलबा हटाने में जुट गए थे जबकि कुछ लोग शोर मचाए हुए थे कि एंबुलेंस को बुलाओ। सूचना देने पर एक ही एंबुलेंस पहुंच पाई थी लेकिन एक गाडी डायल 112 भी पहुंच गई थी तब इन दोनों गाडियों से घायलों को अस्पताल भिजवाया गया।


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कक्षा 9 का छात्र था उवेश
गांव वालों ने बताया कि इदरीश का बेटा उवेश रोडवेज बस अडडे के पास एसडी इंटर कालेज में कक्षा 9 की शिक्षा ग्रहण कर रहा था और पढ़ाई में होनहार था।

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सरकार के दावों की खुल गई पोल

पुरकाजी के रालोद विधायक अनिल कुमार का कहना है कि गरीब को घर दिलाने का दावा करने वाली सरकार की पोल खुल गई। यदि इदरीश को पक्का घर मिलता तो आज यह घटना नहीं होती। पहली सरकार में छत पक्की करने के लिए भी पैसा मिलता था, लेकिन यह पैसा बंद कर दिया हैं। कच्चे घरों को चिंहित कर कार्रवाई करनी चाहिए। गांव की प्रधान के पति सुमित कुमार मौके पर पहुंचे और दुख जताया।

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मृतक आश्रितो को चार-चार लाख मिलेंगे

मुजफ्फरनगर। शहर से सटे गांव नसीरपुर में मकान की छत गिरने से मृतक दोनो बच्चों के परिजनों को चार-चार लाख आर्थिक मदद के रूप में दिए जाएंगे। पीडि़त परिवार को मकान के लिए 1.20 लाख मिलेंगे। उप जिलाधिकारी सदर परमानंद झा ने बताया कि मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख की आर्थिक मदद दी जाएगी। मुख्यमंत्री की ओर से दी जाने वाली इस राशि के साथ ही मकान के निर्माण के लिए 1.20 लाख की धनराशि दी जाएगी। घर के बर्तनों के लिए ढाई हजार और कपड़ों के लिए चार हजार की मदद की जाएगी। पैसा जारी करने के लिए खाता नंबर लिया गया है। जल्द ही पैसा जारी हो जाएगा।

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