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कोई गम में है तो उसके काम आना चाहिए : गाजीपुरी

Tue, 02 Aug 2022 11:24 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 02 Aug 2022 11:24 PM IST
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If someone is in sorrow then it should be useful: Ghazipuri
किदवई नगर के जाहिद हाल में मजलिस को खिताब फरमाते मौलाना कुमेल असगर गाजीपुरी - फोटो : MUZAFFARNAGAR
किदवईनगर स्थित जाहिद हॉल में मजलिस का आयोजन
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। मौलाना कुमैल असगर गाजीपुरी ने फरमाया कि किसी के गम में शरीक होने का मतलब सिर्फ इतना ही नहीं कि उनके पास बैठ जाएं। बल्कि जरूरी है कि ऐसे मौकों पर उनके काम आया जाएं, उनकी मुश्किल को आसान किया जाएं।

मोहर्रम की तीसरी तारीख पर किदवई नगर स्थित जाहिद हॉल में आयोजित मजलिस में रसूल और इमाम हुसैन की जिंदगी पर रोशनी डाली गई। इमाम हुसैन के चरित्र को ध्यान में रख जिंदगी गुजारने की हिदायत दी गई। मौलाना कुमैल असगर ने कहा कि यदि हम करबला में होते तो क्या अपनी मर्जी से चलते, बिल्कुल नहीं इमाम हुसैन की मर्जी से चलते। याद रखना होगा कि हम रसूल के चाहने वाले हैं, इमाम के चाहने वाले हैं। जिंदगी को व्यवहारिक तरीके से गुजारें। यदि कोई रिश्तेदार या पड़ोसी परेशान है तो उसकी मदद करें। किसी के गम में शरीक होने का मतलब सिर्फ ये ही नहीं कि उससे जाकर उसकी परेशानी पूछी जाएं। बल्कि जरूरी है कि उसकी मुश्किल को आसान किया जाएं। यही इस्लाम सिखाता है। इस मौके पर आदिल रजा जैदी, शहजाद, आरजू, नसीम हैदर, मोहम्मद सैफ, कमर हसनैन मौजूद रहे।
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