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Muzaffarnagar News: मैं अपनी जमीन देने को तैयार, कस्बे में बनवा दो इंटर काॅलेज
Wed, 22 Jan 2025 12:52 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 22 Jan 2025 12:52 AM IST
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2 जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते पुरकाजी चेयरमैन जहीर फारूकी। स्रोत स्वयं
पुरकाजी। कस्बे में सरकारी इंटर कॉलेज न होने से विद्यार्थियों को होने वाली समस्या को लेकर नगर पंचायत चेयरमैन जहीर फारूकी ने डीएम उमेश मिश्रा से मुलाकात की। उन्होंने पुरकाजी में इंटर कॉलेज बनवाने की मांग रखी।
उन्होंने डीएम से कहा कि यदि जमीन की समस्या है तो वह कॉलेज के लिए अपनी निजी जमीन देने को तैयार हैं। उन्होंने डीएम को मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र भी दिया। डीएम ने कार्रवाई का भरोसा दिया है।चेयरमैन ने जिलाधिकारी को बताया कि कस्बा पुरकाजी में दसवीं तक का कोई सरकारी स्कूल नहीं है। सरकारी स्कूल ना होने के कारण गरीब परिवारों के बच्चे पढ़ाई कर पाने से वंचित रह जाते हैं। समस्या से पुरकाजी सहित क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं। बेटियों को बाहरी क्षेत्रों में जाकर शिक्षा ग्रहण करनी पड़ती है। ऐसे में बहुत से लोग तो बेटियों को बाहर भेजने की वजह से पढ़ाई बीच में ही रुकवा देते हैं, इसलिए बेटियों की शिक्षा के लिए इंटर कॉलेज की बहुत जरूरत है। चेयरमैन का कहना है कि कस्बे में आजादी के बाद से आज तक कोई भी सरकारी हाई स्कूल या इंटर कॉलेज नहीं बना है।
ऐसे में आर्थिक रुप से कमजोर लोगों को बच्चों को पढ़ाने में दिक्कत होती है इसलिए कस्बे में एक सरकारी हाई स्कूल व इंटर काॅलेज बनना अति आवश्यक है। चेयरमैन ने कहा कि उनका हमेशा शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने का प्रयास रहा है। कंपोजिट स्कूल में टेल पत्थर का कार्य कराकर फर्नीचर की व्यवस्था भी कराई गई है। पुरकाजी देहात में पड़ने वाले राजकीय इंटर कॉलेज के लिए फर्नीचर एवं कंप्यूटर की व्यवस्था कराई है।
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उन्होंने डीएम से कहा कि यदि जमीन की समस्या है तो वह कॉलेज के लिए अपनी निजी जमीन देने को तैयार हैं। उन्होंने डीएम को मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र भी दिया। डीएम ने कार्रवाई का भरोसा दिया है।चेयरमैन ने जिलाधिकारी को बताया कि कस्बा पुरकाजी में दसवीं तक का कोई सरकारी स्कूल नहीं है। सरकारी स्कूल ना होने के कारण गरीब परिवारों के बच्चे पढ़ाई कर पाने से वंचित रह जाते हैं। समस्या से पुरकाजी सहित क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं। बेटियों को बाहरी क्षेत्रों में जाकर शिक्षा ग्रहण करनी पड़ती है। ऐसे में बहुत से लोग तो बेटियों को बाहर भेजने की वजह से पढ़ाई बीच में ही रुकवा देते हैं, इसलिए बेटियों की शिक्षा के लिए इंटर कॉलेज की बहुत जरूरत है। चेयरमैन का कहना है कि कस्बे में आजादी के बाद से आज तक कोई भी सरकारी हाई स्कूल या इंटर कॉलेज नहीं बना है।
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ऐसे में आर्थिक रुप से कमजोर लोगों को बच्चों को पढ़ाने में दिक्कत होती है इसलिए कस्बे में एक सरकारी हाई स्कूल व इंटर काॅलेज बनना अति आवश्यक है। चेयरमैन ने कहा कि उनका हमेशा शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने का प्रयास रहा है। कंपोजिट स्कूल में टेल पत्थर का कार्य कराकर फर्नीचर की व्यवस्था भी कराई गई है। पुरकाजी देहात में पड़ने वाले राजकीय इंटर कॉलेज के लिए फर्नीचर एवं कंप्यूटर की व्यवस्था कराई है।
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