{"_id":"6323741dac5aa46d60505a8c","slug":"hindi-is-our-civilization-and-culture-district-judge-muzaffarnagar-news-mrt605434981","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिंदी हमारी सभ्यता और संस्कृति है : जिला जज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिंदी हमारी सभ्यता और संस्कृति है : जिला जज
विज्ञापन
हिंदी हमारी सभ्यता और संस्कृति है : जिला जज
मुजफ्फरनगर। जिला जज चवन प्रकाश ने कहा कि हिंदी हमारी जननी भाषा है। हिंदी केवल भाषा ही नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कृति है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जनपद न्यायालय परिसर में हिंदी दिवस पर गोष्ठी का आयोजन किया गया।
जिला जज ने हिंदी में लिखने, पढ़ने, हिंदी में काम करने और बातचीत करने की प्रेरणा दी। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश सत्यानंद उपाध्याय ने कहा कि लोग हिंदी में बात करने, काम करने से स्वयं में कमतर आंकने लगते हैं, इस मानसिकता को हमें दूर करना होगा। भाषा अभिव्यक्ति का एक माध्यम है और यदि वक्ता व श्रोता दोनों ही उस भाषा के जानकार हैं, तो इससे अच्छा अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं हो सकता। अपर जनपद न्यायाधीश जयसिंह पुंडीर ने कहा कि निचली अदालतों के सभी कार्य हिंदी में होते हैं।
उच्चतम व उच्च न्यायालयों के द्वारा भी हिंदी में कार्य करने के विषय में समय-समय पर दिशा निर्देश जारी किए जाते हैं। अपर जनपद न्यायाधीश शक्ति सिंह, अपर जनपद न्यायाधीश रीमा मल्होत्रा, सिविल जज जूनियर डिवीजन अंकित रस्तोगी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिविल जज सीनियर डिवीजन सलोनी रस्तोगी ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। जिला जज चवन प्रकाश ने कहा कि हिंदी हमारी जननी भाषा है। हिंदी केवल भाषा ही नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कृति है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जनपद न्यायालय परिसर में हिंदी दिवस पर गोष्ठी का आयोजन किया गया।
जिला जज ने हिंदी में लिखने, पढ़ने, हिंदी में काम करने और बातचीत करने की प्रेरणा दी। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश सत्यानंद उपाध्याय ने कहा कि लोग हिंदी में बात करने, काम करने से स्वयं में कमतर आंकने लगते हैं, इस मानसिकता को हमें दूर करना होगा। भाषा अभिव्यक्ति का एक माध्यम है और यदि वक्ता व श्रोता दोनों ही उस भाषा के जानकार हैं, तो इससे अच्छा अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं हो सकता। अपर जनपद न्यायाधीश जयसिंह पुंडीर ने कहा कि निचली अदालतों के सभी कार्य हिंदी में होते हैं।
विज्ञापन
उच्चतम व उच्च न्यायालयों के द्वारा भी हिंदी में कार्य करने के विषय में समय-समय पर दिशा निर्देश जारी किए जाते हैं। अपर जनपद न्यायाधीश शक्ति सिंह, अपर जनपद न्यायाधीश रीमा मल्होत्रा, सिविल जज जूनियर डिवीजन अंकित रस्तोगी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिविल जज सीनियर डिवीजन सलोनी रस्तोगी ने किया।
विज्ञापन