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कृषि कानूनों के विरोध में हाईवे जाम
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लालूखेड़ी में पानीपत-खटीमा राजमार्ग पर चक्का जाम करते भाकियू तोमर के कार्यकर्ता।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
कृषि कानूनों के विरोध में हाईवे जाम
तितावी/ मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन (तोमर) गुट ने कृषि कानूनों के विरोध में लालूखेड़ी में जाम लगाकर अपनी नाराजगी का इजहार किया। किसानों ने करीब ढाई घंटे तक पानीपत-खटीमा राजमार्ग पर चक्का जाम रखा। इस दौरान वाहनों को अन्य मार्गों से निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम एडीएम प्रशासन अमित सिंह को ज्ञापन देकर जाम खोला।
भाकियू (तोमर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर के नेतृत्व में किसानों और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे लालूखेड़ी पहुंच कर धरना शुरू कर दिया। किसानों ने ट्रैक्टर ट्राली लगा कर पानीपत-खटीमा राजमार्ग पर चक्काजाम कर दिया। वाहनों की लंबी लाइन लग गई। पुलिस ने मार्ग परिवर्तित कर जसोई के रास्ते से वाहन निकाले। संजीव तोमर ने कहा की 55 दिन दिल्ली में किसान आंदोलन को चलते हो गए हैं, मगर सरकार काले कानून वापसी में कोई कठोर निर्णय नहीं ले रही है। सरकार तीनों कानूनों को वापस ले। किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों को शहीद का दर्जा देकर परिजनों को 50-50 लाख की आर्थिक मदद और एक परिजनों का नौकरी मिले। गन्ने का भाव 450 रुपये प्रति क्विंटल मिले। बकाया भुगतान 14 दिन के हिसाब से मय ब्याज मिलना चाहिए। करीब ढाई घंटे बाद ज्ञापन देकर चार बजे जाम खोला गया। इस दौरान एसपी देहात अतुल श्रीवास्तव, सीओ फुगाना गिरजाशंकर, थानाध्यक्ष राजेंद्र वशिष्ठ आदि मौजूद रहे। धरने में राजीव लटियान, विपुल, सुरेंद्र प्रधान, राममेहर फौजी, सर्वेंद्र, उपेंद्र, प्रशांत राठी, मोहित मलिक, संदीप, दीपक निर्वाल, नईम अंसारी, जमीर अहमद, मोहन, पवन त्यागी, विपुल, मोहित, श्रवण, अजय, राजीव, शहजाद, बूटा सिंह, दिलशाद, रणबीर, उपेंद्र आदि किसान शामिल रहे।
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तितावी/ मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन (तोमर) गुट ने कृषि कानूनों के विरोध में लालूखेड़ी में जाम लगाकर अपनी नाराजगी का इजहार किया। किसानों ने करीब ढाई घंटे तक पानीपत-खटीमा राजमार्ग पर चक्का जाम रखा। इस दौरान वाहनों को अन्य मार्गों से निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम एडीएम प्रशासन अमित सिंह को ज्ञापन देकर जाम खोला।
भाकियू (तोमर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर के नेतृत्व में किसानों और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे लालूखेड़ी पहुंच कर धरना शुरू कर दिया। किसानों ने ट्रैक्टर ट्राली लगा कर पानीपत-खटीमा राजमार्ग पर चक्काजाम कर दिया। वाहनों की लंबी लाइन लग गई। पुलिस ने मार्ग परिवर्तित कर जसोई के रास्ते से वाहन निकाले। संजीव तोमर ने कहा की 55 दिन दिल्ली में किसान आंदोलन को चलते हो गए हैं, मगर सरकार काले कानून वापसी में कोई कठोर निर्णय नहीं ले रही है। सरकार तीनों कानूनों को वापस ले। किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों को शहीद का दर्जा देकर परिजनों को 50-50 लाख की आर्थिक मदद और एक परिजनों का नौकरी मिले। गन्ने का भाव 450 रुपये प्रति क्विंटल मिले। बकाया भुगतान 14 दिन के हिसाब से मय ब्याज मिलना चाहिए। करीब ढाई घंटे बाद ज्ञापन देकर चार बजे जाम खोला गया। इस दौरान एसपी देहात अतुल श्रीवास्तव, सीओ फुगाना गिरजाशंकर, थानाध्यक्ष राजेंद्र वशिष्ठ आदि मौजूद रहे। धरने में राजीव लटियान, विपुल, सुरेंद्र प्रधान, राममेहर फौजी, सर्वेंद्र, उपेंद्र, प्रशांत राठी, मोहित मलिक, संदीप, दीपक निर्वाल, नईम अंसारी, जमीर अहमद, मोहन, पवन त्यागी, विपुल, मोहित, श्रवण, अजय, राजीव, शहजाद, बूटा सिंह, दिलशाद, रणबीर, उपेंद्र आदि किसान शामिल रहे।

लालूखेड़ी में पानीपत-खटीमा राजमार्ग पर चक्का जाम करते भाकियू तोमर के कार्यकर्ता।- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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