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हैडमास्टर को धोखाधड़ी के आरोप में भेजा जेल
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मुजफ्फरनगर, खतौली। प्राथमिक विद्यालय कास्मपुर भुम्मा के हैडमास्टर सहित उसके दो भाईयों के खिलाफ एक व्यक्ति ने योजनाबद्ध तरीके से ठगी करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को पकड़कर उसका चालान कर दिया, जबकि पुलिस उसके आरोपी भाई की तलाश में लगी है।
गांव दाहौड़ निवासी विकास कुमार ने थाने में मुकदमा दर्ज कराया कि प्राथमिक विद्यालय कास्मपुर भुम्मा के हैड मास्टर जगदीशपाल ने एक बीएमसी मार्केटिंग कंपनी बनाई हुई थी। जिसमें वह स्वयं डायरेक्टर बना हुआ है। उसके भाई संजीव पाल व तजेंद्र पाल उप निदेशक है। हैड मास्टर जगदीश से मुलाकात हुई, तो उसने कंपनी में सदस्यता लेने की फीस पांच हजार से ग्यारह हजार रुपये बताई। उसके बदले उतने ही रुपये का घरेलू काम में आने वाले सामान दिए जाने की बात कही।
पीड़ित का आरोप है कि उसने दस लाख रुपये जमा करने पर बीएमसी मल्टी लेवल मार्केट कंपनी का स्टोर खोलने पर 12 लाख रुपये का सामान देने की बात कही। पीड़ित को बताया कि वह स्टोर का किराया 60 हजार भी कंपनी ही वहन करेगी। जिसके बाद पीड़ित ने बताए गए अलग-अलग खातों में नौ लाख रुपये भेज दिए। जिसके बाद जगदीश पाल ने स्टोर अगस्त 2020 में खुलवाने का भरोसा दिलाया, लेकिन स्टोर न खुलने पर दिसंबर 2020 का आश्वासन दिया। उसके बाद जगदीश पाल ने फिर से तीन लाख रुपये की डिमांड की। पीड़ित ने खतौली थाने के सामने ही कार में एक मार्च 2021 को दो लाख रुपये दे दिए। स्टोर न खुलवाने पर रुपये वापस देने की मांग की गई। जिस पर जगदीश पाल ने एक लाख रुपये का चेक दिया, जो बाउंस हो गया। पीड़ित का आरोप है कि उक्त सभी आरोपी रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी देने लगे थे। पुलिस ने न्यायालय के आदेश के बाद तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने कैलावड़ा कांटे के पास से मुख्य आरोपी हैडमास्टर जगदीश पाल को हिरासत में लेकर उसको जेल भेज दिया। पुलिस अन्य दोनों आरोपियों की तलाश में लगी है।
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गांव दाहौड़ निवासी विकास कुमार ने थाने में मुकदमा दर्ज कराया कि प्राथमिक विद्यालय कास्मपुर भुम्मा के हैड मास्टर जगदीशपाल ने एक बीएमसी मार्केटिंग कंपनी बनाई हुई थी। जिसमें वह स्वयं डायरेक्टर बना हुआ है। उसके भाई संजीव पाल व तजेंद्र पाल उप निदेशक है। हैड मास्टर जगदीश से मुलाकात हुई, तो उसने कंपनी में सदस्यता लेने की फीस पांच हजार से ग्यारह हजार रुपये बताई। उसके बदले उतने ही रुपये का घरेलू काम में आने वाले सामान दिए जाने की बात कही।
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पीड़ित का आरोप है कि उसने दस लाख रुपये जमा करने पर बीएमसी मल्टी लेवल मार्केट कंपनी का स्टोर खोलने पर 12 लाख रुपये का सामान देने की बात कही। पीड़ित को बताया कि वह स्टोर का किराया 60 हजार भी कंपनी ही वहन करेगी। जिसके बाद पीड़ित ने बताए गए अलग-अलग खातों में नौ लाख रुपये भेज दिए। जिसके बाद जगदीश पाल ने स्टोर अगस्त 2020 में खुलवाने का भरोसा दिलाया, लेकिन स्टोर न खुलने पर दिसंबर 2020 का आश्वासन दिया। उसके बाद जगदीश पाल ने फिर से तीन लाख रुपये की डिमांड की। पीड़ित ने खतौली थाने के सामने ही कार में एक मार्च 2021 को दो लाख रुपये दे दिए। स्टोर न खुलवाने पर रुपये वापस देने की मांग की गई। जिस पर जगदीश पाल ने एक लाख रुपये का चेक दिया, जो बाउंस हो गया। पीड़ित का आरोप है कि उक्त सभी आरोपी रुपये मांगने पर जान से मारने की धमकी देने लगे थे। पुलिस ने न्यायालय के आदेश के बाद तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने कैलावड़ा कांटे के पास से मुख्य आरोपी हैडमास्टर जगदीश पाल को हिरासत में लेकर उसको जेल भेज दिया। पुलिस अन्य दोनों आरोपियों की तलाश में लगी है।
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