{"_id":"621bbf7901281830a35bd1d4","slug":"harsh-reached-romania-border-after-walking-ten-km-muzaffarnagar-news-mrt5786136101","type":"story","status":"publish","title_hn":"दस किमी पैदल चलकर रोमानिया बॉर्डर पहुंचा हर्ष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दस किमी पैदल चलकर रोमानिया बॉर्डर पहुंचा हर्ष
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर : यूक्रेन में फंसे बुढ़ाना निवासी हर्ष से मोबाइल से बात करते पिता अनुज गोयल।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। यूक्रेन में फंसे मेडिकल के छात्र-छात्राओं पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। सभी स्वदेश आने की कोशिश कर रहे हैं। बुढ़ाना का हर्ष अपने साथियों के साथ बस द्वारा इवानो शहर से रोमानिया बॉर्डर के लिए रवाना हुआ था। बार्डर से दस कि मी पहले चेकपोस्ट पर उनकी बस रुक गई थी। अपने सामान को लेकर दस किमी पैदल चलकर वह रोमानिया के बॉर्डर पर पहुंचा। विधायक उमेश मलिक ने रविवार शाम हर्ष के घर पर पहुंचकर परिजनों से बातचीत की।
बुढ़ाना का हर्ष यूक्रेन के इवानो शहर से शनिवार दोपहर करीब तीन बजे अपने साथियों के साथ बस द्वारा रोमानिया के लिए रवाना हुआ था। उसने रोमानिया जाने के कार्यक्रम को व्हॉट्सएप कालिंग द्वारा अपनी माता अलका के साथ साझा किया। हर्ष ने बताया कि उनकी बस को चेकपोस्ट पर रोक दिया गया था। वहां से वह अपने सामान को लेकर अपने साथियों के साथ दस किमी पैदल चल कर रोमानिया के बॉर्डर पर पहुुंचा। रात के समय रोमानिया बॉर्डर का तापक्रम माइनस छह डिग्री सेल्सियस था।
हर्ष ने बताया कि करीब तीन हजार छात्र-छात्राएं यहां पर मौजूद हैं। खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं। छात्रों के अभिभावक सभी छात्रों को बॉर्डर से रोमानिया शहर लाने की मांग कर रहे हैं। रोमानिया शहर में छात्र-छात्राओं को खाने-पीने व रहने की व्यवस्था हो जाएगी। स्वदेश आने वाले हवाई जहाज में किसका नंबर कब आएगा यह किसी को नहीं पता।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुढ़ाना का हर्ष यूक्रेन के इवानो शहर से शनिवार दोपहर करीब तीन बजे अपने साथियों के साथ बस द्वारा रोमानिया के लिए रवाना हुआ था। उसने रोमानिया जाने के कार्यक्रम को व्हॉट्सएप कालिंग द्वारा अपनी माता अलका के साथ साझा किया। हर्ष ने बताया कि उनकी बस को चेकपोस्ट पर रोक दिया गया था। वहां से वह अपने सामान को लेकर अपने साथियों के साथ दस किमी पैदल चल कर रोमानिया के बॉर्डर पर पहुुंचा। रात के समय रोमानिया बॉर्डर का तापक्रम माइनस छह डिग्री सेल्सियस था।
विज्ञापन
हर्ष ने बताया कि करीब तीन हजार छात्र-छात्राएं यहां पर मौजूद हैं। खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं। छात्रों के अभिभावक सभी छात्रों को बॉर्डर से रोमानिया शहर लाने की मांग कर रहे हैं। रोमानिया शहर में छात्र-छात्राओं को खाने-पीने व रहने की व्यवस्था हो जाएगी। स्वदेश आने वाले हवाई जहाज में किसका नंबर कब आएगा यह किसी को नहीं पता।
विज्ञापन