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ताले तोड़कर लगा दी हथकड़ी, पुलिस लाइन में आवास खाली करने के नोटिस चस्पा
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 31 Oct 2017 12:30 AM IST
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मकान के गेट पर लगी हथकड़ी।
- फोटो : अमर उजाला
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तबादले पर अन्य जनपदों में गए पुलिस कर्मचारियों के परिवार पुलिस लाइन में निवास कर रहे हैं, जबकि कुछ आवासों पर कर्मचारियों का नियम विरुद्ध कब्जा है। इसको लेकर पुलिस कप्तान और विभागीय कमेटी सख्त हो गई है। कब्जाधारियों को नोटिस जारी कर 31 अक्तूबर तक का समय दिया गया है। वहीं, ऐसे आवास जिन पर कर्मचारियों ने अपने ताले लगाए हुए थे। कमेटी ने उन तालों को तोड़कर दरवाजों पर हथकड़ी लगा दी है।
पुलिस विभाग में नया नियम लागू किया गया है। जनपद से ट्रांसफर होने के एक महीने के भीतर सरकारी आवास खाली करना होगा। पुलिस लाइन में इस नियम की धज्जियां उड़ रही है। इसको लेकर विभागीय आरआई ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच-पड़ताल की गई तो पुलिस लाइन में करीब दो, तीन ही नहीं पांच साल से आवासों पर कब्जा है।
अब इन्हें खाली कराने के लिए नोटिस चस्पा किए गए हैं। करीब 50 से अधिक आवास ऐसे हैं, जिनमें यहां तैनात रहे पुलिस कर्मचारियों के परिजन निवास कर रहे हैं, जबकि इनका तबादला अन्य जनपद के लिए हो गया है। इस पर कार्रवाई करते हुए आरआई कमेटी ने आवासों को खाली करने के लिए 31 अक्तूबर तक का समय दिया है।
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कुछ ऐसे आवास मिले हैं. जिन पर कर्मचारी अपना ताला लगाकर गायब हो गए। इन आवासों के ताले तोड़कर कमेटी ने हथकड़ी लगा दी है, ताकि कर्मचारी के आने पर उससे जवाब तलब किया जा सके। आरआई वीरेंद्र सिंह ने बताया कि आवास खाली कराने के लिए नोटिस दिए गए हैं। यदि समय पर आवास खाली नहीं किए जाते हैं कब्जाधारियों से सख्ती से निपटा जाएगा।
आवास के लिए महिलाओं ने किया प्रदर्शन
मुजफ्फरनगर। आवास खाली करने का नोटिस मिलते ही पुलिस कर्मचारियों के परिजनों में खलबली मच गई है। मामले को लेकर सोमवार को महिलाएं एसएसपी कार्यालय पर पहुंची। महिलाओं ने कहा कि उनके परिजन को गैर जनपद में ड्यूटी चल रही है, जबकि उन्हें पुलिस लाइन में आवास आवंटित है।
महिलाओं ने बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए मार्च तक का समय दिए जाने की मांग की है। एसएसपी को शिकायती पत्र सौंपा गया है। इस दौरान मीनाक्षी, बबली, कविता राठी, रेखा, पिंकी, राजेश तोमर, सुमन लता, प्रेम लता, सीमा सिंह, प्रतिभारनी, बबीता, नेहा, समिता आदि मौजूद रहीं।
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पुलिस विभाग में नया नियम लागू किया गया है। जनपद से ट्रांसफर होने के एक महीने के भीतर सरकारी आवास खाली करना होगा। पुलिस लाइन में इस नियम की धज्जियां उड़ रही है। इसको लेकर विभागीय आरआई ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच-पड़ताल की गई तो पुलिस लाइन में करीब दो, तीन ही नहीं पांच साल से आवासों पर कब्जा है।
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अब इन्हें खाली कराने के लिए नोटिस चस्पा किए गए हैं। करीब 50 से अधिक आवास ऐसे हैं, जिनमें यहां तैनात रहे पुलिस कर्मचारियों के परिजन निवास कर रहे हैं, जबकि इनका तबादला अन्य जनपद के लिए हो गया है। इस पर कार्रवाई करते हुए आरआई कमेटी ने आवासों को खाली करने के लिए 31 अक्तूबर तक का समय दिया है।
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कुछ ऐसे आवास मिले हैं. जिन पर कर्मचारी अपना ताला लगाकर गायब हो गए। इन आवासों के ताले तोड़कर कमेटी ने हथकड़ी लगा दी है, ताकि कर्मचारी के आने पर उससे जवाब तलब किया जा सके। आरआई वीरेंद्र सिंह ने बताया कि आवास खाली कराने के लिए नोटिस दिए गए हैं। यदि समय पर आवास खाली नहीं किए जाते हैं कब्जाधारियों से सख्ती से निपटा जाएगा।
आवास के लिए महिलाओं ने किया प्रदर्शन
मुजफ्फरनगर। आवास खाली करने का नोटिस मिलते ही पुलिस कर्मचारियों के परिजनों में खलबली मच गई है। मामले को लेकर सोमवार को महिलाएं एसएसपी कार्यालय पर पहुंची। महिलाओं ने कहा कि उनके परिजन को गैर जनपद में ड्यूटी चल रही है, जबकि उन्हें पुलिस लाइन में आवास आवंटित है।
महिलाओं ने बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए मार्च तक का समय दिए जाने की मांग की है। एसएसपी को शिकायती पत्र सौंपा गया है। इस दौरान मीनाक्षी, बबली, कविता राठी, रेखा, पिंकी, राजेश तोमर, सुमन लता, प्रेम लता, सीमा सिंह, प्रतिभारनी, बबीता, नेहा, समिता आदि मौजूद रहीं।