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सीएम के बुलावे पर लखनऊ पहुंची हलीमा
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर।
Updated Sat, 04 Jun 2016 12:11 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मुजफ्फरनगर। आखिरकार 'अमर उजाला' की मुहिम रंग लाई। शाहपुर के गांव कसेरवा की गरीब दिव्यांग छात्रा हलीमा को सीएम अखिलेश यादव का बुलाया आ गया है। शुक्रवार दोपहर वह अपने परिजनों के साथ लखनऊ पहुंच गई। आज उसकी मुख्यमंत्री से मुलाकात होगी और सीएम सम्मानित करेंगे।
कसेरवा की हलीमा को कुदरत ने हाथ नहीं दिए, लेकिन उसने इसका मलाल किए बिना पैरों को ही हाथ बना लिया। पैरों से ही पढ़ाई लिखाई और घर के कामकाज करती है। पढ़ाई को लेकर उसमें गजब का जज्बा है। तंगहाली में हलीमा ने जैसे-तैसे कर श्रीराम कालेज में बीए-एलएलबी एडमिशन लिया था।
इसी बीच हलीमा के पिता मोमीन का बीमारी से इंतकाल हो गया। घर के अकेले कमाने वाले शख्स के जाने से हलीमा के परिवार में फाकाकशी की नौबत आ गई। फीस जमा नहीं होने पर उसकी पढ़ाई छूटने के कगार पर थी। ऐसे में 'अमर उजाला' उसकी आवाज बना। मदद के लिए हाथ बढ़ते गए। कालेज प्रबंधन ने भी हलीमा की फीस माफ करने का ऐलान कर दिया। प्रशासन ने भी इस गरीब परिवार की सुध ली।
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उसकी विकलांग पेंशन और मां की विधवा पेंशन की औपचारिकताएं ब्लाक के अधिकारियों ने घर पहुंचकर पूरी की। प्रशासन ने उसके परिजनों को लोहिया आवास और जमीन का पट्टा भी दिए जाने का आश्वासन दिया है। एमएलसी आशु मलिक और जिला पंचायत सदस्य के पति अथर चौधरी के प्रयास से हलीमा की कहानी सीएम तक पहुंची।
सीएम ने हलीमा को सम्मानित करने के लिए लखनऊ बुलाया। हलीमा पारिवारिक सदस्यों के साथ लखनऊ पहुंच गई है। शनिवार को सीएम अपने आवास पर उससे मुलाकात करेंगे। हलीमा के साथ अथर चौधरी, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की वार्डन गीता, सहेली शाहजहां, शौकीन, आबिद भी लखनऊ गए हैं।
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कसेरवा की हलीमा को कुदरत ने हाथ नहीं दिए, लेकिन उसने इसका मलाल किए बिना पैरों को ही हाथ बना लिया। पैरों से ही पढ़ाई लिखाई और घर के कामकाज करती है। पढ़ाई को लेकर उसमें गजब का जज्बा है। तंगहाली में हलीमा ने जैसे-तैसे कर श्रीराम कालेज में बीए-एलएलबी एडमिशन लिया था।
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इसी बीच हलीमा के पिता मोमीन का बीमारी से इंतकाल हो गया। घर के अकेले कमाने वाले शख्स के जाने से हलीमा के परिवार में फाकाकशी की नौबत आ गई। फीस जमा नहीं होने पर उसकी पढ़ाई छूटने के कगार पर थी। ऐसे में 'अमर उजाला' उसकी आवाज बना। मदद के लिए हाथ बढ़ते गए। कालेज प्रबंधन ने भी हलीमा की फीस माफ करने का ऐलान कर दिया। प्रशासन ने भी इस गरीब परिवार की सुध ली।
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उसकी विकलांग पेंशन और मां की विधवा पेंशन की औपचारिकताएं ब्लाक के अधिकारियों ने घर पहुंचकर पूरी की। प्रशासन ने उसके परिजनों को लोहिया आवास और जमीन का पट्टा भी दिए जाने का आश्वासन दिया है। एमएलसी आशु मलिक और जिला पंचायत सदस्य के पति अथर चौधरी के प्रयास से हलीमा की कहानी सीएम तक पहुंची।
सीएम ने हलीमा को सम्मानित करने के लिए लखनऊ बुलाया। हलीमा पारिवारिक सदस्यों के साथ लखनऊ पहुंच गई है। शनिवार को सीएम अपने आवास पर उससे मुलाकात करेंगे। हलीमा के साथ अथर चौधरी, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की वार्डन गीता, सहेली शाहजहां, शौकीन, आबिद भी लखनऊ गए हैं।