{"_id":"5e9c89f38ebc3e6fea5a60f8","slug":"hadiths-resort-to-lockdown-muzaffarnagar-news-mrt478404917","type":"story","status":"publish","title_hn":"लॉकडाउन का पालन कराने के लिए हदीसों का सहारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लॉकडाउन का पालन कराने के लिए हदीसों का सहारा
विज्ञापन
लॉकडाउन का पालन कराने के लिए हदीसों का सहारा
मुजफ्फरनगर। कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए जनपद पुलिस ने नई पहल करते हुए रमजान माह के मद्देनजर हदीसों का सहारा लिया है। 27 अप्रैल से मुस्लिम समाज के लिए पवित्र रमजान माह की शुरूआत होने वाली है। जनपद पुलिस रमजान माह में भी लोगों से लॉकडाउन का पालन कर घरों में ही रहने की अपील कर रही है। रविवार को पुलिस की ओर से सोशल मीडिया पर इन हदीसों को वायरल करते हुए लोगों से घरों में ही रहकर इबादत करने की अपील की गई।
- सोशल डिस्टेंसिंग एक पैगंबरी कमांड है। संक्रामक रोगों से ग्रस्त लोगों को स्वस्थ रहने वालों से दूर रखना चाहिए। बुखारी (6771) और मुस्लिम (2221)
- यात्रा प्रतिबंध एक पैगंबरी शिक्षण है। उस भूमि में प्रवेश न करें, जहां प्लेग (छूत की बीमारी) ने दम तोड़ दिया हो। जहां से यह टूट गया है, वहां से न निकलें। बुखारी (5739) और मुस्लिम (2219)
- होम क्वारंटीन एक भविष्यवाणी सलाह है। प्लेग (छूत) का मरीज, जो धैर्य और इनाम की उम्मीद के साथ अपने घर में रहता है। यह जानते हुए कि अल्लाह के फरमान के अलावा उसे कुछ नहीं होगा, इनाम या शहीद हो जाएगा। मसनद अहमद, साहिह बुखारी (2829), मुस्लिम (1914) (बनाम)
विज्ञापन
इन्होंने कहा ........
वरिष्ठ अधिवक्ता और समाजसेवी असद जमां ने कहा कि हदीसों में महामारी व उससे बचाव की जो ताकीद की गई है। उसका मतलब साफ है, धर्म तभी सुरक्षित होगा, जब सभी मानव व राष्ट्र सुरक्षित होगा। पवित्र रमजान माह के हिसाब से पुलिस की यह अपील एक शानदार प्रयास है। हर व्यक्ति को इसका पालन करते हुए देश व मानवता की भलाई के लिए अपना योगदान देना चाहिए।
--------------
रमजान में घर में ही बनाएं मस्जिद
भोपा। थाना क्षेत्र की जौली व सीकरी पुलिस चौकी पर रविवार को रमजान माह को लेकर शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मौलाना सैय्यद जावेद अब्बास काजमी, मौलाना नजर मोहम्मद, मौलाना महताब, मौलाना समर अब्बास, मौलाना सज्जाद हुसैन ने कहा कि हमारी लड़ाई बीमारी की शक्ल के दुश्मन कोरोना से है। ऐसे में हमें शासन-प्रशासन का साथ देते हुए रमजान माह में घरों में ही नमाज पढ़कर घरों को ही मस्जिद बनाना है। सीओ राममोहन शर्मा, इंस्पेक्टर संजीव कुमार के साथ ही प्रधान शाह रजा नकवी, प्रधान इरफान अप्पी, प्रधान जानआलम, मौलाना मुंत्याज आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए जनपद पुलिस ने नई पहल करते हुए रमजान माह के मद्देनजर हदीसों का सहारा लिया है। 27 अप्रैल से मुस्लिम समाज के लिए पवित्र रमजान माह की शुरूआत होने वाली है। जनपद पुलिस रमजान माह में भी लोगों से लॉकडाउन का पालन कर घरों में ही रहने की अपील कर रही है। रविवार को पुलिस की ओर से सोशल मीडिया पर इन हदीसों को वायरल करते हुए लोगों से घरों में ही रहकर इबादत करने की अपील की गई।
- सोशल डिस्टेंसिंग एक पैगंबरी कमांड है। संक्रामक रोगों से ग्रस्त लोगों को स्वस्थ रहने वालों से दूर रखना चाहिए। बुखारी (6771) और मुस्लिम (2221)
- यात्रा प्रतिबंध एक पैगंबरी शिक्षण है। उस भूमि में प्रवेश न करें, जहां प्लेग (छूत की बीमारी) ने दम तोड़ दिया हो। जहां से यह टूट गया है, वहां से न निकलें। बुखारी (5739) और मुस्लिम (2219)
विज्ञापन
- होम क्वारंटीन एक भविष्यवाणी सलाह है। प्लेग (छूत) का मरीज, जो धैर्य और इनाम की उम्मीद के साथ अपने घर में रहता है। यह जानते हुए कि अल्लाह के फरमान के अलावा उसे कुछ नहीं होगा, इनाम या शहीद हो जाएगा। मसनद अहमद, साहिह बुखारी (2829), मुस्लिम (1914) (बनाम)
विज्ञापन
इन्होंने कहा ........
वरिष्ठ अधिवक्ता और समाजसेवी असद जमां ने कहा कि हदीसों में महामारी व उससे बचाव की जो ताकीद की गई है। उसका मतलब साफ है, धर्म तभी सुरक्षित होगा, जब सभी मानव व राष्ट्र सुरक्षित होगा। पवित्र रमजान माह के हिसाब से पुलिस की यह अपील एक शानदार प्रयास है। हर व्यक्ति को इसका पालन करते हुए देश व मानवता की भलाई के लिए अपना योगदान देना चाहिए।
--------------
रमजान में घर में ही बनाएं मस्जिद
भोपा। थाना क्षेत्र की जौली व सीकरी पुलिस चौकी पर रविवार को रमजान माह को लेकर शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मौलाना सैय्यद जावेद अब्बास काजमी, मौलाना नजर मोहम्मद, मौलाना महताब, मौलाना समर अब्बास, मौलाना सज्जाद हुसैन ने कहा कि हमारी लड़ाई बीमारी की शक्ल के दुश्मन कोरोना से है। ऐसे में हमें शासन-प्रशासन का साथ देते हुए रमजान माह में घरों में ही नमाज पढ़कर घरों को ही मस्जिद बनाना है। सीओ राममोहन शर्मा, इंस्पेक्टर संजीव कुमार के साथ ही प्रधान शाह रजा नकवी, प्रधान इरफान अप्पी, प्रधान जानआलम, मौलाना मुंत्याज आदि मौजूद रहे।