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कोरोना की जंग में हार गई महिला रोग विशेषज्ञ
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कोरोना की जंग हार गईं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शशि प्रतीक
मुजफ्फरनगर/चरथावल। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शशि प्रतीक कोरोना से जंग हार गईं। शनिवार अलसुबह एम्स ऋषिकेश में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से गांव बधाई कलां और चांदपुर में शोक छा गया।
करीब एक महीने पूर्व डॉ. शशि प्रतीक संक्रमित हो गई थीं। एम्स ऋषिकेश में उनका उपचार चल रहा था। कुछ दिन पहले उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ गई। हालांकि फेफड़ों आदि में संक्रमण के कारण वह वेंटिलेटर पर मौत और जिंदगी से लड़ती रहीं। उपचार के दौरान शनिवार सुबह उनका निधन हो गया। बधाई कलां में उनकी ससुराल है और सदर ब्लॉक के गांव चांदपुर उनके मायके में यह खबर पहुंची तो शोक छा गया। वे एम्स ऋषिकेश के डायरेक्टर पद्मश्री डॉ. रविकांत की बड़ी बहन थीं। उन्होंने सफदरजंग दिल्ली, सुभारती मेरठ में स्त्री रोग की एचओडी और एम्स ऋषिकेश में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर तैनात रहकर लंबी सेवाएं दीं। उनके पति डॉ. केपीएस मलिक देश के जाने माने नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं। उनकी बेटी कोकिल यूएसए में डॉक्टर है। बेटा आदित्य एमएनसी पुणे में कार्यरत हैं। उनका अंतिम संस्कार ऋषिकेश में हुआ। बधाई कलां से परिजन भी वहां पहुंच गए। उनके भतीजे एडीजीसी नीरज कांत ने बताया कि डॉ. शशि स्वयं सेवी संस्था हेल्थ इज वेल्थ फाउंडेशन की अध्यक्ष थीं। जो साल में कई बार दिल्ली से चिकित्सकों की टीम के साथ जिले के बधाई कलां, चांदपुर आदि गांवों में नियमित कैंप कर मरीजों का मुफ्त सेवा प्रदान करती थीं। यह सिलसिला 20 साल से ज्यादा चल रहा था।
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मुजफ्फरनगर/चरथावल। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शशि प्रतीक कोरोना से जंग हार गईं। शनिवार अलसुबह एम्स ऋषिकेश में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से गांव बधाई कलां और चांदपुर में शोक छा गया।
करीब एक महीने पूर्व डॉ. शशि प्रतीक संक्रमित हो गई थीं। एम्स ऋषिकेश में उनका उपचार चल रहा था। कुछ दिन पहले उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ गई। हालांकि फेफड़ों आदि में संक्रमण के कारण वह वेंटिलेटर पर मौत और जिंदगी से लड़ती रहीं। उपचार के दौरान शनिवार सुबह उनका निधन हो गया। बधाई कलां में उनकी ससुराल है और सदर ब्लॉक के गांव चांदपुर उनके मायके में यह खबर पहुंची तो शोक छा गया। वे एम्स ऋषिकेश के डायरेक्टर पद्मश्री डॉ. रविकांत की बड़ी बहन थीं। उन्होंने सफदरजंग दिल्ली, सुभारती मेरठ में स्त्री रोग की एचओडी और एम्स ऋषिकेश में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर तैनात रहकर लंबी सेवाएं दीं। उनके पति डॉ. केपीएस मलिक देश के जाने माने नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं। उनकी बेटी कोकिल यूएसए में डॉक्टर है। बेटा आदित्य एमएनसी पुणे में कार्यरत हैं। उनका अंतिम संस्कार ऋषिकेश में हुआ। बधाई कलां से परिजन भी वहां पहुंच गए। उनके भतीजे एडीजीसी नीरज कांत ने बताया कि डॉ. शशि स्वयं सेवी संस्था हेल्थ इज वेल्थ फाउंडेशन की अध्यक्ष थीं। जो साल में कई बार दिल्ली से चिकित्सकों की टीम के साथ जिले के बधाई कलां, चांदपुर आदि गांवों में नियमित कैंप कर मरीजों का मुफ्त सेवा प्रदान करती थीं। यह सिलसिला 20 साल से ज्यादा चल रहा था।
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