{"_id":"652af3bb37df19d1230fe908","slug":"government-purchasing-center-is-deserted-paddy-is-being-sold-in-the-market-muzaffarnagar-news-c-29-1-smrt1031-9512-2023-10-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: सरकारी क्रय केंद्र सूने, मंडी में बिक रहा धान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: सरकारी क्रय केंद्र सूने, मंडी में बिक रहा धान
विज्ञापन
- सरकार ने 2183 रुपये घोषित किया, बाजार में 3300 बिका धान
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। प्रदेश सरकार के धान क्रय केंद्र सूने पड़े हैं और मंडी के व्यापारियों के यहां धान बेचने वाले किसानों की भीड़ लगी है। सरकारी क्रय केंद्र एक अक्तूबर से खुले हैं और अब तक केवल 27.80 क्विंटल धान की खरीद हो पाई है। सरकार ने धान का मूल्य 2183 रुपये क्विंटल घोषित किया। बाजार में किसानों का धान 3300 रुपये क्विंटल तक मिल रहा है।
धान खरीद के लिए जिले में नौ क्रय केंद्र बनाए गए हैं, इनमें तीन नवीन मंडी स्थल पर हैं। एक अक्तूबर से धान की खरीद शुरू की गई है। सरकार ने धान खरीद का मूल्य 2183 रुपये क्विंटल तय किया है। सरकारी क्रय केंद्रों पर अभी तक यहां मात्र 27.80 क्विंटल की खरीद हुई है। इसके विपरीत व्यापारियों के यहां किसानों की भीड़ लगी है। अनाज मंडी में चारों तरफ धान ही धान दिखाई दे रहा है। जिले के किसान बासमती धान की खेती करते हैं, जिसका बाजार मूल्य सरकारी मूल्य से अधिक रहता है। इस कारण किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की बिक्री नहीं करते हैं।
गांव जसोई के किसान विजयपाल ने बासमती धान की 1509 प्रजाति की उपज की है। उसका धान यहां 3275 रुपये क्विंटल बिका है। एडीएम वित्त गजेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में अब तक केवल 27 क्विंटल 80 किलो धान की खरीद हो पाई है।
विज्ञापन
- धान माफिया कर रहे टैक्स चोरी
फोटो
नवीन मंडी के खाद्यान्न व्यापार संघ के अध्यक्ष जितेंद्र कुच्छल का कहना है कि मंडी में काफी धान आ रहा है। हमारे जिले में बासमती धान का उत्पादन होता है। बाजार में तीन हजार से 3275 तक बिक रहा है।
- 10 हजार हेक्टेयर में धान का उत्पादन
जिला कृषि अधिकारी एसके तिवारी ने बताया कि जिले में धान की खेती 10 हजार 200 हेक्टेयर में हो रही है। जिले के अधिकतम किसान बासमती धान का ही उत्पादन करते हैं।
- जिले में बनाए गए नौ सरकारी क्रय केंद्र
प्रशासन ने जिले में धान खरीद के लिए नौ क्रय केंद्र बनाए हैं। खाद्य निगम ने नवीन मंडी स्थल, पुरकाजी, चरथावल, मोरना और जानसठ में केंद्र बनाया है। पीसीएफ ने नई मंडी, शेरपुर और रामराज में केंद्र बनाया है। खाद्य विभाग ने रामराज में केंद्र बनाया है। इन केंद्रों पर 31 जनवरी तक खरीद की जाएगी। किसानों को धान बेचने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने होंगे।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। प्रदेश सरकार के धान क्रय केंद्र सूने पड़े हैं और मंडी के व्यापारियों के यहां धान बेचने वाले किसानों की भीड़ लगी है। सरकारी क्रय केंद्र एक अक्तूबर से खुले हैं और अब तक केवल 27.80 क्विंटल धान की खरीद हो पाई है। सरकार ने धान का मूल्य 2183 रुपये क्विंटल घोषित किया। बाजार में किसानों का धान 3300 रुपये क्विंटल तक मिल रहा है।
धान खरीद के लिए जिले में नौ क्रय केंद्र बनाए गए हैं, इनमें तीन नवीन मंडी स्थल पर हैं। एक अक्तूबर से धान की खरीद शुरू की गई है। सरकार ने धान खरीद का मूल्य 2183 रुपये क्विंटल तय किया है। सरकारी क्रय केंद्रों पर अभी तक यहां मात्र 27.80 क्विंटल की खरीद हुई है। इसके विपरीत व्यापारियों के यहां किसानों की भीड़ लगी है। अनाज मंडी में चारों तरफ धान ही धान दिखाई दे रहा है। जिले के किसान बासमती धान की खेती करते हैं, जिसका बाजार मूल्य सरकारी मूल्य से अधिक रहता है। इस कारण किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की बिक्री नहीं करते हैं।
विज्ञापन
गांव जसोई के किसान विजयपाल ने बासमती धान की 1509 प्रजाति की उपज की है। उसका धान यहां 3275 रुपये क्विंटल बिका है। एडीएम वित्त गजेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में अब तक केवल 27 क्विंटल 80 किलो धान की खरीद हो पाई है।
विज्ञापन
- धान माफिया कर रहे टैक्स चोरी
फोटो
नवीन मंडी के खाद्यान्न व्यापार संघ के अध्यक्ष जितेंद्र कुच्छल का कहना है कि मंडी में काफी धान आ रहा है। हमारे जिले में बासमती धान का उत्पादन होता है। बाजार में तीन हजार से 3275 तक बिक रहा है।
- 10 हजार हेक्टेयर में धान का उत्पादन
जिला कृषि अधिकारी एसके तिवारी ने बताया कि जिले में धान की खेती 10 हजार 200 हेक्टेयर में हो रही है। जिले के अधिकतम किसान बासमती धान का ही उत्पादन करते हैं।
- जिले में बनाए गए नौ सरकारी क्रय केंद्र
प्रशासन ने जिले में धान खरीद के लिए नौ क्रय केंद्र बनाए हैं। खाद्य निगम ने नवीन मंडी स्थल, पुरकाजी, चरथावल, मोरना और जानसठ में केंद्र बनाया है। पीसीएफ ने नई मंडी, शेरपुर और रामराज में केंद्र बनाया है। खाद्य विभाग ने रामराज में केंद्र बनाया है। इन केंद्रों पर 31 जनवरी तक खरीद की जाएगी। किसानों को धान बेचने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने होंगे।