फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Ganga Mela Muzaffarnagar

मेले की आधी अधूरी तैयारी, सिमटता जा रहा गंगा मेले का क्षेत्रफल

Tue, 31 Oct 2017 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Tue, 31 Oct 2017 12:27 AM IST
विज्ञापन
Ganga Mela Muzaffarnagar
शुक्रताल में लगे तंबू। - फोटो : अमर उजाला
शुक्रताल में लगने वाले कार्तिक गंगा स्नान मेले का क्षेत्रफल कम हो गया है। श्रद्धालुओं को तंबू लगाने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। खेल मैदान, सर्कस, पशु प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी अब कागजों तक ही सिमट कर रह गए हैं। मुख्य गंगा घाट पर बल्लियों के सहारे लगाए गए मिट्टी के ढेर ने स्नान करने की जगह को काफी कम कर दिया है। मेले की तैयारी और साफ-सफाई के कार्य अभी भी आधे-अधूरे हैं। दूरदराज से आए दुकानदारों ने मुख्य बाजार मेले में अपनी दुकानें लगाने में जुटे हुए हैं।
विज्ञापन


शुक्रताल में प्रतिवर्ष गंगा नदी के तट पर आयोजित होने वाले कार्तिक गंगा स्नान मेला ग्राउंड के संकुचित हो जाने से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आसपास गन्ने की फसल खड़ी होने के कारण गंगा की विरल धारा मेला ग्राउंड से दूर हो गई है। मेले की ऐतिहासिक सुंदरता के स्वरूप में प्रतिवर्ष बदलाव आ रहा है। मेला ग्राउंड के छोटे हो जाने से दूरदराज से आने वाले श्रद्धालु असहज महसूस कर रहे हैं।
विज्ञापन


शुक्रताल के ग्रामीणों के अनुसार हाल के वर्षों में गंगा तट पर हो रही खेती से मेला ग्राउंड के साथ-साथ गंगा तट भी संकुचित होता जा रहा है, जहां श्रद्धालु गंगा की रेत में अपना तंबू लगाकर चूल्हा चलाकर खिचड़ी पका कर आनंदमय हो जाते थे। वहीं बदले स्वरूप ने मेले के स्वरूप को बदल दिया है। ईंट और मिट्टी के चूल्हों के स्थान पर अब गैस के चूल्हों ने स्थान ले लिया है। वहीं, गंगाघाट पर चल रहे निर्माण कार्य के कारण मुख्य गंगा घाट भी संकुचित हो गया है। श्रद्धालुओं को मुख्य गंगा घाट के अलावा अन्य स्थानों पर स्नान करना पड़ेगा, जहां डूबने का खतरा हो सकता है।       
विज्ञापन
विज्ञापन


मेले के लिए प्रशासन ने कमर कसी      
मोरना। चार नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले गंगा स्नान मेले की तैयारियां अधूरी व्यवस्थाओं के साथ आरंभ हो गई हैं। एक ओर जहां गंगा घाट पर चारों ओर मिट्टी के ढेर लगे हुए हैं, वहीं, मीना बाजार के स्थान पर भी मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण फैला हुआ है। मेला दुकानदारों को दुकान लगाने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ा रहा है। भोपा थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि मेला कोतवाली में थाना ककरौली के एसएसआई विजय बहादुर सिंह को मेला प्रभारी बनाया गया है।


मेला क्षेत्र को तीन सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर में एक सीओ, एक उपनिरीक्षक, 7 इंचार्ज, 29 उपनिरीक्षक, 6 महिला उपनिरीक्षक, 16 हेड कांस्टेबल, 98 कांस्टेबल, 46 महिला कांस्टेबल, 2 कंपनी पीएसी बल,  3 एपी गार्ड, 6 ट्रैफिक गार्ड, एक फायर टैंकर, 100 होमगार्ड, 6 महिला होमगार्ड, 50 चौकीदार सहित एसडीएम जानसठ द्वारा राजस्व विभाग के 8 अधिकारी, गुंडा दमन दल, एंटी रोमियो के अलावा गोताखोर पुलिस की 24 प्लाटून तैनात की गई है। मेले की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक अपराध को सौंपी गई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed