{"_id":"592f14624f1c1ba915bdd958","slug":"ganga-fair-from-friday","type":"story","status":"publish","title_hn":"शुक्रताल में गंगा मेला कल शाम से, घाट पर लगे गंदगी के ढेर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शुक्रताल में गंगा मेला कल शाम से, घाट पर लगे गंदगी के ढेर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 01 Jun 2017 12:37 AM IST
विज्ञापन
शुक्रताल में गंगाघाट पर फैली गंदगी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्येष्ठ गंगा दशहरा मेले के आयोजन को लेकर प्रशासन की तैयारियां आधी अधूरी नजर आ रही है। शुक्रताल में जल के प्रवाह को बढ़ा दिया गया है। मुख्य गंगा स्नान को लेकर प्रशासन के सामने सवाल खड़े हैं। गंगा घाट पर श्रद्धालुओं के लिए स्नान को जगह का भारी अभाव दिखाई दे रहा है। वहीं दूसरी ओर पक्के घाट के आगे पानी काफी गहरा होने की वजह से हादसा होने की आशंका बनी है। गंगा घाट पर अभी तक कूड़ा जगह-जगह बिखरा पड़ा है। दो जून की शाम को पूजा अर्चना के साथ मेले का शुभारंभ होगा।
शुक्रताल में गत वर्षों की भांति ज्येष्ठ गंगा दशहरा मेले का आयोजन जिला पंचायत के तत्वाधान में किया जाता है। जिसको लेकर प्रत्येक विभाग को मेले के आयोजन में भागीदारी के तहत जिम्मेदारी दी जाती है, लेकिन वह सिर्फ बैठक के दौरान कागजों में सिमट कर रह जाती है। गंगा सेवा समिति महामंत्री चौधरी महकार सिंह ने बताया कि दो जून की शाम को मां गंगा आरती तथा विशेष पूजा अर्चना के बाद विधिविधान पूर्वक मेले का शुभारंभ किया जाएगा। मुख्य गंगा स्नान चार जून को होगा।
मेले के आयोजन को देखते हुए सिंचाई विभाग की ओर से गंगा में 500 क्यूसेक पानी को छोड़ दिया गया है। जिसके चलते गंगा का जल स्तर दो फिट बढ़ गया है। पानी के बहाव में तेजी आई है। मुख्य गंगा घाट को पक्का किए जाने को लेकर बड़े पैमाने पर कार्य किया जा रहा है। घाट पर जगह की कमी के चलते मुख्य गंगा स्नान के दिन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को भारी परेशानी से दो चार होना पड़ेगा। लेकिन इस मामले को लेकर प्रशासन ने अभी तक मुख्य घाट की खामियों को लेकर कोई गंभीरता नही दिखाई है।
विज्ञापन
वहीं गंगा घाट पर सफाई का अभाव के कारण कूड़ा करकट पड़ा हुआ है। ग्राम प्रधान सुशील शर्मा ने बताया कि आसपास के कस्बों से आने वाले सफाई कर्मियों की टीम नगर में नहीं आने से गलियों व चौराहों पर साफ-सफाई नहीं हो पाई है। जबकि मेले केे आयोजन को बहुत कम समय बचा है। दूर दराज से आए दुकानदारों ने मेले में अपनी दुकानों को तैयार करने मे जुटे हुए हैं। नगर पंचायत जेई अरविंद कुमार ने बताया कि मचान, बेरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था आदि को लेकर तेजी से कार्य किया जा रहा है। मेले के समय से पूर्व ही समस्त कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
शुक्रताल में गत वर्षों की भांति ज्येष्ठ गंगा दशहरा मेले का आयोजन जिला पंचायत के तत्वाधान में किया जाता है। जिसको लेकर प्रत्येक विभाग को मेले के आयोजन में भागीदारी के तहत जिम्मेदारी दी जाती है, लेकिन वह सिर्फ बैठक के दौरान कागजों में सिमट कर रह जाती है। गंगा सेवा समिति महामंत्री चौधरी महकार सिंह ने बताया कि दो जून की शाम को मां गंगा आरती तथा विशेष पूजा अर्चना के बाद विधिविधान पूर्वक मेले का शुभारंभ किया जाएगा। मुख्य गंगा स्नान चार जून को होगा।
विज्ञापन
मेले के आयोजन को देखते हुए सिंचाई विभाग की ओर से गंगा में 500 क्यूसेक पानी को छोड़ दिया गया है। जिसके चलते गंगा का जल स्तर दो फिट बढ़ गया है। पानी के बहाव में तेजी आई है। मुख्य गंगा घाट को पक्का किए जाने को लेकर बड़े पैमाने पर कार्य किया जा रहा है। घाट पर जगह की कमी के चलते मुख्य गंगा स्नान के दिन आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को भारी परेशानी से दो चार होना पड़ेगा। लेकिन इस मामले को लेकर प्रशासन ने अभी तक मुख्य घाट की खामियों को लेकर कोई गंभीरता नही दिखाई है।
विज्ञापन
वहीं गंगा घाट पर सफाई का अभाव के कारण कूड़ा करकट पड़ा हुआ है। ग्राम प्रधान सुशील शर्मा ने बताया कि आसपास के कस्बों से आने वाले सफाई कर्मियों की टीम नगर में नहीं आने से गलियों व चौराहों पर साफ-सफाई नहीं हो पाई है। जबकि मेले केे आयोजन को बहुत कम समय बचा है। दूर दराज से आए दुकानदारों ने मेले में अपनी दुकानों को तैयार करने मे जुटे हुए हैं। नगर पंचायत जेई अरविंद कुमार ने बताया कि मचान, बेरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था आदि को लेकर तेजी से कार्य किया जा रहा है। मेले के समय से पूर्व ही समस्त कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।