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नाबालिग नेताओं के हाथों में जिले की बागडोर : मलिक
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 09 Jun 2017 12:41 AM IST
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पत्रकारों से वार्ता करते पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक।
- फोटो : अमर उजाला
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कांग्रेस नेता एवं पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा कि मंदसौर की घटना ने देशभर के किसानों को झकझोर दिया है। मध्य प्रदेश सरकार मंदसौर के किसानों को अकेला न समझे, यहां के किसान भी उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि जिले में शेरपुर और नसीरपुर की घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं। उन्होंने जिले की बागडोर नाबालिग राजनेताओं के हाथों में बताते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
अपने आवास पर पत्रकारों से वार्ता में हरेंद्र मलिक ने कहा कि मंदसौर में किसानों पर बर्बर लाठीचार्ज और गोली चलाया जाना भाजपा की किसान विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के किसानों को अकेला न समझा जाए। देशभर का किसान उनके साथ है। किसानों की मांगों के समर्थन में राष्ट्रपति के नाम डीएम को ज्ञापन दिया जाएगा। 15 जून को राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में किसानों की एक रैली होगी।
इस रैली में सपा, जदयू, कांग्रेस के नेताओं को बुलाया जाएगा। रैली के लिए जिला प्रशासन से अनुमति मांगी जाएगी। अनुमति नहीं मिलेगी तो किसान गोली खाने को भी तैयार हैं। हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने के लिए रैली करेंगे। मलिक ने कहा कि जिले में शेरपुर की घटना और नसीरपुर की घटना प्रशासन की विफलता हैं। ऐसा लगता है कि जिला नाबालिग राजनीतिज्ञों के हाथों में चला गया है। मलिक ने जनता से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
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अपने आवास पर पत्रकारों से वार्ता में हरेंद्र मलिक ने कहा कि मंदसौर में किसानों पर बर्बर लाठीचार्ज और गोली चलाया जाना भाजपा की किसान विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के किसानों को अकेला न समझा जाए। देशभर का किसान उनके साथ है। किसानों की मांगों के समर्थन में राष्ट्रपति के नाम डीएम को ज्ञापन दिया जाएगा। 15 जून को राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में किसानों की एक रैली होगी।
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इस रैली में सपा, जदयू, कांग्रेस के नेताओं को बुलाया जाएगा। रैली के लिए जिला प्रशासन से अनुमति मांगी जाएगी। अनुमति नहीं मिलेगी तो किसान गोली खाने को भी तैयार हैं। हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने के लिए रैली करेंगे। मलिक ने कहा कि जिले में शेरपुर की घटना और नसीरपुर की घटना प्रशासन की विफलता हैं। ऐसा लगता है कि जिला नाबालिग राजनीतिज्ञों के हाथों में चला गया है। मलिक ने जनता से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
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