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पूर्व आईजी अवतार नारायण कौल का निधन
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पूर्व आईजी अवतार नारायण कौल का फाइल फोटो।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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पूर्व आईजी अवतार नारायण कौल का निधन
मुजफ्फरनगर। पूर्व आईजी और जिले के वयोवृद्ध आईपीएस अवतार नारायण कौल का (92) का निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार थे। दिल्ली के एक हॉस्पिटल में भर्ती थे। उनके निधन की सूचना से उनके परिचितों में शोक छा गया।
अवतार नारायण कौल एक आईपीएस अधिकारी के साथ बहुत ही अच्छे संगीतकार और प्रखर वक्ता थे। उनका जन्म सात जनवरी 1928 को शहर के मेरठ रोड स्थित एक आवास पर हुआ था। उन्होंने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से 1949 में अर्थशास्त्र में एमए किया। 1951 में उनका चयन आईपीएस में हुआ। वह आईजी के पद से रिटायर हुए। प्रदेश में वह विभिन्न जिलों में तैनात रहे। उन्हें नौकरी के दौरान इंडियन पुलिस मेडल और राष्ट्रपति पुलिस मेडल भी मिला। उनकी हिंदी, उर्दू, फारसी और अंग्रेजी पर अच्छी पकड़ थी। उनके नजदीक रहे डीएवी कॉलेज के अंग्रेजी विभागाध्यक्ष राधा मोहन तिवारी का कहना है कि अवतार नारायण कौल वर्ष 1986 में रिटायर होकर मुजफ्फरनगर में अपनी कोठी में ही रहे। लगभग तीन दशक वह यहां रहे। इस बीच उन्होंने लेखन कार्य भी किया। संगीत के कई कार्यक्रम आयोजित किए। उनके निधन से इस जिले ने एक सुसंस्कृत अधिकारी, लेखक और संगीतकार खो दिया है।
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मुजफ्फरनगर। पूर्व आईजी और जिले के वयोवृद्ध आईपीएस अवतार नारायण कौल का (92) का निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार थे। दिल्ली के एक हॉस्पिटल में भर्ती थे। उनके निधन की सूचना से उनके परिचितों में शोक छा गया।
अवतार नारायण कौल एक आईपीएस अधिकारी के साथ बहुत ही अच्छे संगीतकार और प्रखर वक्ता थे। उनका जन्म सात जनवरी 1928 को शहर के मेरठ रोड स्थित एक आवास पर हुआ था। उन्होंने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से 1949 में अर्थशास्त्र में एमए किया। 1951 में उनका चयन आईपीएस में हुआ। वह आईजी के पद से रिटायर हुए। प्रदेश में वह विभिन्न जिलों में तैनात रहे। उन्हें नौकरी के दौरान इंडियन पुलिस मेडल और राष्ट्रपति पुलिस मेडल भी मिला। उनकी हिंदी, उर्दू, फारसी और अंग्रेजी पर अच्छी पकड़ थी। उनके नजदीक रहे डीएवी कॉलेज के अंग्रेजी विभागाध्यक्ष राधा मोहन तिवारी का कहना है कि अवतार नारायण कौल वर्ष 1986 में रिटायर होकर मुजफ्फरनगर में अपनी कोठी में ही रहे। लगभग तीन दशक वह यहां रहे। इस बीच उन्होंने लेखन कार्य भी किया। संगीत के कई कार्यक्रम आयोजित किए। उनके निधन से इस जिले ने एक सुसंस्कृत अधिकारी, लेखक और संगीतकार खो दिया है।
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