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वन विभाग ने चिल्लागाह में सभी कमरों पर ताला लगाया
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बिहारगढ़ के चिल्लागाह पर ताला लगाता वन विभाग का कर्मचारी।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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वन विभाग ने चिल्लागाह में सभी कमरों पर ताला लगाया
मोरना/मुजफ्फरनगर। वन विभाग ने बिहारगढ़ के चिल्लागाह में आवास के सभी कमरों पर अपना ताला लगा दिया है। पीर खुशहाल के परिजनों ने कमरों की चाबियां वन विभाग को सौंप दी है। परिजनों ने पूरा सामान उठाने के लिए वन विभाग से एक दिन का वक्त मांगा है। डीएफो सूरज कुमार ने बताया कि रविवार को आवास परिसर को पूरी तरह खाली कर दिया जाएगा। उधर, चिल्लागाह में रहने वाले अधिकांश लोग यहां से बरेली चले गए हैं।
मोरना क्षेत्र के बिहारगढ़ में वन विभाग की 98 बीघा जमीन पर लीज का समय खत्म होने के बाद भी पीर खुशहाल के परिवार का कब्जा था। जमीन की लीज वर्ष 2005 में पूरी हो गई थी। वर्ष 2010 में डीएम ने पट्टा निरस्त कर दिया था। वर्ष 2016 में न्यायालय ने डीएम के आदेश को सही माना था। बावजूद इसके वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा चल आ रहा था। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान के डीएम को पत्र लिखे जाने के बाद जमीन को खाली कराने की कार्रवाई प्रारंभ हुई। एक सप्ताह से लगातार कार्रवाई में 50 कमरे ध्वस्त किए गए और आवास को खाली कराया गया। प्रशासन की चेतावनी के बाद खुशहाल के परिजनों ने शनिवार को आवास के सभी कमरों की चाबियां प्रशासन को सौंप दी। डीएफओ सूरज कुमार ने बताया कि चिल्लागाह की सारी चाबियां उनके पास आ गई हैं। उन्होंने बताया कि जो सामान बचा है वह भी उनसे चाबी लेकर ही ले जाया जा रहा है। केवल दो कमरों में कुछ सामान बचा है। इसके लिए रविवार की शाम तक का समय मांगा गया है। रविवार को वन विभाग भूमि पर पूरी तरह अपने कब्जे में ले लेगा।
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मोरना/मुजफ्फरनगर। वन विभाग ने बिहारगढ़ के चिल्लागाह में आवास के सभी कमरों पर अपना ताला लगा दिया है। पीर खुशहाल के परिजनों ने कमरों की चाबियां वन विभाग को सौंप दी है। परिजनों ने पूरा सामान उठाने के लिए वन विभाग से एक दिन का वक्त मांगा है। डीएफो सूरज कुमार ने बताया कि रविवार को आवास परिसर को पूरी तरह खाली कर दिया जाएगा। उधर, चिल्लागाह में रहने वाले अधिकांश लोग यहां से बरेली चले गए हैं।
मोरना क्षेत्र के बिहारगढ़ में वन विभाग की 98 बीघा जमीन पर लीज का समय खत्म होने के बाद भी पीर खुशहाल के परिवार का कब्जा था। जमीन की लीज वर्ष 2005 में पूरी हो गई थी। वर्ष 2010 में डीएम ने पट्टा निरस्त कर दिया था। वर्ष 2016 में न्यायालय ने डीएम के आदेश को सही माना था। बावजूद इसके वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा चल आ रहा था। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान के डीएम को पत्र लिखे जाने के बाद जमीन को खाली कराने की कार्रवाई प्रारंभ हुई। एक सप्ताह से लगातार कार्रवाई में 50 कमरे ध्वस्त किए गए और आवास को खाली कराया गया। प्रशासन की चेतावनी के बाद खुशहाल के परिजनों ने शनिवार को आवास के सभी कमरों की चाबियां प्रशासन को सौंप दी। डीएफओ सूरज कुमार ने बताया कि चिल्लागाह की सारी चाबियां उनके पास आ गई हैं। उन्होंने बताया कि जो सामान बचा है वह भी उनसे चाबी लेकर ही ले जाया जा रहा है। केवल दो कमरों में कुछ सामान बचा है। इसके लिए रविवार की शाम तक का समय मांगा गया है। रविवार को वन विभाग भूमि पर पूरी तरह अपने कब्जे में ले लेगा।
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