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Muzaffarnagar News: ऑनलाइन माध्यम से दिखाई विदेशी चित्रकारों ने अपनी कला
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फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जैन कन्या पाठशाला महाविद्यालय में उत्तर प्रदेश जैन विद्या शोध संस्थान संस्कृति विभाग के तत्वाधान में दो दिवसीय अंतर राष्ट्रीय कार्यशाला का बुधवार को समापन किया गया।
कला, धर्म और संस्कृति: जैन शिल्प की विरासत विषय पर चल रही कार्यशाला के दूसरे दिन डबलिन की चित्रकार ऑनलाइन माध्यम से जुड़ीं। उन्होंने चित्रकारी की तकनीक के साथ अपनी कलाकृतियों को भी दिखाया। सेमिनार में ऑनलाइन माध्यम से लगभग 60 प्रतिभागी और ऑफ लाइन से लगभग 150 प्रतिभागी शामिल हुए। कार्यशाला में 35 प्रतिभागियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में डॉक्टर मनीषा अग्रवाल ने डबलिन से जुड़े अतिथियों से परिचय कराया। डबलिन से इंटरनेशनल आर्टिस्ट 'डवान पेट्रिल' ने कार्यशाला को संबोधित किया। पीपीटी के माध्यम से अपने आर्टवर्क को प्रस्तुत किया। इसके साथ ही उन्होंने अपनी कला की बारिकियों को दिखाया।
डबलिन से ही दूसरी कलाकार सिंथिया बटलर रैशे ने भी पीपीटी के माध्यम से अपने आर्ट वर्क को सभी के सामने प्रस्तुत किया। उन्होंने अपनी कलाकृतियों को दिखाते हुए कहा कि कला किसी भी देश की संस्कृति को दिखाती है। आज इस सेमिनार के जरिए हम भी एक-दूसरे की संस्कृति और कला को जानने का मौका मिल रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं प्रोफेसर सीमा जैन कहा कि शोधार्थियों के लिए अवसर काफी लाभदायक होगा। इस प्रकार की कार्यशाला से सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। ऑनलाइन कार्यशाला के आयोजन में डॉक्टर वंदना वर्मा, डॉक्टर मनीषा अग्रवाल, डॉक्टर वर्चसा सैनी आदि शामिल रहीं।
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मुजफ्फरनगर। जैन कन्या पाठशाला महाविद्यालय में उत्तर प्रदेश जैन विद्या शोध संस्थान संस्कृति विभाग के तत्वाधान में दो दिवसीय अंतर राष्ट्रीय कार्यशाला का बुधवार को समापन किया गया।
कला, धर्म और संस्कृति: जैन शिल्प की विरासत विषय पर चल रही कार्यशाला के दूसरे दिन डबलिन की चित्रकार ऑनलाइन माध्यम से जुड़ीं। उन्होंने चित्रकारी की तकनीक के साथ अपनी कलाकृतियों को भी दिखाया। सेमिनार में ऑनलाइन माध्यम से लगभग 60 प्रतिभागी और ऑफ लाइन से लगभग 150 प्रतिभागी शामिल हुए। कार्यशाला में 35 प्रतिभागियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में डॉक्टर मनीषा अग्रवाल ने डबलिन से जुड़े अतिथियों से परिचय कराया। डबलिन से इंटरनेशनल आर्टिस्ट 'डवान पेट्रिल' ने कार्यशाला को संबोधित किया। पीपीटी के माध्यम से अपने आर्टवर्क को प्रस्तुत किया। इसके साथ ही उन्होंने अपनी कला की बारिकियों को दिखाया।
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डबलिन से ही दूसरी कलाकार सिंथिया बटलर रैशे ने भी पीपीटी के माध्यम से अपने आर्ट वर्क को सभी के सामने प्रस्तुत किया। उन्होंने अपनी कलाकृतियों को दिखाते हुए कहा कि कला किसी भी देश की संस्कृति को दिखाती है। आज इस सेमिनार के जरिए हम भी एक-दूसरे की संस्कृति और कला को जानने का मौका मिल रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं प्रोफेसर सीमा जैन कहा कि शोधार्थियों के लिए अवसर काफी लाभदायक होगा। इस प्रकार की कार्यशाला से सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। ऑनलाइन कार्यशाला के आयोजन में डॉक्टर वंदना वर्मा, डॉक्टर मनीषा अग्रवाल, डॉक्टर वर्चसा सैनी आदि शामिल रहीं।
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