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Muzaffarnagar News: हमले के दोषियों को पांच वर्ष का कारावास, अर्थदंड भी लगाया
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पुरकाजी के 15 साल पुराने मुकदमे में अदालत ने दिया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। अदालत ने हमले के दो दोषियों को पांच साल की सजा और 15500 रुपये की अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। अपर जिला सत्र न्यायालय कोर्ट संख्या-10 की पीठासीन अधिकारी हेमलता त्यागी ने पुरकाजी क्षेत्र के 15 साल पुराने मुकदमे में फैसला दिया।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव शर्मा ने बताया प्रकरण पुरकाजी थाना क्षेत्र के गांव खाईखेड़ी का है। 23 जुलाई 2008 में वादी योगेश के बड़े भाई चंद्रपाल अपने मकान का लिंटर डाल रहे थे। उसी समय पड़ोस के संजय उर्फ काला ने मौके पर आकर एतराज जताया। कहा की तुमने लिंटर क्यों डाला? उस समय लोगों ने समझाकर उसे घर वापस भेज दिया।
उसी दिन शाम को दोषी संजय अपने साथ ब्रजपाल और राजू को लेकर वादी के घर पर आ धमकें। वादी का छोटा भाई राकेश घर के बाहर खाना खा रहा था। हमलावरों से लाठी डंडों और सरियों से उस पर हमला कर चोटें पहुंचाई। बीच बचाव में चंद्रपाल भी चोटिल हुआ था। तीनों हमलावरों के खिलाफ नामदज अभिययोग दर्ज कराया। पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत में सत्र परीक्षण के दौरान एक आरोपी चंद्रपाल की मृत्यु हो गई। अदालत ने दोनों पक्षों की तर्क सुनने के बाद संजय उर्फ काला और राजू को दोषी करार देते हुए पांच साल की सजा और अलग अलग धाराओं में कुल 15500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। अदालत ने हमले के दो दोषियों को पांच साल की सजा और 15500 रुपये की अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। अपर जिला सत्र न्यायालय कोर्ट संख्या-10 की पीठासीन अधिकारी हेमलता त्यागी ने पुरकाजी क्षेत्र के 15 साल पुराने मुकदमे में फैसला दिया।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव शर्मा ने बताया प्रकरण पुरकाजी थाना क्षेत्र के गांव खाईखेड़ी का है। 23 जुलाई 2008 में वादी योगेश के बड़े भाई चंद्रपाल अपने मकान का लिंटर डाल रहे थे। उसी समय पड़ोस के संजय उर्फ काला ने मौके पर आकर एतराज जताया। कहा की तुमने लिंटर क्यों डाला? उस समय लोगों ने समझाकर उसे घर वापस भेज दिया।
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उसी दिन शाम को दोषी संजय अपने साथ ब्रजपाल और राजू को लेकर वादी के घर पर आ धमकें। वादी का छोटा भाई राकेश घर के बाहर खाना खा रहा था। हमलावरों से लाठी डंडों और सरियों से उस पर हमला कर चोटें पहुंचाई। बीच बचाव में चंद्रपाल भी चोटिल हुआ था। तीनों हमलावरों के खिलाफ नामदज अभिययोग दर्ज कराया। पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत में सत्र परीक्षण के दौरान एक आरोपी चंद्रपाल की मृत्यु हो गई। अदालत ने दोनों पक्षों की तर्क सुनने के बाद संजय उर्फ काला और राजू को दोषी करार देते हुए पांच साल की सजा और अलग अलग धाराओं में कुल 15500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
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