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डबल मर्डर में पांच लोगों को उम्रकैद
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर।
Updated Sat, 14 Apr 2018 12:39 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मुजफ्फरनगर। तीन साल पहले हुई कासमपुर पठेडी के पूर्व प्रधान और उसके भाई की हत्या के मामले में अदालत ने पांच लोगों को आजीवन कारावास और 1.80 लाख रुपया जुर्माना की सजा सुनाई है। चुनावी रंजिश के चलते पूर्व प्रधान और उसके भाई का कत्ल शहर में घुसते हुए हाईवे के पास फायरिंग कर दिया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना छपार क्षेत्र के गांव कासमपुर पठेडी निवासी प्रदीप पुत्र खिलेराम ने नई मंडी कोतवाली पर दो फरवरी 2015 का हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसका भाई विनोद गांव का पूर्व प्रधान था। किसी मुकदमे में अदालत में तारीख पर पेश होने के लिए उसके भाई विनोद और प्रमोद बाइक पर सवार होकर मुजफ्फरनगर आ रहे थे। जब वे लोग हाईवे से बाईपास होते हुए दशमेश ढाबे के पास पहुंचे तो एक कार में सवार गांव के ही सतीश पुत्र धर्मपाल, धर्मेंद्र पुत्र सेठपाल, सतवीर, संदीप, संजीव उर्फ सोनू उर्फ संजू पुत्रगण राम सिंह तथा ओमवीर पुत्र तेजपाल सिंह उनके पीछे आए और बाइक में ठक्कर मारकर गिरा दिया।
विनोद की गोली मारकर हत्या कर दी। प्रमोद जान बचाने को भागा, मगर हत्यारोपियों ने उसके पीछे भागते हुए अंधाधुंध फायरिंग कर उसकी भी हत्या कर दी। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गौरव श्रीवास्तव की अदालत संख्या-1
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में हुई। एडीजीसी जितेंद्र कुमार त्यागी तथा वादी पक्ष के अधिवक्ता ज्ञान कुमार ने कोर्ट में दस गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए सतीश, धर्मेंद्र , सतवीर, संदीप तथा संजीव को बृहस्पतिवार को दोषी करार दिया था। शुक्रवार को कोर्ट ने पांचों को आजीवन कारावास और 36-36 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना छपार क्षेत्र के गांव कासमपुर पठेडी निवासी प्रदीप पुत्र खिलेराम ने नई मंडी कोतवाली पर दो फरवरी 2015 का हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसका भाई विनोद गांव का पूर्व प्रधान था। किसी मुकदमे में अदालत में तारीख पर पेश होने के लिए उसके भाई विनोद और प्रमोद बाइक पर सवार होकर मुजफ्फरनगर आ रहे थे। जब वे लोग हाईवे से बाईपास होते हुए दशमेश ढाबे के पास पहुंचे तो एक कार में सवार गांव के ही सतीश पुत्र धर्मपाल, धर्मेंद्र पुत्र सेठपाल, सतवीर, संदीप, संजीव उर्फ सोनू उर्फ संजू पुत्रगण राम सिंह तथा ओमवीर पुत्र तेजपाल सिंह उनके पीछे आए और बाइक में ठक्कर मारकर गिरा दिया।
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विनोद की गोली मारकर हत्या कर दी। प्रमोद जान बचाने को भागा, मगर हत्यारोपियों ने उसके पीछे भागते हुए अंधाधुंध फायरिंग कर उसकी भी हत्या कर दी। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गौरव श्रीवास्तव की अदालत संख्या-1
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में हुई। एडीजीसी जितेंद्र कुमार त्यागी तथा वादी पक्ष के अधिवक्ता ज्ञान कुमार ने कोर्ट में दस गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए सतीश, धर्मेंद्र , सतवीर, संदीप तथा संजीव को बृहस्पतिवार को दोषी करार दिया था। शुक्रवार को कोर्ट ने पांचों को आजीवन कारावास और 36-36 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।