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बुखार से बच्ची की मौत
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 21 Sep 2015 12:37 AM IST
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भोपा। क्षेत्र में बुखार का कहर जारी है। रविवार की शाम बुखार से आठ साल की बच्ची ी मौत हो गई जबकि क्षेत्र में दर्जनों लोग चपेट में हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं से लोग सहमत नहीं हैं और स्वास्थ्य विभाग से इसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
भोपा निवासी मजदूर मुरसलीम के आठ वर्षीय बेटे मुस्तफा और पत्नी मीना को तीन दिन पहले बुखार आया था। परिजन निजी चिकित्सक से उपचार करा रहे थे। रविवार शाम को मुस्तफा की घर पर ही मौत हो गई। जिससे परिवार में कोहराम मच गया। उधर दूसरी ओर, गयूर की सात वर्षीय बेटी सुमैया,, गुलशेर का नौ वर्षीय बेटा अमन, इश्तकार का बेटा जाफरीन, रियासत का बेटा मोनू, अली शेर का बेटा समद, औवेश, समय दीन का बेटा आस मोहम्मद, रईश को बेटा अब्दुल, नईम का बेटा शाहिद, फैजल, इस्लाम का बेटा फैजान भी बुखार की चपेट में है। बुखार के प्रकोप से लोग दहशत में हैं।
इससे पूर्व बेलड़ा निवासी 18 वर्षीय आयुषी की दस दिन पहले बुखार से मौत हो गई थी। लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में इलाज के बेहतर इंतजाम नहीं है। गांवों में भी स्वास्थ्य विभाग की टीमें नहीं जा रही। इसलिए देहात क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाए जाने चाहिए।
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भोपा निवासी मजदूर मुरसलीम के आठ वर्षीय बेटे मुस्तफा और पत्नी मीना को तीन दिन पहले बुखार आया था। परिजन निजी चिकित्सक से उपचार करा रहे थे। रविवार शाम को मुस्तफा की घर पर ही मौत हो गई। जिससे परिवार में कोहराम मच गया। उधर दूसरी ओर, गयूर की सात वर्षीय बेटी सुमैया,, गुलशेर का नौ वर्षीय बेटा अमन, इश्तकार का बेटा जाफरीन, रियासत का बेटा मोनू, अली शेर का बेटा समद, औवेश, समय दीन का बेटा आस मोहम्मद, रईश को बेटा अब्दुल, नईम का बेटा शाहिद, फैजल, इस्लाम का बेटा फैजान भी बुखार की चपेट में है। बुखार के प्रकोप से लोग दहशत में हैं।
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इससे पूर्व बेलड़ा निवासी 18 वर्षीय आयुषी की दस दिन पहले बुखार से मौत हो गई थी। लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में इलाज के बेहतर इंतजाम नहीं है। गांवों में भी स्वास्थ्य विभाग की टीमें नहीं जा रही। इसलिए देहात क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाए जाने चाहिए।
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