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दिमागी से उपजी सोच और अफवाह ने बनाया चोटी कटने का भय
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 11 Aug 2017 12:22 AM IST
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मल्हूपुरा में कटी हुई चोटी दिखाती महिला।
- फोटो : अमर उजाला
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महिलाओं की चोटी कटने की बढ़ती घटनाओं ने हर किसी को सोचने पर विवश कर दिया है। खासकर ग्रामीण तबका और अशिक्षित महिलाएं इसका शिकार हो रही हैं। डॉक्टरों का इस मामले पर तर्क साफ है कि यह महिलाओं की दिमागी उपज है। अफवाहों पर ध्यान देने वाले इसका शिकार हो रहे हैं। चिकित्सकों का यह भी कहना है कि ऐसी घटनाओं की शिकार होने वाली महिलाएं मासहिस्टेरिया नाम की बीमारी से पीड़ित हैं।
जनपद के शाहपुर, खतौली, बुढ़ाना, चरथावल समेत लद्दावाला आदि क्षेत्रों में महिलाओं, युवतियों की चोटी कटने की लगातार घटनाएं सामने आ रही हैं। इसको लेेकर पुलिस-प्रशासन भी सकते में है। घटना की सबसे दिलचस्प बात यह है कि चोटी कटने के शिकार ग्रामीण स्तर पर अधिक हैं। गरीब और पिछड़े तबकों में यह घटनाएं सामने आ रही हैं। संपन्न और अमीर घरानों के साथ पढ़े-लिखे परिवारों में चोटी कटने की एक भी घटना नहीं हुई है। वहीं, चोटी कटने की असल वजह अभी तक सामने नहीं आ सकी है।
अफवाहों पर ध्यान नहीं दें
मुजफ्फरनगर। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार चोटी कटने की घटनाएं महज कोरी अफवाहें होने के साथ दिमागी लोचा भी है, जिसमें व्यक्ति अफवाह या इस तरह की घटनाओं पर अधिक ध्यान देेने लगता है। हिस्टीरिया के कारण दिमाग में डोपामाइन, सिरोटोनिन जैसे केमिकल हलचल पैदा करते हैं, जिसके चलते न्यूरो ट्रांसमीटर का संतुलन बिगड़ता और बनता है। जिसके असर से व्यक्ति अलग-अलग तरह की हरकतों को अंजाम देता है। यह लोचा ही चोटी कटने की घटनाओं को बढ़ा रहा है।
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मैकी कुतर रहा चोटी, चिकित्सकों का इंकार
मुजफ्फरनगर। चोटी कटने की घटनाओं में मैकी नामक कीड़े का भी जिक्र सामने आ रहा है, लेकिन डॉक्टर अभी इससे इंकार कर रहे हैं। चर्चाएं हैं मैकी कीड़ा ज्यादा गर्मी होने के कारण बाहर निकल आता है, जो बाल या बाल जैसी चीजों को कुतर देता है। फेसबुकिया और सोशल चिकित्सक इससे बचने के लिए युवतियों और महिलाओं को लौंग, कपूर के साथ बालों में नारियल का तेल लगाने की सलाह दे रहे हैं। हालांकि चिकित्सक ऐसे किसी कीड़े के होने से इंकार कर रहे हैं।
मासहिस्टेरिया से पीड़ित हैं महिलाएं
प्रसिद्ध मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ आरएस मलिक का कहना है कि महिलाओं की चोटी कोई साया नहीं काट रहा है, सब मनगढंत कहानी है। ऐसा कहने वाली महिलाएं मासहिस्टेरिया से पीड़ित हैं। डॉक्टर मलिक बताते हैं कि यह बीमारी महिलाओं में ही अधिकांश पाई जाती है। हिस्टेरिया से पीड़ित महिलाएं जो अन्य महिलाओं से ऐसे किस्से सुनती हैं, वो अपने पर लागू करने का प्रयास करने लगती हैं। उसे जब अन्य हिस्टेरिया से पीड़ित महिला का साथ मिलता है तो वह ऐसी घटनाएं होना बताती हैं।
ऐसा करने पर ये महिलाएं मासहिस्टेरिया से पीड़ित हो जाती हैं। महिलाओं के बेहोश होने के बारे में उनका कहना है कि इस रोग से पीड़ित महिलाएं ऐसा करती हैं। हिस्टेरिया से पीड़ित महिलाएं भी मुट्ठी भींचना, अचानक नीचे गिर जाना, जबड़े को कसकर बंद कर लेना आदि क्रियाएं करती हैं। इन अफवाहों के बाद कथित रूप से शिकार महिलाएं ही हुई हैं। डॉ मलिक कहते हैं सब मनमढंत है। समाज को चाहिए को वो ऐसी अफवाहों से बचें और इन अफवाहों को हवा ने दें।
नंगला राई में महिला की कटी चोटी
चरथावल में नंगला राई में बुधवार को महिला की चोटी कटने से हड़कंप मच गया। परिजनों के शोर मचाने पर सैकड़ों लोग एकत्र हो गए। गांव के दिलशाद की पत्नी चारपाई पर बैठी हुई थी। अचानक उसकी चोटी के कुछ बाल जमीन पर गिर गए। उसके बाद परिजनों ने बालों को गड्ढे में दबा दिया।
छात्रा सहित तीन की चोटियां कटी
खतौली के मोहल्ला सद्दीकनगर निवासी मोहम्मद हारुन की पुत्री शाहजहां कक्षा आठ में पढ़ती है। बृहस्पतिवार की सुबह छह बजे छात्रा अपने घर में सो रही थी। परिजनों ने छात्रा को स्कूल जाने के लिए जगाया तो उसकी चोटियां कटी हुई मिली। चोटियां को देखकर परिवार के लोग सहम गए। तितावी में थाना क्षेत्र के नंगला पिथौरा और जसोई में दो महिलाओं की चोटी कट गई। चोटी कटने की घटना के बाद तितावी क्षेत्र के गांवों में महिलाओं ने अपने-अपने घरों के बाहर नीम की टहनी और नींबू टांग दिए हैं।
चोटी कटने की घटना मंगलवार की रात नंगला पिथौरा गांव की है। महिला अनीता अपने कमरे में गई, उसे कोई आकृति महसूस हुई। इस दौरान उसकी चोटी कट गई। उसके शोर मचाने पर परिजन मौके पर पहुंचे। इसके अलावा जसोई गांव में बृहस्पतिवार की दोपहर करीब दो बजे इरफाना घर में खाना बना रही थी, तभी उसकी चोटी गई। वह बेहोश होकर गिर पड़ी।
चोटी कटने से भय से किए जा रहे धार्मिक अनुष्ठान
मोरना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में महिलाओं की चोटी कटने से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। महिलाएं टोने टोटके तथा धार्मिक अनुष्ठानों में जुट गई हैं। चोटी कटने की घटनाओं को लेकर जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से जांच की मांग की है। ककरौली, भोकरहेड़ी, ककराला, छछरौली, मोरना, खेड़ी फिरोजाबाद, शुक्रतारी आदि ग्रामों से कई चोटी कटने की घटनाएं प्रकाश में आ चुकी हैं। बृहस्पतिवार को कस्बा भोकरहेड़ी के मोहल्ला नई बस्ती निवासी 12 वर्षीय कशफ पुत्री रियासत, सुभाष चौक निवासी रेशमा पत्नी गुलबहार, रीटा पत्नी आदेश ग्राम शुक्रतारी, ग्राम छछरौली निवासी सिमरन पुत्री पद्म सिंह उर्फ टोनी, निशा पत्नी अब्बास निवासी ग्राम खेड़ी फिरोजाबाद तथा मोरना में पूर्व प्रधान के घर के पास चोटी कटने के मामलों को लेकर महिलाओं में दहशत फैल गई है।
मीरापुर कस्बे तथा गांव खेड़ी सराय में तीन स्थानों पर चुटियां कटने की घटना से महिलाओं में दहशत व्याप्त है। कस्बे के मोहल्ला दक्षिणी मुश्तर्क निवासी नावेद की पत्नी बिलकिस बुधवार की रात अपने मकान में सो रही थीं। रात करीब दो बजे अचानक उसके सिर में दर्द हुआ। दर्द से वह जागी तो पता चला कि उसकी चोटी कट कर जमीन पर पड़ी थी। बिलकिस की जानकारी पर परिजनों ने उसे तसल्ली दी और सुबह होने पर डाक्टर से उपचार भी कराया।
उधर, गांव खेड़ी सराय निवासी नदीम की पत्नी अंजुम बृहस्पतिवार की सुबह करीब 9 बजे घर के कामकाज में लगी थी। इसी दौरान उसे एक छोटा सा बच्चा दिखाई दिया, जिसे देखकर वह बदहवास हो गई। परिजनों ने उसे उठाया तो उसकी चोटी कटी थी। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और पीड़िता से पूछताछ की। इसी गांव के नफीस की पत्नी वकीला दोपहर बाद करीब चार बजे अपने घर में कामकाज कर रही थी। वकीला का पति नफीस भी घर में ही था। वकीला जैसे ही घर में अंदर की ओर गई तो उसकी चोटी कटकर जमीन पर गिर गई।
भूराहेड़ी में कटी महिला की चोटी
पुरकाजी के ग्राम भूराहेड़ी में चाय बनाने जा रही एक महिला की चोटी कट गई। घटना के बाद वह बेहोश हो गई, जिससे परिजन घबरा गए। घटना की जानकारी मिलने पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना बृहस्पतिवार करीब साढ़े चार बजे की है। आसमां पत्नी आबिद घर में चाय बनाने जा रही थी कि अचानक उसके सिर में तेज झटका लगना और चोटी कटकर गिर गई।
घटना के बाद वह बेहोश हो गई। जिसे देखकर घर में मौजूद अन्य महिलाओं में दहशत फैल गई। शोरशराबा होने पर घर के बाहर बैठे उसके परिजन अंदर गए और उसको पानी आदि पिलाकर होश में लाने का प्रयास किया। घटना की जानकारी मिलने पर ग्राम प्रधान नवीन राठी सहित दर्जनों लोग मौके पर पहुंच गए। काफी देर बाद महिला होश में आई, लेकिन वह कुछ नहीं बता पाई।
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जनपद के शाहपुर, खतौली, बुढ़ाना, चरथावल समेत लद्दावाला आदि क्षेत्रों में महिलाओं, युवतियों की चोटी कटने की लगातार घटनाएं सामने आ रही हैं। इसको लेेकर पुलिस-प्रशासन भी सकते में है। घटना की सबसे दिलचस्प बात यह है कि चोटी कटने के शिकार ग्रामीण स्तर पर अधिक हैं। गरीब और पिछड़े तबकों में यह घटनाएं सामने आ रही हैं। संपन्न और अमीर घरानों के साथ पढ़े-लिखे परिवारों में चोटी कटने की एक भी घटना नहीं हुई है। वहीं, चोटी कटने की असल वजह अभी तक सामने नहीं आ सकी है।
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अफवाहों पर ध्यान नहीं दें
मुजफ्फरनगर। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार चोटी कटने की घटनाएं महज कोरी अफवाहें होने के साथ दिमागी लोचा भी है, जिसमें व्यक्ति अफवाह या इस तरह की घटनाओं पर अधिक ध्यान देेने लगता है। हिस्टीरिया के कारण दिमाग में डोपामाइन, सिरोटोनिन जैसे केमिकल हलचल पैदा करते हैं, जिसके चलते न्यूरो ट्रांसमीटर का संतुलन बिगड़ता और बनता है। जिसके असर से व्यक्ति अलग-अलग तरह की हरकतों को अंजाम देता है। यह लोचा ही चोटी कटने की घटनाओं को बढ़ा रहा है।
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मैकी कुतर रहा चोटी, चिकित्सकों का इंकार
मुजफ्फरनगर। चोटी कटने की घटनाओं में मैकी नामक कीड़े का भी जिक्र सामने आ रहा है, लेकिन डॉक्टर अभी इससे इंकार कर रहे हैं। चर्चाएं हैं मैकी कीड़ा ज्यादा गर्मी होने के कारण बाहर निकल आता है, जो बाल या बाल जैसी चीजों को कुतर देता है। फेसबुकिया और सोशल चिकित्सक इससे बचने के लिए युवतियों और महिलाओं को लौंग, कपूर के साथ बालों में नारियल का तेल लगाने की सलाह दे रहे हैं। हालांकि चिकित्सक ऐसे किसी कीड़े के होने से इंकार कर रहे हैं।
मासहिस्टेरिया से पीड़ित हैं महिलाएं
प्रसिद्ध मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ आरएस मलिक का कहना है कि महिलाओं की चोटी कोई साया नहीं काट रहा है, सब मनगढंत कहानी है। ऐसा कहने वाली महिलाएं मासहिस्टेरिया से पीड़ित हैं। डॉक्टर मलिक बताते हैं कि यह बीमारी महिलाओं में ही अधिकांश पाई जाती है। हिस्टेरिया से पीड़ित महिलाएं जो अन्य महिलाओं से ऐसे किस्से सुनती हैं, वो अपने पर लागू करने का प्रयास करने लगती हैं। उसे जब अन्य हिस्टेरिया से पीड़ित महिला का साथ मिलता है तो वह ऐसी घटनाएं होना बताती हैं।
ऐसा करने पर ये महिलाएं मासहिस्टेरिया से पीड़ित हो जाती हैं। महिलाओं के बेहोश होने के बारे में उनका कहना है कि इस रोग से पीड़ित महिलाएं ऐसा करती हैं। हिस्टेरिया से पीड़ित महिलाएं भी मुट्ठी भींचना, अचानक नीचे गिर जाना, जबड़े को कसकर बंद कर लेना आदि क्रियाएं करती हैं। इन अफवाहों के बाद कथित रूप से शिकार महिलाएं ही हुई हैं। डॉ मलिक कहते हैं सब मनमढंत है। समाज को चाहिए को वो ऐसी अफवाहों से बचें और इन अफवाहों को हवा ने दें।
नंगला राई में महिला की कटी चोटी
चरथावल में नंगला राई में बुधवार को महिला की चोटी कटने से हड़कंप मच गया। परिजनों के शोर मचाने पर सैकड़ों लोग एकत्र हो गए। गांव के दिलशाद की पत्नी चारपाई पर बैठी हुई थी। अचानक उसकी चोटी के कुछ बाल जमीन पर गिर गए। उसके बाद परिजनों ने बालों को गड्ढे में दबा दिया।
छात्रा सहित तीन की चोटियां कटी
खतौली के मोहल्ला सद्दीकनगर निवासी मोहम्मद हारुन की पुत्री शाहजहां कक्षा आठ में पढ़ती है। बृहस्पतिवार की सुबह छह बजे छात्रा अपने घर में सो रही थी। परिजनों ने छात्रा को स्कूल जाने के लिए जगाया तो उसकी चोटियां कटी हुई मिली। चोटियां को देखकर परिवार के लोग सहम गए। तितावी में थाना क्षेत्र के नंगला पिथौरा और जसोई में दो महिलाओं की चोटी कट गई। चोटी कटने की घटना के बाद तितावी क्षेत्र के गांवों में महिलाओं ने अपने-अपने घरों के बाहर नीम की टहनी और नींबू टांग दिए हैं।
चोटी कटने की घटना मंगलवार की रात नंगला पिथौरा गांव की है। महिला अनीता अपने कमरे में गई, उसे कोई आकृति महसूस हुई। इस दौरान उसकी चोटी कट गई। उसके शोर मचाने पर परिजन मौके पर पहुंचे। इसके अलावा जसोई गांव में बृहस्पतिवार की दोपहर करीब दो बजे इरफाना घर में खाना बना रही थी, तभी उसकी चोटी गई। वह बेहोश होकर गिर पड़ी।
चोटी कटने से भय से किए जा रहे धार्मिक अनुष्ठान
मोरना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में महिलाओं की चोटी कटने से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। महिलाएं टोने टोटके तथा धार्मिक अनुष्ठानों में जुट गई हैं। चोटी कटने की घटनाओं को लेकर जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से जांच की मांग की है। ककरौली, भोकरहेड़ी, ककराला, छछरौली, मोरना, खेड़ी फिरोजाबाद, शुक्रतारी आदि ग्रामों से कई चोटी कटने की घटनाएं प्रकाश में आ चुकी हैं। बृहस्पतिवार को कस्बा भोकरहेड़ी के मोहल्ला नई बस्ती निवासी 12 वर्षीय कशफ पुत्री रियासत, सुभाष चौक निवासी रेशमा पत्नी गुलबहार, रीटा पत्नी आदेश ग्राम शुक्रतारी, ग्राम छछरौली निवासी सिमरन पुत्री पद्म सिंह उर्फ टोनी, निशा पत्नी अब्बास निवासी ग्राम खेड़ी फिरोजाबाद तथा मोरना में पूर्व प्रधान के घर के पास चोटी कटने के मामलों को लेकर महिलाओं में दहशत फैल गई है।
मीरापुर कस्बे तथा गांव खेड़ी सराय में तीन स्थानों पर चुटियां कटने की घटना से महिलाओं में दहशत व्याप्त है। कस्बे के मोहल्ला दक्षिणी मुश्तर्क निवासी नावेद की पत्नी बिलकिस बुधवार की रात अपने मकान में सो रही थीं। रात करीब दो बजे अचानक उसके सिर में दर्द हुआ। दर्द से वह जागी तो पता चला कि उसकी चोटी कट कर जमीन पर पड़ी थी। बिलकिस की जानकारी पर परिजनों ने उसे तसल्ली दी और सुबह होने पर डाक्टर से उपचार भी कराया।
उधर, गांव खेड़ी सराय निवासी नदीम की पत्नी अंजुम बृहस्पतिवार की सुबह करीब 9 बजे घर के कामकाज में लगी थी। इसी दौरान उसे एक छोटा सा बच्चा दिखाई दिया, जिसे देखकर वह बदहवास हो गई। परिजनों ने उसे उठाया तो उसकी चोटी कटी थी। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और पीड़िता से पूछताछ की। इसी गांव के नफीस की पत्नी वकीला दोपहर बाद करीब चार बजे अपने घर में कामकाज कर रही थी। वकीला का पति नफीस भी घर में ही था। वकीला जैसे ही घर में अंदर की ओर गई तो उसकी चोटी कटकर जमीन पर गिर गई।
भूराहेड़ी में कटी महिला की चोटी
पुरकाजी के ग्राम भूराहेड़ी में चाय बनाने जा रही एक महिला की चोटी कट गई। घटना के बाद वह बेहोश हो गई, जिससे परिजन घबरा गए। घटना की जानकारी मिलने पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना बृहस्पतिवार करीब साढ़े चार बजे की है। आसमां पत्नी आबिद घर में चाय बनाने जा रही थी कि अचानक उसके सिर में तेज झटका लगना और चोटी कटकर गिर गई।
घटना के बाद वह बेहोश हो गई। जिसे देखकर घर में मौजूद अन्य महिलाओं में दहशत फैल गई। शोरशराबा होने पर घर के बाहर बैठे उसके परिजन अंदर गए और उसको पानी आदि पिलाकर होश में लाने का प्रयास किया। घटना की जानकारी मिलने पर ग्राम प्रधान नवीन राठी सहित दर्जनों लोग मौके पर पहुंच गए। काफी देर बाद महिला होश में आई, लेकिन वह कुछ नहीं बता पाई।