{"_id":"655667ad33b5bda2c3014d67","slug":"farmers-struggle-bore-fruits-payment-of-rs-142-crore-in-20-days-muzaffarnagar-news-c-29-1-smrt1031-11425-2023-11-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर - रंग लाया किसानों का संघर्ष, 20 दिन में 142 करोड़ का भुगतान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर - रंग लाया किसानों का संघर्ष, 20 दिन में 142 करोड़ का भुगतान
Fri, 17 Nov 2023 12:34 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 17 Nov 2023 12:34 AM IST
विज्ञापन
- भैसाना चीनी मिल 25 नवंबर तक करेगी संपूर्ण भुगतान
- जिले की तीन चीनी मिलों ने नए सत्र का भुगतान भी किया
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। चीनी मिल भैसाना पर भुगतान को लेकर किसानों का संघर्ष रंग ला रहा है। सरकार की सख्ती के बाद 20 दिन में किसानों का 142 करोड़ का भुगतान हो गया है। केवल 21 करोड़ बकाया है, जिसे 25 नवंबर तक करने का लक्ष्य रखा गया है। तीन चीनी मिलों ने इस सत्र का भुगतान भी कर दिया है।
जनपद में आठ चीनी मिले हैं, सात चीनी मिलों ने गत सत्र का समस्त भुगतान पहले ही कर दिया था। केवल भैसाना चीनी मिल ही ऐसी मिल है, जिस पर किसानों का बकाया चला आ रहा था। अक्तूबर माह में हुए किसान आंदोलनों और सरकार की सख्ती का असर यह हुआ कि बीते 20 दिनों में भैसाना चीनी मल ने 142 करोड़ का भुगतान कर दिया है। इसमें 112 करोड़ का भुगतान एकमुश्त किया गया है। दीपावली से अगले दिन मिल ने साढे पांच करोड़ का एक साथ भुगतान किया है। अब चीनी मिल पर केवल 21 करोड़ बकाया रह गया है। 25 नवंबर तक समस्त भुगतान का लक्ष्य रखा गया है।
जिले की तीन चीनी मिलों ने इस सत्र का भुगतान भी शुरू कर दिया है, इनमें खतौली, टिकौला, खाईखेड़ी शामिल है। खतौली ने छह नवंबर तक का, खाईखेड़ी ने दस नवंबर तक का और टिकौला ने तीन दिन का भुगतान किया है। डीसीओ संजय सिसोदिया का कहना है कि भैसाना चीनी मिल पर भुगतान को लेकर लगातार दबाव बना है। चीनी बिक्री के साथ ही भुगतान हो रहा है। 25 नवंबर से पहले समस्त भुगतान का लक्ष्य दिया गया है। वहीं, भाकियू जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा का कहना है कि संपूर्ण भुगतान होने तक संगठन का धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। संगठन किसानों की लड़ाई लड़ रहा है।
विज्ञापन
इस सत्र का भुगतान इसी माह से
भैसाना चीनी मिल के किसानों को लंबे समय बाद समय से भुगतान मिलना शुरू होगा। इस बार नवंबर माह में ही भैसाना नए सत्र का भुगतान शुरू कर देगी। पिछले सत्र में यह भुगतान फरवरी माह में शुरू हो पाया था। नवंबर के अंत में नए सत्र का भुगतान शुरू होने से इस मिल की वर्षों से बिगड़ी स्थिति पटरी पर आ जाएगी।
विज्ञापन
- जिले की तीन चीनी मिलों ने नए सत्र का भुगतान भी किया
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। चीनी मिल भैसाना पर भुगतान को लेकर किसानों का संघर्ष रंग ला रहा है। सरकार की सख्ती के बाद 20 दिन में किसानों का 142 करोड़ का भुगतान हो गया है। केवल 21 करोड़ बकाया है, जिसे 25 नवंबर तक करने का लक्ष्य रखा गया है। तीन चीनी मिलों ने इस सत्र का भुगतान भी कर दिया है।
जनपद में आठ चीनी मिले हैं, सात चीनी मिलों ने गत सत्र का समस्त भुगतान पहले ही कर दिया था। केवल भैसाना चीनी मिल ही ऐसी मिल है, जिस पर किसानों का बकाया चला आ रहा था। अक्तूबर माह में हुए किसान आंदोलनों और सरकार की सख्ती का असर यह हुआ कि बीते 20 दिनों में भैसाना चीनी मल ने 142 करोड़ का भुगतान कर दिया है। इसमें 112 करोड़ का भुगतान एकमुश्त किया गया है। दीपावली से अगले दिन मिल ने साढे पांच करोड़ का एक साथ भुगतान किया है। अब चीनी मिल पर केवल 21 करोड़ बकाया रह गया है। 25 नवंबर तक समस्त भुगतान का लक्ष्य रखा गया है।
विज्ञापन
जिले की तीन चीनी मिलों ने इस सत्र का भुगतान भी शुरू कर दिया है, इनमें खतौली, टिकौला, खाईखेड़ी शामिल है। खतौली ने छह नवंबर तक का, खाईखेड़ी ने दस नवंबर तक का और टिकौला ने तीन दिन का भुगतान किया है। डीसीओ संजय सिसोदिया का कहना है कि भैसाना चीनी मिल पर भुगतान को लेकर लगातार दबाव बना है। चीनी बिक्री के साथ ही भुगतान हो रहा है। 25 नवंबर से पहले समस्त भुगतान का लक्ष्य दिया गया है। वहीं, भाकियू जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा का कहना है कि संपूर्ण भुगतान होने तक संगठन का धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। संगठन किसानों की लड़ाई लड़ रहा है।
विज्ञापन
इस सत्र का भुगतान इसी माह से
भैसाना चीनी मिल के किसानों को लंबे समय बाद समय से भुगतान मिलना शुरू होगा। इस बार नवंबर माह में ही भैसाना नए सत्र का भुगतान शुरू कर देगी। पिछले सत्र में यह भुगतान फरवरी माह में शुरू हो पाया था। नवंबर के अंत में नए सत्र का भुगतान शुरू होने से इस मिल की वर्षों से बिगड़ी स्थिति पटरी पर आ जाएगी।