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किसानों ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना का कार्य रूकवाया
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रणखंडी गांव में तहसीलदार को ज्ञापन देते किसान
- फोटो : DEVBAND
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किसानों ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का काम रोका
देवबंद। रेलवे के डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना के लिए अधिग्रहीत की गई भूमि का मुआवजा देने में किसानों ने रेलवे विभाग पर भेदभाव का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया और काम को रुकवा दिया। बाद में तहसीलदार को डीएम के नाम ज्ञापन सौंपा।
फ्रेट कॉरिडोर परियोजना के लिए रणखंडी समेत कई गांवों में किसानों की भूमि अधिग्रहीत की जा चुकी है। सोमवार को रणखंडी, गुनारसा, गुनारसी, ठोकरपुर, इमलिया, इस्सरपुर, लखनौती, इब्राहीमपुर आदि गांवों के ग्रामीणों ने रणखंडी गांव पहुंचकर परियोजना का काम रुकवा दिया। उनका कहना था कि मुआवजा बांटने में भेदभाव किया गया है। मुजफ्फरनगर के गांवों में मुआवजे से 50 प्रतिशत अधिक और 9 प्रतिशत ब्याज सहित धनराशि बांटी गई है। जबकि देवबंद क्षेत्र के किसान ऐसी सुविधा से वंचित हैं। मौके पर पहुंचे तहसीलदार हर्ष चावला को किसानों ने ज्ञापन सौंपा। जिसमें मांगे पूरी नहंी होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। धरने में सतेंद्र कुमार, पवन कमार, कंवरपाल, प्रमोद, श्याम सिंह, नीरज कुमार, पवन त्यागी, विजेंद्र, ओमपाल, जितेंद्र, सोहनलाल, अमित धीमान, बिट्टू, सतेंद्र, सुरेंद्र कुमार, नरेंद्र, कालू, मनोज कुमार, रणजीत सिंह आदि किसान रहे।
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देवबंद। रेलवे के डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना के लिए अधिग्रहीत की गई भूमि का मुआवजा देने में किसानों ने रेलवे विभाग पर भेदभाव का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया और काम को रुकवा दिया। बाद में तहसीलदार को डीएम के नाम ज्ञापन सौंपा।
फ्रेट कॉरिडोर परियोजना के लिए रणखंडी समेत कई गांवों में किसानों की भूमि अधिग्रहीत की जा चुकी है। सोमवार को रणखंडी, गुनारसा, गुनारसी, ठोकरपुर, इमलिया, इस्सरपुर, लखनौती, इब्राहीमपुर आदि गांवों के ग्रामीणों ने रणखंडी गांव पहुंचकर परियोजना का काम रुकवा दिया। उनका कहना था कि मुआवजा बांटने में भेदभाव किया गया है। मुजफ्फरनगर के गांवों में मुआवजे से 50 प्रतिशत अधिक और 9 प्रतिशत ब्याज सहित धनराशि बांटी गई है। जबकि देवबंद क्षेत्र के किसान ऐसी सुविधा से वंचित हैं। मौके पर पहुंचे तहसीलदार हर्ष चावला को किसानों ने ज्ञापन सौंपा। जिसमें मांगे पूरी नहंी होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। धरने में सतेंद्र कुमार, पवन कमार, कंवरपाल, प्रमोद, श्याम सिंह, नीरज कुमार, पवन त्यागी, विजेंद्र, ओमपाल, जितेंद्र, सोहनलाल, अमित धीमान, बिट्टू, सतेंद्र, सुरेंद्र कुमार, नरेंद्र, कालू, मनोज कुमार, रणजीत सिंह आदि किसान रहे।
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