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पशुओं के खेत में घुसने से दो गांवों के किसान आमने-सामने
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पशुओं के खेत में घुसने से दो गांवों के किसान आमने-सामने
मोरना (मुजफ्फरनगर)। पशुओं के फसल चरने को लेकर गांव बिहारगढ़ व इलाहाबास के ग्रामीण आमने-सामने आ गए हैं। मंगलवार को बिहारगढ़ के किसानों ने कई पशुओं को बंधक बना लिया, जिन्हें पुलिस ने मुक्त कराकर इलाहाबास के किसानों को सौंपा। मामले में दोनों गांवों के ग्रामीणों को समझाकर उनमें समझौते के प्रयास किए जा रहे हैं।
भोपा थाना क्षेत्र के गांव बिहारगढ़ में काली माता मंदिर के निकट किसानों के खेत हैं। पिछले कुछ समय से इस क्षेत्र में दर्जनों पशु दिन में घूम रहे हैं, जिन्होंने कई किसानों की फसल खाकर नष्ट कर दी है। मंगलवार को भी बड़ी संख्या में पशु किसानों के खेतों में घुसे हुए थे, जिन्हें बिहारगढ़ के ग्रामीणों ने बंधक बनाते हुए पुलिस को इसकी जानकारी दे दी। सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची, जिन्हें किसानों ने पशु गांव इलाहाबास के ग्रामीणों के होने की बात कहते हुए उन पर जान-बूझकर अपने पशुओं को यहां किसानों के खेतों में चरने के लिए छोड़ने के आरोप लगाए। ग्रामीणों ने पुलिस को पशुओं द्वारा नष्ट की गई फसल भी दिखाई। इस पर पुलिस ने गांव इलाहाबास के ग्रामीणों को मौके पर बुलाया और बंधक बनाए गए पशुओं को मुक्त कराकर उनके मालिकों के सुपुर्द कर दिया। इसके साथ ही उनसे भविष्य से अपने पशुओं को बिहारगढ़ क्षेत्र में खुले न छोड़ने के भी निर्देश दिए। मामले को लेकर पुलिस द्वारा अब दोनों गांवों के ग्रामीणों की वार्ता कराए जाने की तैयारी कर रही है। वहीं, दोनों गांवों के लोगों में तनाव की स्थिति है, जिससे निपटने के लिए पुलिस अब उनके बीच वार्ता कराए जाने की तैयारी कर रही है। सीओ भोपा गिरिजाशंकर त्रिपाठी का कहना है कि पशुओं के खेत में घुसने को लेकर दो गांवों के लोगों में विवाद है। दोनों पक्षों की जल्द ही वार्ता कराकर विवाद का निपटारा कराया जाएगा।
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मोरना (मुजफ्फरनगर)। पशुओं के फसल चरने को लेकर गांव बिहारगढ़ व इलाहाबास के ग्रामीण आमने-सामने आ गए हैं। मंगलवार को बिहारगढ़ के किसानों ने कई पशुओं को बंधक बना लिया, जिन्हें पुलिस ने मुक्त कराकर इलाहाबास के किसानों को सौंपा। मामले में दोनों गांवों के ग्रामीणों को समझाकर उनमें समझौते के प्रयास किए जा रहे हैं।
भोपा थाना क्षेत्र के गांव बिहारगढ़ में काली माता मंदिर के निकट किसानों के खेत हैं। पिछले कुछ समय से इस क्षेत्र में दर्जनों पशु दिन में घूम रहे हैं, जिन्होंने कई किसानों की फसल खाकर नष्ट कर दी है। मंगलवार को भी बड़ी संख्या में पशु किसानों के खेतों में घुसे हुए थे, जिन्हें बिहारगढ़ के ग्रामीणों ने बंधक बनाते हुए पुलिस को इसकी जानकारी दे दी। सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची, जिन्हें किसानों ने पशु गांव इलाहाबास के ग्रामीणों के होने की बात कहते हुए उन पर जान-बूझकर अपने पशुओं को यहां किसानों के खेतों में चरने के लिए छोड़ने के आरोप लगाए। ग्रामीणों ने पुलिस को पशुओं द्वारा नष्ट की गई फसल भी दिखाई। इस पर पुलिस ने गांव इलाहाबास के ग्रामीणों को मौके पर बुलाया और बंधक बनाए गए पशुओं को मुक्त कराकर उनके मालिकों के सुपुर्द कर दिया। इसके साथ ही उनसे भविष्य से अपने पशुओं को बिहारगढ़ क्षेत्र में खुले न छोड़ने के भी निर्देश दिए। मामले को लेकर पुलिस द्वारा अब दोनों गांवों के ग्रामीणों की वार्ता कराए जाने की तैयारी कर रही है। वहीं, दोनों गांवों के लोगों में तनाव की स्थिति है, जिससे निपटने के लिए पुलिस अब उनके बीच वार्ता कराए जाने की तैयारी कर रही है। सीओ भोपा गिरिजाशंकर त्रिपाठी का कहना है कि पशुओं के खेत में घुसने को लेकर दो गांवों के लोगों में विवाद है। दोनों पक्षों की जल्द ही वार्ता कराकर विवाद का निपटारा कराया जाएगा।
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