किसानों को भूखे पेट करा दिया करनाल का भ्रमण, बीज दिवस कार्यक्रम में ले गया था कृषि विभाग
नेशनल मिशन आन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन एंड टेक्नोलॉजी (आत्मा) के अंतर्गत किसानों को गत पांच अक्तूबर को करनाल में आयोजित बीज दिवस कार्यक्रम का भ्रमण कराया जाना था। प्रत्येक किसान के लिए शासन से एक हजार रुपये निर्धारित किया गया था। कृषि विभाग ने किसानों को ले जाने की जिम्मेदारी एक एनजीओ को सौंपी थी। भ्रमण के लिए जनपद से 60 किसान गए।
सोमवार को उप निदेशक कार्यालय पर आए किसानों ने हंगामा किया। बघरा निवासी किसान सुबोध, चरथावल के राजेंद्र, बुढ़ाना निवासी रामवीर, मुनेश, हबीब, इरशाद, पुष्पेंद्र, नैन सिंह आदि ने बताया कि शासन से एक हजार रुपये मंजूर होने के बावजूद उनके भोजन की व्यवस्था तक नहीं की गई।
लगभग 30 किसानों को ही 100-100 रुपये भोजन और 100-100 रुपये गेहूं बीज के लिए दिए गए। बाकी किसानों को कुछ भी नहीं मिला। आरोप है कि किसानों के लिए आई धनराशि को ठिकाने लगा दिया गया। किसानों का हंगामा बढ़ता देख उप निदेशक कार्यालय छोड़कर चले गए। किसानों ने बताया कि वह इस मामले को डीएम के समक्ष उठाएंगे।
एनजीओ को नहीं दी जा सकती जिम्मेदारी
आत्मा योजना के अंतर्गत किसानों के भ्रमण की जिम्मेदारी एनजीओ को नहीं दी जा सकती। शासनादेश के अनुसार कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी ही किसानों को भ्रमण के लिए ले जा सकते हैं।
एक हजार रुपये में किसानों के भोजन एवं वाहन आदि की सभी व्यवस्थाएं शामिल थी। बस में किसानों को 200-200 रुपये दिए गए थे। जिन्हें रुपये नहीं मिले वह बस से रास्ते में उतर गए होंगे। उन्हें भी भुगतान कर दिया जाएगा। - जसवीर तेवतिया, उप निदेशक कृषि।