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पुलिस के सामने भिड़े वकील और किसान, जमकर चले लाठी-डंडे
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मुजफ्फरनगर: कलक्ट्रेट में किसानों के साथ मारपीट के दौरान डंडा लेकर घूमते अधिवक्ता।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
पुलिस के सामने भिडे़ किसान और वकील, जमकर चले लाठी-डंडे
मुजफ्फरनगर। चकबंदी विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ कलेक्ट्रेट में धरना दे रहे किसानों पर वकीलों में झड़प हो गई। जमकर मारपीट हुई जिससे अफरातफरी मच गई। पुलिस की मौजूदगी में यह सब हुआ। वकीलों का आरोप है कि उनके एक साथी को कुछ किसान चैंबर से जबरन उठाकर लाए और अपने बीच में बैठा लिया, जिसके बाद यह घटना हुई। किसानों का आरोप है कि युवा वकीलों ने धरने में पहुंचकर डंडों से हमला किया। दोनो पक्ष की तरफ से सिविल लाइन थाने में तहरीर दी गई है।
भारतीय किसान मजदूर संगठन से जुड़े किसान शुक्रवार को धरना देने के लिए बड़ी संख्या में कलक्ट्रेट पहुंचे। इसी दौरान बखेड़ा शुरू हो गया। कुछ युवा वकील वहां आए और किसानों से तीखी बहस हुई, जिसके बाद मारपीट शुरू हो गई। किसानों का आरोप है कि वकीलों ने डंडे बरसाए। पुलिस वालों से डंडे छीनकर किसानों को पीटा गया। एक महिला अधिवक्ता ने तो उम्रदराज किसान को जूते से पीटा। अधिवक्ताओं का आरोप था कि उनके एक साथी को कुछ किसान चैंबर से जबरन उठाकर लाए और अपने बीच में बैठा रखा था, इससे गुस्साए वकीलों का किसानों से आमना-सामना हुआ। किसानों का कहना था कि मेघा शकरपुर की एक महिला के साथ वकील ने मारपीट की थी, यह महिला धरने पर आकर रोई तो कुछ किसानों ने वकील से पूछा था कि महिला की पिटाई क्यों की गई।
घटना के बाद आला अफसर मौके पर पहुंच गए। एसपी सिटी सतपाल अंतिल, एडीएम प्रशासन अमित सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार, सीओ सिटी हरीश भदौरिया ने दोनो पक्षों को समझाने का प्रयास किया। अफसरों ने कहा कि समस्त घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है। जो दोषी हैं उन पर कार्रवाई होगी। प्रशासन देर शाम तक धरना खत्म कराने के प्रयास में लगा रहा। शाम के समय पीड़ित महिला की ओर से आरोपी अधिवक्ता के खिलाफ पिटाई करने की तहरीर दी गई। किसान संगठन की ओर से महिला सहित दो अधिवक्ताओं को नामजद करते हुए 12 अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी गई। उधर, अधिवक्ताओं ने तीन किसानों को नामजद करते हुए 20 अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने तीनों तहरीर ले ली है, लेकिन मामले में समझौते के प्रयास भी चल रहे थे।
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हमला सुनियोजित था: पूरण सिंह
भारतीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह का कहना है कि साजिश के तहत किसानों पर हमला कराया गया है। पुलिस से लाठियां छीनकर किसानों को मारा गया। किसानों पर महिला अधिवक्ता ने जूते चलाए, इससे शर्म की बात कुछ नहीं हो सकती। पुलिस कर्मी खड़े तमाशा देखते रहे। कार्रवाई नहीं हुई तो 18 मार्च को कचहरी में दोबारा धरना देंगे।
कचहरी में अब कोई धरना नहीं दे पाएगा: नसीर
जिला बार संघ अध्यक्ष सैय्यद नसीर हैदर काजमी का कहना है कि कचहरी में धरने से वकील डिस्टर्ब होते हैं, वाहन निकल नहीं पाते हैं। प्रशासन को हमने लिखकर दे दिया है कि कचहरी में धरना नहीं होना चाहिए। किसानों के साथ मारपीट नहीं की गई बल्कि कुछ किसान ही एक वकील को उठाकर ले आए थे, जिससे वकीलों में रोष फैल गया था। पीड़ित वकील की ओर से तहरीर दे दी गई है। कचहरी में अब कोई धरना नहीं होगा।
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मुजफ्फरनगर। चकबंदी विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ कलेक्ट्रेट में धरना दे रहे किसानों पर वकीलों में झड़प हो गई। जमकर मारपीट हुई जिससे अफरातफरी मच गई। पुलिस की मौजूदगी में यह सब हुआ। वकीलों का आरोप है कि उनके एक साथी को कुछ किसान चैंबर से जबरन उठाकर लाए और अपने बीच में बैठा लिया, जिसके बाद यह घटना हुई। किसानों का आरोप है कि युवा वकीलों ने धरने में पहुंचकर डंडों से हमला किया। दोनो पक्ष की तरफ से सिविल लाइन थाने में तहरीर दी गई है।
भारतीय किसान मजदूर संगठन से जुड़े किसान शुक्रवार को धरना देने के लिए बड़ी संख्या में कलक्ट्रेट पहुंचे। इसी दौरान बखेड़ा शुरू हो गया। कुछ युवा वकील वहां आए और किसानों से तीखी बहस हुई, जिसके बाद मारपीट शुरू हो गई। किसानों का आरोप है कि वकीलों ने डंडे बरसाए। पुलिस वालों से डंडे छीनकर किसानों को पीटा गया। एक महिला अधिवक्ता ने तो उम्रदराज किसान को जूते से पीटा। अधिवक्ताओं का आरोप था कि उनके एक साथी को कुछ किसान चैंबर से जबरन उठाकर लाए और अपने बीच में बैठा रखा था, इससे गुस्साए वकीलों का किसानों से आमना-सामना हुआ। किसानों का कहना था कि मेघा शकरपुर की एक महिला के साथ वकील ने मारपीट की थी, यह महिला धरने पर आकर रोई तो कुछ किसानों ने वकील से पूछा था कि महिला की पिटाई क्यों की गई।
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घटना के बाद आला अफसर मौके पर पहुंच गए। एसपी सिटी सतपाल अंतिल, एडीएम प्रशासन अमित सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार, सीओ सिटी हरीश भदौरिया ने दोनो पक्षों को समझाने का प्रयास किया। अफसरों ने कहा कि समस्त घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है। जो दोषी हैं उन पर कार्रवाई होगी। प्रशासन देर शाम तक धरना खत्म कराने के प्रयास में लगा रहा। शाम के समय पीड़ित महिला की ओर से आरोपी अधिवक्ता के खिलाफ पिटाई करने की तहरीर दी गई। किसान संगठन की ओर से महिला सहित दो अधिवक्ताओं को नामजद करते हुए 12 अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी गई। उधर, अधिवक्ताओं ने तीन किसानों को नामजद करते हुए 20 अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने तीनों तहरीर ले ली है, लेकिन मामले में समझौते के प्रयास भी चल रहे थे।
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हमला सुनियोजित था: पूरण सिंह
भारतीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह का कहना है कि साजिश के तहत किसानों पर हमला कराया गया है। पुलिस से लाठियां छीनकर किसानों को मारा गया। किसानों पर महिला अधिवक्ता ने जूते चलाए, इससे शर्म की बात कुछ नहीं हो सकती। पुलिस कर्मी खड़े तमाशा देखते रहे। कार्रवाई नहीं हुई तो 18 मार्च को कचहरी में दोबारा धरना देंगे।
कचहरी में अब कोई धरना नहीं दे पाएगा: नसीर
जिला बार संघ अध्यक्ष सैय्यद नसीर हैदर काजमी का कहना है कि कचहरी में धरने से वकील डिस्टर्ब होते हैं, वाहन निकल नहीं पाते हैं। प्रशासन को हमने लिखकर दे दिया है कि कचहरी में धरना नहीं होना चाहिए। किसानों के साथ मारपीट नहीं की गई बल्कि कुछ किसान ही एक वकील को उठाकर ले आए थे, जिससे वकीलों में रोष फैल गया था। पीड़ित वकील की ओर से तहरीर दे दी गई है। कचहरी में अब कोई धरना नहीं होगा।