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कोल्हुओं पर 250 के भाव में पिट रहा किसान का गन्ना
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भोपा स्थित गन्ना कोल्हू।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
कोल्हुओं पर 250 के भाव में लुट रहा किसान का गन्ना
मुजफ्फरनगर। जिले में किसानों का गन्ना कोल्हुओं पर 250 रुपये क्विंटल बिक रहा है। गेहूं बुवाई को लेकर किसान की मजबूरी है कि वह कोल्हुओं पर गन्ना डालें। चीनी मिले भी अपनी पूरी क्षमता के साथ चल रही है, लेकिन 25 दिसंबर से पहले खेत खाली करने के चलते कोल्हू की एक मात्र विकल्प है।
प्रदेश सरकार ने चीनी मिलो में गन्ना डालने वाले किसानों के लिए इस बार गन्ना मूल्य 350 रुपये क्विंटल घोषित किया है। जिले में आठ चीनी मिले हैं और 85 प्रतिशत किसान यहां गन्ने की खेती करते हैं। छोटी जोत वाले किसान गन्ने के साथ घर में खाने के लिए गेहूं की खेती भी करते हैं। गेहूं की बुवाई यहां 25 दिसंबर तक होती है, इसके लिए नवंबर और दिसंबर में गन्ना कटाई पर सबसे ज्यादा जोर रहता है। चीनी मिलों के पूरी क्षमता से चलने के बाद भी किसानों के पास आवश्यकता के हिसाब से पर्ची नहीं आ पा रही है। आनन-फानन में किसान अपना गन्ना कोल्हुओं पर डालना पड़ रहा है। हालात यह है कि किसान को सीधे 100 रुपये क्विंटल तक का नुकसान हो रहा है। कोल्हुओं पर किसानों का गन्ना इस समय 250 से 260 रुपये क्विंटल तक बिक रहा है। किसान नेता धर्मेंद्र मलिक का कहना है कि जब तक गुड़ का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय नहीं होगा, मंडी में गुड़ के भाव नीचे आते रहेंगे। न तो किसान को लाभ है और न ही कोल्हू संचालक को कोई फायदा हो रहा है। किसान विजयपाल, सुधीर, नरेंद्र आदि का कहना है कि गेहूं बुवाई को लेकर उनके पास कोई विकल्प नहीं है। इसलिए वह कोल्हू पर गन्ना डाल रहे हैं।
शादी-ब्याह में चाहिए पैसा
किसानों को घरेलू खर्चो में नकद पैसे के लिए भी चीनी मिलों पर गन्ना डालना पड़ता है। शादी-ब्याह, बच्चों की फीस, सर्दी के कपड़े और त्यौहार के लिए भी पैसा चाहिए, मजबूरी में किसान कोल्हुओं पर गन्ना डालता है।
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इस बार कोल्हू संचालकों को लाभ नहीं
गुड़ मंडी में लगातार मंदी से कोल्हू चलाने वालों को लाभ नहीं हो पा रहा है। भोपा के कोल्हू संचालक सतीश का कहना है कि गन्ना अगर 250 से 260 नहीं मिलेगा तो कोल्हू चल ही नहीं पाएगा। मंडी में गुड़ का रेट 2600 रुपये क्विंटल पर आ गया है। कोल्हू संचालक रियाज का कहना है कि घर की लेबर होने के बाद भी कोल्हू में कुछ नहीं बच पा रहा है। किसान को भी नुकसान है और कोल्हू चलाने वालों को भी। सरकार को गुड़ का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करना चाहिए।
एक दिन में 5.66 क्विंटल की पेराई
चीनी मिल प्रतिदिन पेराई
खतौली: 1.25 लाख
तितवी: 93 हजार
बुढाना: 89 हजार
मंसूरपुर: 86 हजार
टिकौला: 9 हजार
खाईखेडी: 42 हजार
रोहाना: 21 हजार
मोरना: 20 हजार
चीनी मिल पूरी क्षमता पर चल रही
जिला गन्ना अधिकारी आरडी द्विवेदी का कहना है कि चीनी मिले अपनी पूरी क्षमता पर पेराई कर रही है। जिले में चीनी मिलों की क्षमता छह लाख 17 हजार क्विंटल प्रतिदिन गन्ना पेराई की है। चीनी मिले 5.66 लाख गन्ने की पेराई प्रतिदिन कर रही है। पेराई बहुत अच्छी चल रही है।
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मुजफ्फरनगर। जिले में किसानों का गन्ना कोल्हुओं पर 250 रुपये क्विंटल बिक रहा है। गेहूं बुवाई को लेकर किसान की मजबूरी है कि वह कोल्हुओं पर गन्ना डालें। चीनी मिले भी अपनी पूरी क्षमता के साथ चल रही है, लेकिन 25 दिसंबर से पहले खेत खाली करने के चलते कोल्हू की एक मात्र विकल्प है।
प्रदेश सरकार ने चीनी मिलो में गन्ना डालने वाले किसानों के लिए इस बार गन्ना मूल्य 350 रुपये क्विंटल घोषित किया है। जिले में आठ चीनी मिले हैं और 85 प्रतिशत किसान यहां गन्ने की खेती करते हैं। छोटी जोत वाले किसान गन्ने के साथ घर में खाने के लिए गेहूं की खेती भी करते हैं। गेहूं की बुवाई यहां 25 दिसंबर तक होती है, इसके लिए नवंबर और दिसंबर में गन्ना कटाई पर सबसे ज्यादा जोर रहता है। चीनी मिलों के पूरी क्षमता से चलने के बाद भी किसानों के पास आवश्यकता के हिसाब से पर्ची नहीं आ पा रही है। आनन-फानन में किसान अपना गन्ना कोल्हुओं पर डालना पड़ रहा है। हालात यह है कि किसान को सीधे 100 रुपये क्विंटल तक का नुकसान हो रहा है। कोल्हुओं पर किसानों का गन्ना इस समय 250 से 260 रुपये क्विंटल तक बिक रहा है। किसान नेता धर्मेंद्र मलिक का कहना है कि जब तक गुड़ का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय नहीं होगा, मंडी में गुड़ के भाव नीचे आते रहेंगे। न तो किसान को लाभ है और न ही कोल्हू संचालक को कोई फायदा हो रहा है। किसान विजयपाल, सुधीर, नरेंद्र आदि का कहना है कि गेहूं बुवाई को लेकर उनके पास कोई विकल्प नहीं है। इसलिए वह कोल्हू पर गन्ना डाल रहे हैं।
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शादी-ब्याह में चाहिए पैसा
किसानों को घरेलू खर्चो में नकद पैसे के लिए भी चीनी मिलों पर गन्ना डालना पड़ता है। शादी-ब्याह, बच्चों की फीस, सर्दी के कपड़े और त्यौहार के लिए भी पैसा चाहिए, मजबूरी में किसान कोल्हुओं पर गन्ना डालता है।
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इस बार कोल्हू संचालकों को लाभ नहीं
गुड़ मंडी में लगातार मंदी से कोल्हू चलाने वालों को लाभ नहीं हो पा रहा है। भोपा के कोल्हू संचालक सतीश का कहना है कि गन्ना अगर 250 से 260 नहीं मिलेगा तो कोल्हू चल ही नहीं पाएगा। मंडी में गुड़ का रेट 2600 रुपये क्विंटल पर आ गया है। कोल्हू संचालक रियाज का कहना है कि घर की लेबर होने के बाद भी कोल्हू में कुछ नहीं बच पा रहा है। किसान को भी नुकसान है और कोल्हू चलाने वालों को भी। सरकार को गुड़ का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करना चाहिए।
एक दिन में 5.66 क्विंटल की पेराई
चीनी मिल प्रतिदिन पेराई
खतौली: 1.25 लाख
तितवी: 93 हजार
बुढाना: 89 हजार
मंसूरपुर: 86 हजार
टिकौला: 9 हजार
खाईखेडी: 42 हजार
रोहाना: 21 हजार
मोरना: 20 हजार
चीनी मिल पूरी क्षमता पर चल रही
जिला गन्ना अधिकारी आरडी द्विवेदी का कहना है कि चीनी मिले अपनी पूरी क्षमता पर पेराई कर रही है। जिले में चीनी मिलों की क्षमता छह लाख 17 हजार क्विंटल प्रतिदिन गन्ना पेराई की है। चीनी मिले 5.66 लाख गन्ने की पेराई प्रतिदिन कर रही है। पेराई बहुत अच्छी चल रही है।

भोपा स्थित गन्ना कोल्हू।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

गन्ना कोल्हू ठेकेदार मोहम्मद रियाज भोपा।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

गन्ना कोल्हू ठेकेदार सतीश।- फोटो : MUZAFFARNAGAR