{"_id":"68ae19ef1afc1baabd0090bc","slug":"fake-call-center-caught-used-to-cheat-in-the-name-of-providing-jobs-muzaffarnagar-news-c-29-1-smrt1037-152871-2025-08-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: फर्जी कॉल सेंटर पकड़ा, नौकरी दिलाने के नाम पर करते थे ठगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: फर्जी कॉल सेंटर पकड़ा, नौकरी दिलाने के नाम पर करते थे ठगी
विज्ञापन
खालापार थाना पुलिस ने पकड़े फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले दो आरोपी फोटो संवाद
- फोटो : संस्थान
मुजफ्फरनगर। थाना खालापार पुलिस ने मेरठ रोड पर एक कांपलेक्स में चलाया जा रहा फर्जी कॉल सेंटर पकड़ा। महाराष्ट्र, पुणे के बेरोजगारों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की जा रही थी। कॉल सेंटर के दो संचालकों व 16 युवतियों को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद युवतियों को छोड़ दिया गया। मौके से 20 मोबाइल, आठ सिम, तीन लैपटॉप और विभिन्न कंपनियों के नामों की फर्जी मोहरें आदि सामान बरामद मिला।
एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने पुलिस लाइन सभागार में बताया कि साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए प्रतिबिंब एप संचालित है। कई दिन पहले इस एप पर पुणे निवासी एक व्यक्ति ने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के बारे में शिकायत की थी। खालापार थाना पुलिस ने शिकायत में लिखे गए मोबाइल नंबर की जांच की तो वह नंबर खालापार निवासी एक युवती का पाया। युवती से बात करने पर पता चला कि वह युवती मेरठ रोड स्थित जेड के कांपक्स भवन में स्काई लाइन नाम से संचालित काॅल सेंटर में नौकरी करती है।
पुलिस वहां पहुंची तो वहां फर्जी कॉल सेंटर चलता मिला। पुलिस ने खालापार के मोहल्ला अंबा विहार निवासी आहद और सिविल लाइन थाने के सरवट निवासी जुबेर को गिरफ्तार कर लिया। सेंटर पर काम करने वाली 16 युवतियों को भी हिरासत में लिया, जिन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। गिरफ्तार आरोपियोंं का चालान कर दिया गया। प्रेसवार्ता में खालापार थाना प्रभारी महावीर सिंह चौहान भी मौजूद रहे। कितने लोगों से ठगी की गई इस बारे में जांच की जा रही है।
विज्ञापन
ऐसे करते थे ठगी
काल सेंटर संचालक वर्क इंडिया समेत विभिन्न प्लेटफार्म से बेरोजगार युवक व युवतियों का डाटा खरीदते थे। डाटा खरीदने के लिए फर्जी कागजातों का प्रयोग किया जाता था। फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर कंपनी से एग्रीमेंट करते थे। इस गिरोह के सदस्य पुणे में भी बैठे हैं। कॉल सेंटर में बैठी युवतियां महाराष्ट, पुणे व आसपास क्षेत्र में रहने वाले बेरोजगार युवक व युवतियों को कॉल कर बात करती थी। नौकरी लगवाने की बात करते हुए फर्जी नाम बताकर उन्हें झांसे में लेती थी। जो भी युवक फंसता था उसे पुणे गिरोह के सदस्यों के पास भेजा जाता था। वहां ढाई से पांच हजार रुपये वसूल कर नौकरी का आश्वासन देकर बतौर फीस के रूप में मिले रुपये में से बीस प्रतिशत यहां कॉल सेंटर संचालकों को दिया जाता था। गिरफ्तार आहद कई बार पुणे गया था।
युवतियों को देते थे छह से सात हजार वेतन
गिरफ्तार संचालकों ने पुलिस को बताया कि युवतियों को छह से सात हजार रुपये महीना वेतन देते थे। जिसे ज्यादा साल हो गए, उसे नौ हजार रुपये देते थे। युवतियां पुणे की एक कंपनी की एचआर बनकर बेरोजगारों को नौकरी दिलाने का आफर देती थी। एक दिन में लगभग 1500 लोगों को काल की जाती थी। युवतियां अपना मोबाइल व सिम प्रयोग करती थीं। वह विश्वास में लेने के लिए आसपास कंपनी का पता बताती थीं।
यह सामान बरामद
कॉल सेंटर से तीन लैपटॉप, 20 मोबाइल फोन, नौ सिमकार्ड, अलर्ट फैसिलिटी सर्विस के चार आईडी कार्ड, तीन एक्सटेंसिव सर्विसेज के लैटऱ, स्काई लाइन ग्रुप आफ इंडस्ट्रीज के 45 विजिटिंग कार्ड, एग्रीमेंट के पांच दस्तावेज, विभिन्न कंपनियों की छह मुहर, कॉलिंग हिस्ट्री के 17 रजिस्टर, दो बहीखाता, दो क्यूआर कोड समेत अन्य सामान बरामद हुआ।
विज्ञापन
एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने पुलिस लाइन सभागार में बताया कि साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए प्रतिबिंब एप संचालित है। कई दिन पहले इस एप पर पुणे निवासी एक व्यक्ति ने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के बारे में शिकायत की थी। खालापार थाना पुलिस ने शिकायत में लिखे गए मोबाइल नंबर की जांच की तो वह नंबर खालापार निवासी एक युवती का पाया। युवती से बात करने पर पता चला कि वह युवती मेरठ रोड स्थित जेड के कांपक्स भवन में स्काई लाइन नाम से संचालित काॅल सेंटर में नौकरी करती है।
विज्ञापन
पुलिस वहां पहुंची तो वहां फर्जी कॉल सेंटर चलता मिला। पुलिस ने खालापार के मोहल्ला अंबा विहार निवासी आहद और सिविल लाइन थाने के सरवट निवासी जुबेर को गिरफ्तार कर लिया। सेंटर पर काम करने वाली 16 युवतियों को भी हिरासत में लिया, जिन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। गिरफ्तार आरोपियोंं का चालान कर दिया गया। प्रेसवार्ता में खालापार थाना प्रभारी महावीर सिंह चौहान भी मौजूद रहे। कितने लोगों से ठगी की गई इस बारे में जांच की जा रही है।
विज्ञापन
ऐसे करते थे ठगी
काल सेंटर संचालक वर्क इंडिया समेत विभिन्न प्लेटफार्म से बेरोजगार युवक व युवतियों का डाटा खरीदते थे। डाटा खरीदने के लिए फर्जी कागजातों का प्रयोग किया जाता था। फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर कंपनी से एग्रीमेंट करते थे। इस गिरोह के सदस्य पुणे में भी बैठे हैं। कॉल सेंटर में बैठी युवतियां महाराष्ट, पुणे व आसपास क्षेत्र में रहने वाले बेरोजगार युवक व युवतियों को कॉल कर बात करती थी। नौकरी लगवाने की बात करते हुए फर्जी नाम बताकर उन्हें झांसे में लेती थी। जो भी युवक फंसता था उसे पुणे गिरोह के सदस्यों के पास भेजा जाता था। वहां ढाई से पांच हजार रुपये वसूल कर नौकरी का आश्वासन देकर बतौर फीस के रूप में मिले रुपये में से बीस प्रतिशत यहां कॉल सेंटर संचालकों को दिया जाता था। गिरफ्तार आहद कई बार पुणे गया था।
युवतियों को देते थे छह से सात हजार वेतन
गिरफ्तार संचालकों ने पुलिस को बताया कि युवतियों को छह से सात हजार रुपये महीना वेतन देते थे। जिसे ज्यादा साल हो गए, उसे नौ हजार रुपये देते थे। युवतियां पुणे की एक कंपनी की एचआर बनकर बेरोजगारों को नौकरी दिलाने का आफर देती थी। एक दिन में लगभग 1500 लोगों को काल की जाती थी। युवतियां अपना मोबाइल व सिम प्रयोग करती थीं। वह विश्वास में लेने के लिए आसपास कंपनी का पता बताती थीं।
यह सामान बरामद
कॉल सेंटर से तीन लैपटॉप, 20 मोबाइल फोन, नौ सिमकार्ड, अलर्ट फैसिलिटी सर्विस के चार आईडी कार्ड, तीन एक्सटेंसिव सर्विसेज के लैटऱ, स्काई लाइन ग्रुप आफ इंडस्ट्रीज के 45 विजिटिंग कार्ड, एग्रीमेंट के पांच दस्तावेज, विभिन्न कंपनियों की छह मुहर, कॉलिंग हिस्ट्री के 17 रजिस्टर, दो बहीखाता, दो क्यूआर कोड समेत अन्य सामान बरामद हुआ।