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Muzaffarnagar News: शाहरुख से दोस्ती निभाते हुए फैसल बन गया था अपराधी
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मुजफ्फरनगर। शाहरुख पठान से दोस्ती निभाते हुए फैसल अपराधी बन गया था। शामली जनपद पुलिस ने लूट की दो घटनाओं में वांछित रहने के चलते उस पर एक लाख का इनाम घोषित किया था। बृहस्पतिवार देर रात शामली पुलिस के साथ वह मुठभेड़ में मारा गया।
बताया गया कि आसिफ जायदा की हत्या के समय फैसल परिजनों के साथ खालापार के मोहल्ला खादरवाला में रहता था। इस घटना के बाद मकान बेचकर मेरठ के समर गार्डन में रहना शुरू कर दिया था। उसकी शादी दो साल पहले ही किदवई नगर निवासी युवती के साथ हुई थी। वह पहले राजस्थान में कपड़े की फेरी करता था लेकिन पिछले कई माह से उसका ससुराल में आना-जाना था। वह यहां पर फर्नीचर पर पॉलिश करने का भी काम करता था। दो माह पहले फर्जी कॉल सेंटर चलाने के मामले में उसकी साली का नाम आ गया था। तब वह उसकी सिफारिश करने के लिए खालापार थाने भी पहुंचा था।
17 अप्रैल 2015 में रेलवे स्टेशन पर शातिर अपराधी आसिफ जायदा की पुलिस कस्टडी में हत्या की घटना से उसके नाम का आतंक बना था। घटना को खालापार निवासी शाहरुख पठान ने दोस्तों फैसल, शोबी, साजिद व रिहान के साथ अंजाम दिया था। सभी आरोपियों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। बाद में कार्रवाई के लिए मुकदमे को जीआरपी थाने ट्रांसफर किया था। फैसल के खिलाफ मुजफ्फरनगर, मेरठ, शामली के थानों में 17 मुकदमे दर्ज हैं। शाहरुख पठान 14 जुलाई को छपार क्षेत्र में एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारा गया था।
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बताया गया कि आसिफ जायदा की हत्या के समय फैसल परिजनों के साथ खालापार के मोहल्ला खादरवाला में रहता था। इस घटना के बाद मकान बेचकर मेरठ के समर गार्डन में रहना शुरू कर दिया था। उसकी शादी दो साल पहले ही किदवई नगर निवासी युवती के साथ हुई थी। वह पहले राजस्थान में कपड़े की फेरी करता था लेकिन पिछले कई माह से उसका ससुराल में आना-जाना था। वह यहां पर फर्नीचर पर पॉलिश करने का भी काम करता था। दो माह पहले फर्जी कॉल सेंटर चलाने के मामले में उसकी साली का नाम आ गया था। तब वह उसकी सिफारिश करने के लिए खालापार थाने भी पहुंचा था।
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17 अप्रैल 2015 में रेलवे स्टेशन पर शातिर अपराधी आसिफ जायदा की पुलिस कस्टडी में हत्या की घटना से उसके नाम का आतंक बना था। घटना को खालापार निवासी शाहरुख पठान ने दोस्तों फैसल, शोबी, साजिद व रिहान के साथ अंजाम दिया था। सभी आरोपियों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। बाद में कार्रवाई के लिए मुकदमे को जीआरपी थाने ट्रांसफर किया था। फैसल के खिलाफ मुजफ्फरनगर, मेरठ, शामली के थानों में 17 मुकदमे दर्ज हैं। शाहरुख पठान 14 जुलाई को छपार क्षेत्र में एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारा गया था।
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