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मुजफ्फरनगर: किसानों को समझाया, सरकार को पहले चेताया...फिर 24 याद दिलाया
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महापंचायत में लहराता भाकियू किसान यूनियन का झंडा।
- किसान मजदूर महापंचायत के मंच से केंद्र सरकार पर साधे गए निशाने
- 2024 को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं किसान
- भाकियू नेताओं ने 24 को लेकर किए इशारे और दी चेतावनी
मदन बालियान
मुजफ्फरनगर। किसान मजदूर महापंचायत के मंच से संयुक्त किसान मोर्चा और भाकियू नेताओं ने केंद्र सरकार पर निशाने साधे। एमएसपी पर गारंटी कानून से लेकर खेतों को नुकसान पहुंचा रहे आवारा पशुओं का मुद्दा गूंजा। संकेत दिए गए कि 2024 से पहले भाकियू समेत अन्य किसान संगठन दिल्ली समेत देशभर में पंचायत और धरने प्रदर्शन तेज करेंगे। सरकार पर किसानों के मुद्दे सुलझाने के लिए दबाव बनाया जाएगा।
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान फिर से दिल्ली कूच की तैयारी में है। साफ हो गया कि किसान आंदोलन का दूसरा चरण शुरू होगा। भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने एलान किया कि 26 जनवरी 2024 को देशभर में ट्रैक्टर परेड होगी। मुख्य परेड दिल्ली में आयोजित की जाएगी। एक तरफ भाकियू का ट्रैक्टर परेड का एलान है और दूसरी तरफ फरवरी 2024 में लोकसभा चुनाव होंगे। टिकैत के एलान से साफ हो गया कि किसान मुद्दों पर लोकसभा चुनाव के आसपास के समय भी आंदोलन जारी रहेंगे। इसके बाद मंच से ही भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने यह भी कहा कि राजनीति की बात करने का मौका नहीं है, लेकिन 2024 भी आना है। भाकियू के महासचिव युद्धवीर सिंह ने किसानों को बजट से लेकर एमएसपी गारंटी कानून के विषय में समझाया। किसानों को यह समझाने की कोशिश की गई है कि दिल्ली आंदोलन कुछ दिन के लिए रोका गया था, खत्म नहीं हुआ था। किसानों को यह संदेश देना चाहते थे कि जिद नहीं कर रहे हैं, अपना हक मांग रहे हैं।
आंदोलन के लाभ की जुगत में गठबंधन
सपा-रालोद गठबंधन के नेता किसानों के बीच भाजपा सरकार के प्रति बढ़ रही नाराजगी का लाभ लेने की जुगत लगा रहे हैं। राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान पर रालोद विधायकों ने मंच की बराबर में ही डेरा जमाए रखा। उधर, बुढ़ाना ब्लॉक प्रमुख के पुत्र रालोद नेता विनोद मलिक मंच पर बैठे हुए नजर आए। हालांकि भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने यह भी कहा कि किसानों के आंदोलन का आंदोलन किसी एक पार्टी के खिलाफ नहीं है।
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- 2024 को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं किसान
- भाकियू नेताओं ने 24 को लेकर किए इशारे और दी चेतावनी
मदन बालियान
मुजफ्फरनगर। किसान मजदूर महापंचायत के मंच से संयुक्त किसान मोर्चा और भाकियू नेताओं ने केंद्र सरकार पर निशाने साधे। एमएसपी पर गारंटी कानून से लेकर खेतों को नुकसान पहुंचा रहे आवारा पशुओं का मुद्दा गूंजा। संकेत दिए गए कि 2024 से पहले भाकियू समेत अन्य किसान संगठन दिल्ली समेत देशभर में पंचायत और धरने प्रदर्शन तेज करेंगे। सरकार पर किसानों के मुद्दे सुलझाने के लिए दबाव बनाया जाएगा।
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान फिर से दिल्ली कूच की तैयारी में है। साफ हो गया कि किसान आंदोलन का दूसरा चरण शुरू होगा। भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने एलान किया कि 26 जनवरी 2024 को देशभर में ट्रैक्टर परेड होगी। मुख्य परेड दिल्ली में आयोजित की जाएगी। एक तरफ भाकियू का ट्रैक्टर परेड का एलान है और दूसरी तरफ फरवरी 2024 में लोकसभा चुनाव होंगे। टिकैत के एलान से साफ हो गया कि किसान मुद्दों पर लोकसभा चुनाव के आसपास के समय भी आंदोलन जारी रहेंगे। इसके बाद मंच से ही भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने यह भी कहा कि राजनीति की बात करने का मौका नहीं है, लेकिन 2024 भी आना है। भाकियू के महासचिव युद्धवीर सिंह ने किसानों को बजट से लेकर एमएसपी गारंटी कानून के विषय में समझाया। किसानों को यह समझाने की कोशिश की गई है कि दिल्ली आंदोलन कुछ दिन के लिए रोका गया था, खत्म नहीं हुआ था। किसानों को यह संदेश देना चाहते थे कि जिद नहीं कर रहे हैं, अपना हक मांग रहे हैं।
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आंदोलन के लाभ की जुगत में गठबंधन
सपा-रालोद गठबंधन के नेता किसानों के बीच भाजपा सरकार के प्रति बढ़ रही नाराजगी का लाभ लेने की जुगत लगा रहे हैं। राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान पर रालोद विधायकों ने मंच की बराबर में ही डेरा जमाए रखा। उधर, बुढ़ाना ब्लॉक प्रमुख के पुत्र रालोद नेता विनोद मलिक मंच पर बैठे हुए नजर आए। हालांकि भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने यह भी कहा कि किसानों के आंदोलन का आंदोलन किसी एक पार्टी के खिलाफ नहीं है।
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