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मीरापुर में वोटों के बंटवारे पर टिका सबका गणित
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मुजफ्फरनगर। मीरापुर विधानसभा में वोटों के बंटवारे पर नतीजे टिके हैं। प्रत्याशी और उनके समर्थक खूब गुणाभाग कर रहे हैं। मुस्लिम और अति पिछड़ा वर्ग के मतों में बंटवारे को लेकर सबके अपने-अपने दावे हैं। पिछले चुनाव में सिर्फ 193 वोटों के अंतर से यहां भाजपा की जीत हुई थी, जिस कारण इस बार भी कड़ा इम्तिहान होने जा रहा है।
बसपा के उम्मीदवार मोहम्मद सालिम और कांग्रेस से पूर्व विधायक मौलाना जमील कासमी ने चुनाव लड़ा है। दोनों कितने वोट हासिल कर पाते हैं, इस पर भाजपा की निगाह रहेगी। मुस्लिम मतों में अगर बिखराव हुआ तो भाजपा को लाभ हो सकता है।
भाजपा प्रत्याशी प्रशांत गुर्जर के सामने भी चुनाव बड़ी चुनौती है। पिछले चुनाव में यहां से भाजपा के अवतार भड़ाना विधायक चुने गए थे। गठबंधन के प्रत्याशी चंदन चौहान के समर्थकों का दावा है कि अति पिछड़ा वर्ग के भी बड़ी संख्या में वोट मिले हैं।
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2012 के चुनाव में बसपा के टिकट पर मौलाना जमील अनुसूचित जाति और मुस्लिम समीकरण से विधायक बन गए थे। मुस्लिम मतों के बंटवारे पर भाजपा की निगाह टिकी है। इसके अलावा भाजपा की नजर पिछड़े और अति पिछड़े वोट बैंक के साथ जाटों और गुर्जरों में सेंधमारी पर भी है।
जब 2017 में यहां हुआ कांटे का मुकाबला
पार्टी प्रत्याशी वोट
भाजपा अवतार भड़ाना 69035
सपा लियाकत अली 68842
बसपा नवाजिश आलम 39689
रालोद मिथलेश पाल 22751
इस तरह हुआ मीरापुर में मतदान
कुल मतदान 215955
पुरुष मतदाता 115036
महिला मतदाता 100917
सीट का इतिहास
परिसीमन के बाद 2012 में मीरापुर विधानसभा सीट बनाई गई थी। इससे पहले मोरना के नाम से सीट थी। जानसठ सुरक्षित सीट का कुछ हिस्सा मीरापुर में शामिल किया गया, जबकि अधिकतर हिस्सा खतौली विधानसभा में शामिल हुआ।
मोहम्मद सालिम (29), बसपा
चंदन चौहान (33), रालोद
प्रशांत गुर्जर (57), भाजपा
मौलाना जमील (60), कांग्रेस
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बसपा के उम्मीदवार मोहम्मद सालिम और कांग्रेस से पूर्व विधायक मौलाना जमील कासमी ने चुनाव लड़ा है। दोनों कितने वोट हासिल कर पाते हैं, इस पर भाजपा की निगाह रहेगी। मुस्लिम मतों में अगर बिखराव हुआ तो भाजपा को लाभ हो सकता है।
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भाजपा प्रत्याशी प्रशांत गुर्जर के सामने भी चुनाव बड़ी चुनौती है। पिछले चुनाव में यहां से भाजपा के अवतार भड़ाना विधायक चुने गए थे। गठबंधन के प्रत्याशी चंदन चौहान के समर्थकों का दावा है कि अति पिछड़ा वर्ग के भी बड़ी संख्या में वोट मिले हैं।
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2012 के चुनाव में बसपा के टिकट पर मौलाना जमील अनुसूचित जाति और मुस्लिम समीकरण से विधायक बन गए थे। मुस्लिम मतों के बंटवारे पर भाजपा की निगाह टिकी है। इसके अलावा भाजपा की नजर पिछड़े और अति पिछड़े वोट बैंक के साथ जाटों और गुर्जरों में सेंधमारी पर भी है।
जब 2017 में यहां हुआ कांटे का मुकाबला
पार्टी प्रत्याशी वोट
भाजपा अवतार भड़ाना 69035
सपा लियाकत अली 68842
बसपा नवाजिश आलम 39689
रालोद मिथलेश पाल 22751
इस तरह हुआ मीरापुर में मतदान
कुल मतदान 215955
पुरुष मतदाता 115036
महिला मतदाता 100917
सीट का इतिहास
परिसीमन के बाद 2012 में मीरापुर विधानसभा सीट बनाई गई थी। इससे पहले मोरना के नाम से सीट थी। जानसठ सुरक्षित सीट का कुछ हिस्सा मीरापुर में शामिल किया गया, जबकि अधिकतर हिस्सा खतौली विधानसभा में शामिल हुआ।
मोहम्मद सालिम (29), बसपा
चंदन चौहान (33), रालोद
प्रशांत गुर्जर (57), भाजपा
मौलाना जमील (60), कांग्रेस